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General Science
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दर्पण?

Detailed Explanation

परावर्तक।
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हॉर्मोनों के नियंत्रण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पीयूष ग्रंथि के पश्च भाग (Neurohypophysis) से स्रावित 'वैसोप्रेसिन' या 'एंटीडायूरेटिक हॉर्मोन' (ADH) वृक्क नलिकाओं में जल के पुनरअवशोषण को बढ़ाता है, और इस हॉर्मोन की भारी कमी के कारण 'डाइयूरेसिस' (मूत्र की मात्रा में वृद्धि) के साथ-साथ 'डाइबिटीज इंसिपिडस' (Diabetes insipidus) नामक विकार उत्पन्न होता है। 2. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित हॉर्मोन 'थायराक्सिन' ($T_4$) और 'ट्राइआयोडोथायरोनिन' ($T_3$) शरीर की आधारीय चयापचय दर (BMR) को नियंत्रित करते हैं, और इनके संश्लेषण के लिए भोजन में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा होना अनिवार्य है, जिसकी कमी से 'गॉइटर' (घेंघा) रोग हो जाता है। 3. अधिवृक्क ग्रंथि के वल्कुट (Adrenal Cortex) से स्रावित 'एल्डोस्टेरोन' एक मिनरलोकॉर्टिकॉइड है, जो रक्त प्लाज्मा में सोडियम आयनों के स्तर को कम करता है और पोटेशियम आयनों के पुनरअवशोषण को अत्यधिक प्रेरित करता है, जिससे रक्तचाप में भारी गिरावट आती है। 4. पैराथाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाने के लिए हड्डियों के resorption (अवशोषण) को प्रेरित करता है तथा आंतों और वृक्कों द्वारा कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? विद्युत चुंबकीय प्रेरण और चुम्बकत्व (Magnetism and Electromagnetic Induction) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के अनुक्रमानुपाती होता है, और यही नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का पालन करता है। 2. 'लेंज का नियम' (Lenz's law) यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण वह स्वयं उत्पन्न होती है, और यह परिघटना भौतिक रूप से 'ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत' (Conservation of energy) पर आधारित है। 3. जब किसी चालक को किसी एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में गति कराया जाता है, तो चालक के सिरों पर उत्पन्न प्रेरित विद्युत वाहक बल चालक की लंबाई, चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता और उनके बीच की आपेक्षिक गति के गुणनफल के बराबर होता है, बशर्ते तीनों परस्पर लंबवत हों। 4. स्वप्रेरकत्व (Self-inductance) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह कुंडली से गुजरने वाली धारा के मान में होने वाले परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका मात्रक 'वेबर प्रति ऐम्पियर' या 'हेनरी' होता है, जो चुंबकीय फ्लक्स और धारा के अनुपात को व्यक्त करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? एलपीजी (LPG) और सीएनजी (CNG) जैसे ईंधन तथा उनके रासायनिक घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसे उच्च दबाव में आसानी से द्रवीकृत किया जाता है, और सुरक्षा की दृष्टि से इसमें गंध के लिए 'एथिल मर्कैप्टन' ($C_2H_5SH$) मिलाया जाता है। 2. संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) में मुख्य घटक मीथेन होता है, जो वायु की तुलना में हल्का होता है और इसके दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड तथा सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन न्यूनतम होता है, जिससे यह पर्यावरण अनुकूल ईंधन माना जाता है। 3. 'सीटेन संख्या' (Cetane Number) डीजल ईंधन की दहन गुणवत्ता और उसके 'अपस्फोटन-रोधी' (Anti-knocking) गुणों का माप होती है, जिसमें उच्च सीटेन संख्या वाला ईंधन इंजन में तेजी से और सुचारू रूप से प्रज्वलित होता है। 4. पेट्रोलियम शोधन के दौरान भंजक आसवन (Cracking) प्रक्रिया का उपयोग उच्च आणविक द्रव्यमान वाले भारी हाइड्रोकार्बन को कम आणविक द्रव्यमान वाले उपयोगी गैसोलीन में तोड़ने के लिए किया जाता है, जिसमें उच्च तापमान और उत्प्रेरक का उपयोग होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? कृत्रिम उपग्रहों की गति और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा ऋणात्मक होती है, जो इस बात को दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में बंधा हुआ है। 2. यदि पृथ्वी का द्रव्यमान नियत रहे और उसकी त्रिज्या सिकुड़कर आधी हो जाए, तो पृथ्वी की सतह पर किसी वस्तु के पलायन वेग (Escape velocity) का मान बढ़ जाएगा। 3. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary satellite) का परिक्रमण काल पृथ्वी के अपने अक्ष के चारों ओर घूमने के आवर्तकाल के बराबर होता है और इसकी कक्षा की दिशा पश्चिम से पूर्व की ओर होती है। 4. भारहीनता की स्थिति में उपग्रह के भीतर बैठे अंतरिक्ष यात्री पर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करना पूरी तरह बंद हो जाता है, जिसके कारण अंतरिक्ष यात्री शून्य गुरुत्वाकर्षण का अनुभव करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आरएच (Rh) रक्त समूह प्रणाली में, यदि एक Rh-धनात्मक (Rh⁺) भ्रूण का गर्भ धारण करने वाली Rh-ऋणात्मक (Rh⁻) माता को संवेदीकृत (Sensitized) होने से रोकने के लिए प्रसव के तुरंत बाद एंटी-D गामा ग्लोबुलिन (Rh-इम्यून ग्लोबुलिन) नहीं दिया जाता है, तो यह गर्भस्थ शिशु में एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस का कारण बन सकता है। 2. 'बॉम्बे रक्त समूह' ($O_h$) से पीड़ित व्यक्तियों के प्लाज्मा में सामान्य एंटी-A और एंटी-B एंटीबॉडी के साथ-साथ एक शक्तिशाली 'एंटी-H' एंटीबॉडी भी प्राकृतिक रूप से उपस्थित होती है, जिसके कारण वे केवल बॉम्बे रक्त समूह वाले व्यक्ति से ही रक्त प्राप्त कर सकते हैं। 3. एरिथ्रोसाइट्स (RBCs) की सतह पर पाए जाने वाले 'A' और 'B' एंटीजन ग्लाइकोलिपिड या ग्लाइकोप्रोटीन प्रकृति के होते हैं, जिनका संश्लेषण विशिष्ट ग्लाइकोसिलट्रांसफेरेज एंजाइमों द्वारा होता है, जिन्हें 'ABO' जीन लोसस द्वारा कूटबद्ध (Code) किया जाता है। 4. रुधिर स्कंदन (Blood coagulation) की आंतरिक प्रणाली (Intrinsic pathway) की शुरुआत तब होती है जब रक्त वाहिका की क्षति के कारण उपकला के नीचे स्थित ऊतक कारक (Tissue factor या Factor III) रक्त के संपर्क में आता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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