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General Science
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों की आनुवंशिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ABO रक्त समूह प्रणाली की वंशागति सह-प्रभाविता (Codominance) और बहुयुग्मविकल्पी (Multiple allelism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें 'I' जीन के तीन एलील ($I^A$, $I^B$, और $i$) होते हैं, और जब $I^A$ तथा $I^B$ दोनों एक साथ उपस्थित होते हैं, तो वे दोनों अपनी स्वतंत्र अभिव्यक्ति के कारण 'AB' रक्त समूह बनाते हैं।
- 2. 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटalis' (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) पिता और Rh-ऋणात्मक (Rh-) माता की पहली संतान Rh-धनात्मक होती है, जिसके कारण प्रसव के दौरान माता के शरीर में Rh-प्रतिरक्षी (Antibodies) विकसित हो जाते हैं जो अगली गर्भधारण में भ्रूण के लाल रक्त कणिकाओं को नष्ट कर सकते हैं।
- 3. रक्त प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले प्रतिपिंड (Antibodies) प्रोटीन प्रकृति के होते हैं जिनका निर्माण यकृत की कोशिकाओं द्वारा किया जाता है, जबकि लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर मौजूद एंटीजन (Agglutinogens) ग्लाइकोलिपिड या ग्लाइकोप्रोटीन के बने होते हैं।
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि ABO रक्त समूह प्रणाली बहुयुग्मविकल्पी (Multiple allelism) और सह-प्रभाविता (Codominance) को दर्शाती है, जहाँ $I^A$ और $I^B$ दोनों एलील समान रूप से प्रभावी होते हैं। कथन 2 सही है, यह हीमोलिटिक बीमारी (Erythroblastosis fetalis) का मानक विवरण है जो Rh असंगति के कारण होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि प्लाज्मा में उपस्थित प्राकृतिक एंटीबॉडीज (प्रतिपिंड) का संश्लेषण मुख्य रूप से बी-लिम्फोसाइट्स (प्लाज्मा कोशिकाओं) द्वारा किया जाता है, न कि यकृत द्वारा। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये पौधे मृदा में उगते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं।
2. प्रकाश संश्लेषण के दौरान चक्रीय फोटोफास्फोरिलेशन (Cyclic photophosphorylation) केवल फोटोसिस्टम-I (PS-I) से संबंधित है, जिसमें जल के प्रकाश अपघटन (Photolysis) की आवश्यकता नहीं होती है और इसमें NADPH का निर्माण न होकर केवल ATP का संश्लेषण होता है।
3. 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) एक तनाव हॉर्मोन (Stress hormone) है जो पौधों में जल की कमी के समय रंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है, जबकि 'जिबरेलिन' तने की लंबाई बढ़ाने और आनुवंशिक बौनेपन को दूर करने में सहायता करता है।
4. पादप हॉर्मोन 'साइटोकाइनिन' मुख्य रूप से कोशिकाओं के दीर्घीकरण (Cell elongation) और apical dominance (शिखाग्र प्रमुखता) को बनाए रखने के लिए उत्तरदायी होता है, तथा ऑक्सिन के साथ इसके अनुपात पर पादप अंगों का विभेदन निर्भर करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) में सामान्यतः कमी आती है, जिसका मुख्य कारण प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में क्रमिक वृद्धि होना है, किंतु उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) की वांडर वॉल त्रिज्या उनके सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में अचानक काफी अधिक हो जाती है।
2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी के किसी भी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर इसका ऋणात्मक मान लगातार बढ़ता जाता है (अर्थात इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति अधिक सुगम हो जाती है)।
3. पोलिंग के विद्युतऋणात्मकता (Electronegativity) पैमाने के अनुसार, आवर्त सारणी में फ्लोरीन की विद्युतऋणात्मकता सबसे अधिक होती है, जबकि सीसियम (Cesium) या फ्रांसियम की विद्युतऋणात्मकता न्यूनतम होती है।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के प्रभावस्वरूप 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफनियम, Hf) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ अपने ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) की लगभग समान हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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अम्ल स्वाद?
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत लेंसों, दर्पणों और अपवर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की प्रकृति बदल जाती है और वह अभिसारी (Converging) के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
2. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) और उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) के बीच का संबंध $f = R/2$ होता है, और यह संबंध केवल वायु या निर्वात में ही मान्य है; यदि दर्पण को पानी में डुबो दिया जाए, तो उसकी फोकस दूरी का मान बदल जाता है।
3. वायु के सापेक्ष किसी पारदर्शी माध्यम का अपवर्तनांक उस माध्यम में प्रकाश की चाल और निर्वात में प्रकाश की चाल का अनुपात होता है, तथा सघन माध्यम में प्रवेश करने पर प्रकाश की तरंगदैर्ध्य और वेग दोनों घट जाते हैं जबकि आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है।
4. संपर्क में रखे दो पतले लेंसों की संयुक्त क्षमता अलग-अलग लेंसों की क्षमताओं के बीजगणितीय योग के बराबर होती है ($P = P_1 + P_2$), बशर्ते दोनों लेंसों के बीच की दूरी शून्य हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सोडियम और पोटैशियम जैसी अत्यधिक प्रतिक्रियाशील धातुएँ मिट्टी के तेल (Kerosene) में डुबोकर रखी जाती हैं क्योंकि हवा के संपर्क में आने पर ये कमरे के तापमान पर ही स्वतः प्रज्वलित होकर जल उठती हैं।
2. 'एक्वा रेजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का 3:1 के अनुपात में एक ताज़ा मिश्रण होता है, जो स्वर्ण और प्लेटिनम जैसी उत्कृष्ट (Noble) धातुओं को भी घोलने की क्षमता रखता है।
3. सफेद फास्फोरस (White phosphorus) अत्यधिक अभिक्रियाशील और विषैला होता है, जो पानी में घुलनशील होने के कारण पानी के नीचे संग्रहित किया जाता है और अंधेरे में चमकने का गुण (Phosphorescence) प्रदर्शित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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