समायोजन एवं रक्षा-युक्तियाँ
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ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरलों तथा वायसराय के कार्यकाल में घटित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं और नीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. लॉर्ड विलियम बेंटिंक - वर्ष 1829 का सती प्रथा निषेध कानून (नियम XVII) तथा ठगी प्रथा का पूर्ण दमन (कर्नल स्लीमैन की सहायता से)।
- 2. लॉर्ड डलहौजी - वर्ष 1856 का 'सामान्य सेवा enlistment अधिनियम' तथा अवध का कुशासन के आधार पर ब्रिटिश साम्राज्य में विलय।
- 3. लॉर्ड लिटन - वर्ष 1878 का वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (Vernacular Press Act) तथा आर्म्स एक्ट (Arms Act) का पारित होना, जिसे 'गैंगिंग एक्ट' भी कहा गया।
- 4. लॉर्ड कर्जन - वर्ष 1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम (Indian Universities Act) तथा प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम का पारित होना।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म पूर्णतः सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी युग्म पूर्णतः सही सुमेलित हैं। लॉर्ड विलियम बेंटिंक के कार्यकाल में 1829 में सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाया गया और ठगी का दमन हुआ। लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल में 1856 में अवध का विलय हुआ और लॉर्ड कैनिंग के समय 'सामान्य सेवा enlistment अधिनियम' आया था, किंतु विलय की नीति डलहौजी की ही थी। लॉर्ड लिटन (1876-1880) के काल में 1878 का वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट और आर्म्स एक्ट आया। लॉर्ड कर्जन (1899-1905) के कार्यकाल में 1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम और प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम पारित हुआ। ऐसे ही महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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पॉल बाल्ट्स (Paul Baltes) के 'जीवन-काल परिप्रेक्ष्य विकास सिद्धांत' (Life-Span Perspective of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'चयनात्मक अनुकूलन के साथ इष्टतम अनुकूलन या चयन, अनुकूलन और क्षतिपूर्ति मॉडल' (SOC Model: Selection, Optimization, and Compensation)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक रूपरेखा के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से व्यक्ति जीवन भर होने वाले जैविक और पर्यावरणीय परिवर्तनों (संसाधनों की कमी) के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए विशिष्ट लक्ष्यों का चयन (Selection) करता है, अपने कौशलों को निखारकर उनका इष्टतम उपयोग करता है (Optimization), और आई हुई क्षतियों या सीमाओं से निपटने के लिए वैकल्पिक रणनीतियों या साधनों का सहारा लेता है (Compensation)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के विकासात्मक समायोजन, लक्ष्य-संचालित अधिगम और व्यक्तिगत रणनीतिक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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रीता और जे. एस. ड्रेवर (Drever) अथवा सामान्य मानसिक स्वास्थ्य विज्ञान (Mental Hygiene) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'असमायोजन और रक्षात्मक युक्तियाँ (विशेषकर युक्तिकरण या रेशनलाइजेशन - Rationalization)'**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी विफलताओं, अवांछनीय व्यवहारों, या आंतरिक संघर्षों को छिपाने या उनसे उत्पन्न होने वाली चिंता से बचने के लिए तार्किक, बौद्धिक रूप से स्वीकार्य लेकिन पूरी तरह से झूठे और मनगढ़ंत बहाने या कारण प्रस्तुत करता है ताकि समाज और स्वयं की नज़रों में उसकी छवि सुरक्षित रह सके (उदाहरणार्थ: 'अंगूर खट्टे हैं' या 'लोमड़ी और खट्टे अंगूर' की कहावत) — के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, तार्किक स्वावलंबन और आत्म-मूल्यांकन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रक्षेपण तकनीक और नैनो-प्रौद्योगिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के प्रक्षेपण वाहनों में उपयोग होने वाले क्रायोजेनिक इंजन (Cryogenic Engine) में तरल हाइड्रोजन को ईंधन के रूप में तथा तरल ऑक्सीजन को ऑक्सीकारक के रूप में अत्यधिक निम्न तापमान पर प्रयोग किया जाता है, जो केवल उच्च थ्रस्ट प्रदान करने वाले उप-कक्षाीय (Sub-orbital) मिशनों के लिए ही अनिवार्य है।
2. 'स्टार्टअप ब्लूप्रिंट' के तहत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित 'स्माल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल' (SSLV) को कम लागत में 500 किलोग्राम तक के उपग्रहों को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित करने के लिए अभिकल्पित किया गया है, तथा इसमें तीव्र टर्नअराउंड समय की खूबी है।
3. नैनो-प्रौद्योगिकी के अंतर्गत कार्बन नैनोट्यूब (Carbon Nanotubes) अपनी उच्च तन्य शक्ति, विद्युत और उष्मीय चालकता के कारण अंतरिक्ष लिफ्ट (Space Elevator) के निर्माण तथा उन्नत कंपोजिट सामग्रियों में अत्यधिक उपयोगी माने जाते हैं।
4. ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) के विपरीत, भारत की स्वदेशी नौवहन प्रणाली 'नाविक' (NavIC) में भू-स्थिर (GEO) और भू-तुल्यकालिक (GSO) कक्षाओं में स्थापित उपग्रहों का संयोजन उपयोग किया जाता है, जो भारतीय मुख्य भूमि और उसके आसपास 1,500 किलोमीटर के दायरे में सटीक स्थिति निर्धारण सेवा प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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नॉर्मन मनूएल (Norman Munn) एवं अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा विश्लेषित **'समायोजन की प्रत्यक्ष विधियाँ' (Direct Methods of Adjustment)** के अंतर्गत प्रतिपादित **'लक्ष्य-विश्लेषण और विकल्प अन्वेषण' (Goal Analysis and Alternative Exploration)** की प्रक्रिया—जिसके तहत कोई व्यक्ति किसी आंतरिक या बाह्य बाधा के कारण उत्पन्न कुंठा (Frustration) की स्थिति में, अपनी विफलता के कारणों का तार्किक, बौद्धिक और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करता है तथा अपने मूल उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए नए वैकल्पिक मार्ग या रणनीतियाँ विकसित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समस्या-समाधान कौशल, संवेगात्मक स्थिरता और रचनात्मक अनुकूलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'व्यक्तित्व की संरचना' (Structure of Personality) में 'अहं रक्षा तंत्र' (Ego Defense Mechanisms) के एक विशिष्ट प्रकार के रूप में वर्णित 'तर्कसंगतीकरण' (Rationalization) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी असफलताओं, अस्वीकार्य व्यवहारों या अनैतिक इच्छाओं को समाज-स्वीकार्य और तार्किक कारणों से ढंकने का प्रयास करता है ताकि वह अपनी आत्म-छवि (Self-Image) और आत्म-सम्मान को मानसिक आघात से बचा सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के रक्षात्मक व्यवहार, मानसिक समायोजन, और तनाव प्रबंधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की संरचनात्मक प्रणाली—'इदम' (Id), 'अहम्' (Ego), और 'पराअहम्' (Superego)—तथा उनके द्वारा वर्णित रक्षा तंत्रों (Defense Mechanisms), विशेष रूप से 'प्रक्षेपण' (Projection), 'प्रतिगमन' (Regression), और 'युक्तिकरण' (Rationalization) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तनाव प्रबंधन तथा भावनात्मक समायोजन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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