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General Science
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पदार्थ के सामान्य गुणों — पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी द्रव की श्यानता (Viscosity) उसकी विभिन्न परतों के बीच होने वाली सापेक्षिक गति का विरोध करने वाला आंतरिक घर्षण बल है, और ताप में वृद्धि होने पर जहाँ द्रवों की श्यानता घट जाती है, वहीं गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ जाती है।
- 2. 'केशिकत्व' (Capillarity) की परिघटना मुख्य रूप से द्रव के अणुओं के बीच लगने वाले ससंजक बल (Cohesive force) और द्रव तथा ठोस नली की दीवार के बीच लगने वाले आसंजक बल (Adhesive force) के पारस्परिक अंतर पर निर्भर करती है, जिसके कारण काँच की नली में जल ऊपर चढ़ता है जबकि पारा नीचे की ओर दब जाता है।
- 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर एक ऊर्ध्वगामी उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, जिसका केंद्र हटाए गए तरल के आयतन के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' (Center of Buoyancy) कहते हैं।
- 4. यदि कोई ठोस वस्तु किसी द्रव में तैर रही है, तो वस्तु का कुल भार उसके द्वारा विस्थापित द्रव के भार से अधिक होता है, और वस्तु का गुरुत्व केंद्र तथा उत्प्लावन केंद्र हमेशा एक ही क्षैतिज रेखा पर स्थित होने पर ही वह स्थायी संतुलन में रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि तापमान में वृद्धि होने पर द्रवों की श्यानता घट जाती है (क्योंकि अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ने से अंतरआणविक बल कमजोर होते हैं), जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ जाती है (क्योंकि गैसों में संवेग स्थानांतरण बढ़ जाता है)। कथन 1 में गैसों की श्यानता घटने का दावा किया गया है जो गलत है। कथन 2 सत्य है; केशिकत्व आसंजक और ससंजक बलों का परिणाम है। जल के लिए आसंजक बल ससंजक बल से अधिक होता है, जिससे वह ऊपर चढ़ता है (नमी या उत्तल मेनिस्कस), जबकि पारे के लिए ससंजक बल अधिक होने से वह नीचे दब जाता है। कथन 3 पूरी तरह सत्य है; उत्प्लावन बल विस्थापित तरल के भार के बराबर होता है और यह विस्थापित आयतन के गुरुत्व केंद्र यानी उत्प्लावन केंद्र पर कार्य करता है। कथन 4 असत्य है क्योंकि तैरती हुई वस्तु के लिए वस्तु का कुल भार विस्थापित द्रव के भार के बिल्कुल बराबर होता है (तभी वह तैरती है)। इस विषय की विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
Related Questions
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम, रोगजनकों तथा उनके निदान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटनेस' (Tetanus) एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी (Clostridium tetani) के बीजाणुओं द्वारा होता है, और इसके विषैले एक्सोटॉक्सिन (टिटेनोस्पासमिन) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके कंकाल पेशियों में दीर्घकालिक अनैच्छिक संकुचन (Spasms) उत्पन्न करते हैं।
2. 'एड्स' (AIDS) का कारक ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) एक रेट्रोवाइरस है जिसमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में एकल-रज्जुक डीएनए (Single-stranded DNA) पाया जाता है, जो मुख्य रूप से शरीर की $CD4^+$ सहायक टी-कोशिकाओं को संक्रमित करता है।
3. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy) जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, माइकोबैक्टीरियम लेप्री के कारण होता है, जो एक अंतःकोशिकीय जीवाणु है और मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं, त्वचा तथा ऊपरी श्वसन पथ के ऊतकों को प्रभावित करता है।
