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General Science
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मानव शरीर में प्रतिरक्षी (Antibodies) मुख्य रूप से किस प्रकार के जैव-अणुओं से निर्मित होते हैं और इनका संश्लेषण किस प्रकार की श्वेत रक्त कोशिकाओं द्वारा किया जाता है?

Detailed Explanation

प्रतिरक्षी (Antibodies) जिन्हें इम्युनोग्लोबुलिन (Immunoglobulins - Ig) भी कहा जाता है, ग्लाइकोप्रोटीन (मुख्यतः प्रोटीन) प्रकृति के होते हैं। इनका उत्पादन और स्राव विशेष प्रकार की श्वेत रक्त कोशिकाओं, जिन्हें प्लाज्मा कोशिकाएं (Plasma cells) कहा जाता है, द्वारा किया जाता है। ये प्लाज्मा कोशिकाएं परिपक्व बी-लिम्फोसाइट्स (B-lymphocytes) से विकसित होती हैं जो शरीर में प्रवेश करने वाले बाहरी एंटीजन (रोगाणुओं) के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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ध्वनि तरंगों के संचरण और भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी माध्यम में ध्वनि की चाल माध्यम की प्रत्यास्थता (Elasticity) के वर्गमूल के अनुक्रमानुपाती और माध्यम के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, यही कारण है कि हाइड्रोजन गैस में ध्वनि की चाल ऑक्सीजन गैस की तुलना में अधिक होती है। 2. 'अनुनाद' (Resonance) की परिघटना तब घटित होती है जब किसी वस्तु पर आरोपित बाहरी आवर्ती बल की आवृत्ति उस वस्तु की स्वाभाविक आवृत्ति (Natural frequency) के बराबर हो जाती है, जिससे आयाम में अत्यधिक वृद्धि होती है। 3. जब ध्वनि तरंगें एक माध्यम से दूसरे माध्यम में अपवर्तित होती हैं, तो उनकी चाल और तरंगदैर्ध्य दोनों बदल जाते हैं, परंतु उनकी आवृत्ति (Frequency) अपरिवर्तित रहती है। 4. श्रव्यता की परास से अधिक आवृत्ति वाली 'पराश्रव्य तरंगें' (Ultrasound) हवा की तुलना में निर्वात में अत्यंत तीव्र गति से संचरण करती हैं क्योंकि निर्वात में कणों का कोई प्रतिरोध नहीं होता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? आवर्त सारणी के तत्वों के विभिन्न आवर्ती गुणों और रासायनिक प्रवृत्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी परमाणु की 'द्वितीय आयनन एन्थैल्पी' (Second Ionization Enthalpy) का मान हमेशा उसकी 'प्रथम आयनन एन्थैल्पी' से अधिक होता है, क्योंकि उदासीन परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन निकल जाने के बाद बचे हुए इलेक्ट्रॉनों पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ जाता है और आकार छोटा हो जाता है। 2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान सभी हैलोजन तत्वों में क्लोरीन के लिए सर्वाधिक ऋणात्मक होता है, न कि फ्लोरीन के लिए, जिसका मुख्य कारण फ्लोरीन के बहुत छोटे आकार के कारण आने वाले अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन पर होने वाला अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षण (Interelectronic repulsion) है। 3. आधुनिक आवर्त सारणी में 'लैंथेनाइड आकुंचन' (Lanthanoid Contraction) के प्रभावस्वरूप, छठी अवधि के संक्रमण तत्वों (जैसे Hafnium) की परमाणु त्रिज्या और रासायनिक गुण पाँचवीं अवधि के उनके ठीक ऊपर वाले तत्वों (जैसे Zirconium) की तुलना में भिन्न हो जाते हैं और कोई समानता नहीं दर्शाते। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? विद्युत चुंबकीय प्रेरण और चुम्बकत्व (Magnetism and Electromagnetic Induction) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के अनुक्रमानुपाती होता है, और यही नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का पालन करता है। 2. 'लेंज का नियम' (Lenz's law) यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है, और यह परिघटना भौतिक रूप से 'ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत' (Conservation of energy) पर आधारित है। 3. जब किसी चालक को किसी एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में गति कराया जाता है, तो चालक के सिरों पर उत्पन्न प्रेरित विद्युत वाहक बल चालक की लंबाई, चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता और उनके बीच की आपेक्षिक गति के गुणनफल के बराबर होता है, बशर्ते तीनों परस्पर लंबवत हों। 4. स्वप्रेरकत्व (Self-inductance) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह कुंडली से गुजरने वाली धारा के मान में होने वाले परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका मात्रक 'वेबर प्रति ऐम्पियर' या 'हेनरी' होता है, जो चुंबकीय फ्लक्स और धारा के अनुपात को व्यक्त करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? विभवांतर? धातुओं के निष्कर्षण (Metallurgical Processes), संक्षारण (Corrosion) और उनके रासायनिक यौगिकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कॉपर पाइराइट्स ($CuFeS_2$) के प्रगालन (Smelting) के दौरान बनने वाला 'मैट' (Matte) मुख्य रूप से क्यूप्रस सल्फाइड ($Cu_2S$) और फेरस सल्फाइड ($FeS$) का मिश्रण होता है, जिसमें से आयरन की अशुद्धियों को हटाने के लिए सिलिका ($SiO_2$) को गलनक (Flux) के रूप में मिलाया जाता है। 2. 'थर्माइट वेल्डिंग' (Thermite Welding) में फेरिक ऑक्साइड ($Fe_2O_3$) का अपचयन एल्युमिनियम चूर्ण द्वारा किया जाता है, जो एक अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया है और इसमें पिघला हुआ लोहा रेल की पटरियों की दरारों को भरने के काम आता है। 3. लोहे पर जंग लगने की रासायनिक परिघटना एक विद्युत-रासायनिक प्रक्रिया है, जिसमें एनोड पर लोहे का ऑक्सीकरण होकर $Fe^{2+}$ आयन बनते हैं, जबकि कैथोड पर ऑक्सीजन का अपचयन होता है और इसके निवारण के लिए 'गेल्वेनीकरण' प्रक्रिया के तहत लोहे के ऊपर जस्ते (Zinc) की परत चढ़ाई जाती है। 4. सान्द्र नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) एल्युमिनियम धातु के साथ अभिक्रिया करके उसकी सतह पर एल्युमिनियम ऑक्साइड की एक निष्क्रिय (Passive) परत का निर्माण करता है, जिसके कारण एल्युमिनियम के बर्तन में नाइट्रिक अम्ल का भंडारण नहीं किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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