BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
10 views

पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें संवहन ऊतक (Xylem and Phloem) पूर्णतः अनुपस्थित होते हैं।
  2. 2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की 'कैल्विन चक्र' क्रिया बंडल शीथ कोशिकाओं (Bundle sheath cells) के भीतर होती है, और इनमें प्राथमिक $CO_2$ ग्राही मैलिक अम्ल होता है जबकि मेसोफिल कोशिकाओं में यह कार्य PEP carboxylase द्वारा किया जाता है।
  3. 3. 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) एक तनाव हॉर्मोन है जो रंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है, जबकि 'जिब्रेलिन' (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्वसंधि (Internode) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि ब्रायोफाइट्स को पादप जगत के उभयचर कहा जाता है क्योंकि इन्हें यौन जनन के लिए पानी की आवश्यकता होती है और इनमें वास्तविक संवहन ऊतक नहीं पाए जाते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि C4 पौधों में प्राथमिक $CO_2$ ग्राही फॉस्फोइनोलपाइरुवेट (PEP) होता है, न कि मैलिक अम्ल (मैलिक अम्ल और ऑक्सालोएसेटिक एसिड इसके मध्यवर्ती उत्पाद हैं)। कथन 3 सही है क्योंकि एब्सिसिक एसिड (ABA) को तनाव हॉर्मोन कहा जाता है जो सूखे की स्थिति में रंध्रों को बंद करता है, तथा जिब्रेलिन पर्वसंधियों के दीर्घीकरण द्वारा तने की वृद्धि को उत्तेजित करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

दर्पण? विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों और उत्प्रेरण (Catalysis) की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, जो कि राऊल्ट के नियम का सीधा अनुप्रयोग है। 2. 'वांट-हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों के वियोजन की स्थिति में एक से अधिक ($i > 1$) होता है, जबकि संगुणन की स्थिति में इसका मान एक से कम ($i < 1$) होता है। 3. 'विषमांगी उत्प्रेरण' (Heterogeneous Catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न-भिन्न भौतिक अवस्थाओं में होते हैं, और इस प्रक्रम का मुख्य चरण उत्प्रेरक की सतह पर अभिकारकों का अधिशोषक (Adsorption) होता है। 4. 'धनात्मक उत्प्रेरक' रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) के मान को बढ़ा देता है, जिससे अभिक्रिया की दर तीव्र हो जाती है और साम्यावस्था का मान भी बदल जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पदार्थ के सामान्य गुणों — पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी द्रव की श्यानता (Viscosity) उसकी विभिन्न परतों के बीच होने वाली सापेक्षिक गति का विरोध करने वाला आंतरिक घर्षण बल है, और ताप में वृद्धि होने पर जहाँ द्रवों की श्यानता घट जाती है, वहीं गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ जाती है। 2. 'केशिकत्व' (Capillarity) की परिघटना मुख्य रूप से द्रव के अणुओं के बीच लगने वाले ससंजक बल (Cohesive force) और द्रव तथा ठोस नली की दीवार के बीच लगने वाले आसंजक बल (Adhesive force) के पारस्परिक अंतर पर निर्भर करती है, जिसके कारण काँच की नली में जल ऊपर चढ़ता है जबकि पारा नीचे की ओर दब जाता है। 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर एक ऊर्ध्वगामी उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, जिसका केंद्र हटाए गए तरल के आयतन के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' (Center of Buoyancy) कहते हैं। 4. यदि कोई ठोस वस्तु किसी द्रव में तैर रही है, तो वस्तु का कुल भार उसके द्वारा विस्थापित द्रव के भार से अधिक होता है, और वस्तु का गुरुत्व केंद्र तथा उत्प्लावन केंद्र हमेशा एक ही क्षैतिज रेखा पर स्थित होने पर ही वह स्थायी संतुलन में रहती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पादप जगत के वर्गीकरण और पादप हारमोन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians) कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं। 2. जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी) पौधों में बीज नग्न होते हैं क्योंकि इनमें अंडाशय भित्ति नहीं पाई जाती है, किंतु इन पौधों में द्वितीयक वृद्धि (Secondary growth) का पूर्ण अभाव होता है। 3. जिबरेलिन ($GA_3$) एक अम्लीय पादप हॉर्मोन है जो तने की लंबाई में वृद्धि, आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्णवृंत दीर्गीकरण और अंगूर के डंठल को लंबा करने में सहायता करता है, साथ ही यह बीज प्रसुप्ति (Seed dormancy) को तोड़कर अंकुरण को प्रेरित करता है। 4. ऑक्सिन (जैसे IAA और IBA) का मुख्य संश्लेषण स्थान प्ररोह (Shoot) और जड़ के अग्रभाग का शीर्ष भाग है, और यह पौधों में 'शीर्ष प्रमुखता' (Apical dominance) को बढ़ावा देता है जबकि पार्श्व कलियों की वृद्धि को संदमित करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म (Electron pair) को ग्रहण कर सकती हैं, जबकि लुईस क्षार (Lewis base) इलेक्ट्रॉन युग्म दान करने वाले दाता होते हैं। 2. 'बफर विलयन' (Buffer solution) वे जलीय विलयन होते हैं जो बाहर से थोड़ी मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाए जाने पर अपने pH मान में होने वाले परिवर्तन का प्रबल विरोध करते हैं, और अम्लीय बफर का एक उत्कृष्ट उदाहरण एसिटिक अम्ल तथा सोडियम एसिटेट का मिश्रण है। 3. आयनिक यौगिकों में धनायन और ऋणायन के बीच मजबूत स्थिरवैद्युत आकर्षण बल (Electrostatic force) कार्य करता है, जिसके कारण ठोस अवस्था में ये विद्युत के सुचालक होते हैं जबकि गलित अवस्था या जलीय विलयन में विद्युत चालन करने में असमर्थ हो जाते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.