4. 'कालाजार' (Kala-azar) या विसरल लीशमैनियासिस एक प्रोटोजोआ जनित रोग है, जिसका संचरण 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी - Phlebotomus) द्वारा होता है, और यह परजीवी मुख्य रूप से मानव शरीर की यकृत, प्लीहा और अस्थि मज्जा की रेटिकुलोएन्डोथेलियल कोशिकाओं में गुणन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रोगों, उनके संचरण के माध्यम और उनके उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वाइन फ्लू (H1N1) एक संक्रामक वायरल श्वसन रोग है जो मुख्य रूप से ड्रॉपलेट इन्फेक्शन के माध्यम से फैलता है, और इसके उपचार के लिए 'ओसेल्टामिविर' (Oseltamivir) जैसी एंटीवायरल दवा का उपयोग किया जाता है।
2. जापानी एन्सेफलाइटिस (Japanese Encephalitis) एक विषाणुजनित मस्तिष्क ज्वर है जिसका संचरण मुख्य रूप से 'मानसनिया' या 'क्यूलैक्स' प्रजाति की संक्रमित मादा मच्छरों के काटने से होता है, और यह सूअर तथा पक्षी जैसे कशेरुकी जीवों में प्रचुर मात्रा में पनपता है।
3. ट्रिकोफाइटन (Trichophyton) प्रजाति के कवक मानव में 'दाद' (Ringworm) रोग का कारण बनते हैं, जो त्वचा पर खुजलीदार चकत्ते उत्पन्न करते हैं, और इनके संक्रमण के निवारण के लिए फ्लूकोनाजोल या क्लोट्रिमजोल जैसी एंटीफंगल औषधियां दी जाती हैं।
4. रेबीज (Hydrophobia) एक जीवाणु जनित घातक रोग है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, और इसका संक्रमण संक्रमित कुत्ते या बिल्ली के लारयुक्त काटने के घाտ के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों, परासरण दाब और उत्प्रेरण के विशेष संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्यक गुणधर्म है जो विलयन में उपस्थित अवाष्पशील विलेय के मोल अंश के सीधे समानुपाती होता है, बशर्ते विलयन अत्यंत तनु हो।
2. बर्कले-हार्टले विधि (Berkeley-Hartle method) द्वारा परासरण दाब ज्ञात करने की प्रक्रिया में पिस्टन पर लगाया जाने वाला बाहरी दाब विलयन के परासरण दाब से कम होता है, जिससे विलायक के अणुओं की गति विपरीत दिशा में शुरू हो जाती है।
3. 'जिग्लर-नाटा उत्प्रेरक' (Ziegler-Natta catalyst), जो टाइटेनियम टेट्राक्लोराइड और ट्राइऐथिलऐलुमिनियम का मिश्रण है, एक विषमांग उत्प्रेरक का उत्कृष्ट उदाहरण है जिसका उपयोग उच्च घनत्व वाले पॉलीइथिलीन (HDPE) के बहुलकीकरण में किया जाता है।
4. एंजाइम उत्प्रेरण अत्यधिक विशिष्ट प्रकृति के होते हैं और इनकी उत्प्रेरकीय सक्रियता एक निश्चित इष्टतम तापमान (Optimum temperature) तथा इष्टतम pH मान पर अधिकतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके प्रमुख यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भर्जन' (Roasting) की प्रक्रिया में अयस्क को वायु की अत्यधिक मात्रा की उपस्थिति में उसके गलनांक से नीचे के तापमान पर गर्म किया जाता है, जिसका मुख्य उपयोग मुख्य रूप से सल्फाइड अयस्कों को उनके संगत ऑक्साइडों में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है।
2. सोडियम धातु को अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होने के कारण केरोसिन तेल के नीचे संग्रहित किया जाता है, जबकि सफेद फास्फोरस को खुली हवा में रखने पर वह स्वतः प्रज्वलित हो जाता है, इसलिए उसे सुरक्षित रखने के लिए जल के भीतर डुबोकर रखा जाता है।
3. 'थर्माइट प्रक्रम' (Thermite process) में एल्युमिनियम पाउडर का उपयोग अपचायक के रूप में किया जाता है, जो आयरन (III) ऑक्साइड जैसे धातु ऑक्साइडों को अत्यधिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के माध्यम से अपचयित करके पिघली हुई अवस्था में मुक्त करता है, जिसका उपयोग रेल की पटरियों को जोड़ने में होता है।
4. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हरोल्ट प्रक्रम (Hall-Heroult process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूरोस्पार ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट विलायक का हिमांक कम करने और मिश्रण की विद्युत चालकता बढ़ाने का कार्य करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विटामिन D की कमी से क्या होता है?
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