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General Science
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र और उससे स्रावित होने वाले हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हाइपोथैलेमस द्वारा उत्पादित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीपित करता है ताकि वह ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) का स्रावण कर सके।
- 2. अधिवृक्क वल्कल (Adrenal Cortex) द्वारा स्रावित 'एल्डोस्टेरोन' एक मिनरलोकोर्टिकोइड है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनravososhana (पुनअवशोषण) को बढ़ाता है तथा पोटेशियम और फॉस्फेट आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है।
- 3. थायराइड ग्रंथि की फोलिक्युलर कोशिकाएँ 'कैल्सीटोनिन' हॉर्मोन का स्रावण करती हैं, जो रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है, जबकि पैराथाइराइड हॉर्मोन (PTH) रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करता है।
- 4. पीनियल ग्रंथि द्वारा स्रावण किया जाने वाला 'मेलटोनिन' हॉर्मोन शरीर की दैनिक (डिफ्यूज़्ड/सर्कैडियन) लय को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और निद्रा-जागने के चक्र के साथ-साथ शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मानव अंतःस्रावी तंत्र विभिन्न वाहिकाहीन ग्रंथियों से मिलकर बना होता है जो हॉर्मोन्स का स्रावण करती हैं। कथन 1 सही है क्योंकि हाइपोथैलेमस से स्रावित GnRH अग्र पीयूष ग्रंथि को गोनाडोट्रोपिन (LH और FSH) जारी करने के लिए प्रेरित करता है। कथन 2 सही है; एल्डोस्टेरोन मुख्य मिनरलोकोर्टिकोइड है जो वृक्क द्वारा $Na^+$ और जल के पुनअवशोषण को नियंत्रित करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'कैल्सीटोनिन' हाइपोकैल्सेमिक हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्शियम स्तर को **घटाता** है, जबकि पैराथाइराइड हॉर्मोन (PTH) हाइपरकैल्सेमिक होता है यानी रक्त में कैल्शियम स्तर को बढ़ाता है। कथन 4 सही है, पाइनियल ग्रंथि द्वारा स्रावित मेलाटोनिन शरीर की सर्काडियन लय (24 घंटे का चक्र) को विनियमित करने में मदद करता है।
Related Questions
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आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों में प्रकाश संश्लेषण के कैल्विन चक्र (C3 चक्र) और C4 पौधों की आंतरिक शारीरिकी (Kranz anatomy) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. C3 पौधों में प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड का प्रथम स्थायी उत्पाद 3-कार्बन यौगिक (3-Phosphoglyceric acid) होता है, और इसमें RuBisCO एंजाइम कार्बोक्सिलेशन के साथ-साथ ऑक्सीजनेशन (Photorespiration) की क्रिया भी उत्प्रेरित करता है।
2. C4 पौधों में 'क्रान्ज शारीरिकी' (Kranz anatomy) पाई जाती है, जहाँ पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में PEP carboxylase एंजाइम द्वारा $CO_2$ का स्थिरीकरण होता है, जिससे मैलिक एसिड या ऑक्जेलोएसेटिक एसिड बनता है जो बाद में पूch-आच्छद (Bundle sheath) कोशिकाओं में स्थानांतरित हो जाता है।
3. प्रकाश श्वसन (Photorespiration) एक ऊर्जा-व्यर्थ करने वाली प्रक्रिया है जो C3 पौधों में उच्च प्रकाश तीव्रता, कम $CO_2$ और उच्च $O_2$ सांद्रता के कारण होती है, जबकि C4 पौधों में इस प्रक्रिया का अभाव होता है क्योंकि उनमें RuBisCO उच्च $CO_2$ सांद्रता वाले क्षेत्र में रहता है।
4. पादप हार्मोन 'साइटोकाइनिन' (Cytokinin) और 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) दोनों प्रकाश संश्लेषण को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं, जहाँ साइटोकाइनिन क्लोरोफिल के क्षس को रोकता है और हरित लवक के विकास को प्रेरित करता है, जबकि एब्सिसिक एसिड पर्णरंध्रों को खोलकर $CO_2$ के प्रवेश को अधिकतम करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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धातुओं का राजा किसे कहा जाता है?
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चुम्बकत्व और विद्युत चुंबकीय प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी पदार्थ की चुम्बकीय प्रवृत्ति ($X$) का मान ताप पर निर्भर करता है; क्यूरी-वाइस नियम के अनुसार, अनुचुम्बकीय (Paramagnetic) पदार्थों की चुम्बकीय प्रवृत्ति निरपेक्ष ताप के व्युत्क्रमानुपाती होती है, बशर्ते तापमान क्यूरी ताप से अधिक हो।
2. प्रतिचुम्बकीय (Diamagnetic) पदार्थों में चुम्बकीय प्रवृत्ति का मान ऋणात्मक और ताप पर लगभग स्वतंत्र होता है, और जब इन्हें बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है, तो ये क्षेत्र के विपरीत दिशा में दुर्बल रूप से प्रतिकर्षित होते हैं।
3. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी बंद कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल का परिमाण उस कुंडली से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
4. भंवर धाराएँ (Eddy currents) किसी चालक के भीतर तब उत्पन्न होती हैं जब उसे परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनका उपयोग चुम्बकीय ब्रेकिंग (Magnetic braking) तथा प्रेरण भट्टी (Induction furnace) जैसी तकनीकों में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम, रोगजनकों तथा उनके निदान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटनेस' (Tetanus) एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी (Clostridium tetani) के बीजाणुओं द्वारा होता है, और इसके विषैले एक्सोटॉक्सिन (टिटेनोस्पासमिन) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके कंकाल पेशियों में दीर्घकालिक अनैच्छिक संकुचन (Spasms) उत्पन्न करते हैं।
2. 'एड्स' (AIDS) का कारक ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) एक रेट्रोवाइरस है जिसमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में एकल-रज्जुक डीएनए (Single-stranded DNA) पाया जाता है, जो मुख्य रूप से शरीर की $CD4^+$ सहायक टी-कोशिकाओं को संक्रमित करता है।
3. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy) जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, माइकोबैक्टीरियम लेप्री के कारण होता है, जो एक अंतःकोशिकीय जीवाणु है और मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं, त्वचा तथा ऊपरी श्वसन पथ के ऊतकों को प्रभावित करता है।
4. 'कालाजार' (Kala-azar) या विसरल लीशमैनियासिस एक प्रोटोजोआ जनित रोग है, जिसका संचरण 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी - Phlebotomus) द्वारा होता है, और यह परजीवी मुख्य रूप से मानव शरीर की यकृत, प्लीहा और अस्थि मज्जा की रेटिकुलोएन्डोथेलियल कोशिकाओं में गुणन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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