आधुनिक भारत के इतिहास में 'संन्यासी विद्रोह' (Sannyasi Rebellion) और अन्य समकालीन आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संन्यासी विद्रोह मुख्य रूप से बंगाल के पूर्णिया, तिरहुत और रंगपुर क्षेत्रों में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की दमनकारी राजस्व नीतियों, तीर्थयात्रा कर लगाने तथा 1770 के भयंकर अकाल के दौरान राहत कार्यों की उपेक्षा के विरुद्ध भड़का था।
- 2. इस विद्रोह में हिंदू संन्यासियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में विस्थापित किसानों, कारीगरों और 'फकीर' कहे जाने वाले मुस्लिम धार्मिक सुधारकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया था, जिनका नेतृत्व मजनू शाह और देवी चौधुरानी जैसे प्रसिद्ध व्यक्तित्वों ने किया था।
- 3. ब्रिटिश गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स ने इस विद्रोह का पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से दमन किया और किसी भी सैन्य बल का प्रयोग किए बिना केवल सामाजिक सुधारों के माध्यम से संन्यासियों को मुख्यधारा में शामिल कर लिया था।
- 4. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का प्रसिद्ध ऐतिहासिक उपन्यास 'आनंदमठ' इसी संन्यासी विद्रोह की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें देशभक्ति का अमर गीत 'वंदे मातरम्' पहली बार सामने आया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। संन्यासी विद्रोह 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध (लगभग 1763-1800 के दौरान) में बंगाल के पूर्णिया, तिरहुत, रंगपुर और ढाका क्षेत्रों में हुआ था। यह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की शोषक भू-राजस्व नीतियों, पारंपरिक तीर्थयात्राओं पर कर लगाने और 1770 के महाकाल में राहत न देने के कारण भड़का था। इस विद्रोह में हिंदू संन्यासियों और सूफी फकीरों (नेतृत्व मजनू शाह, देवी चौधुरानी, भवानी पाठक आदि) ने मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया था। बंकिम चंद्र चटर्जी का उपन्यास 'आनंदमठ' इसी विद्रोह की पृष्ठभूमि पर आधारित है। किंतु कथन 3 असत्य है, क्योंकि वारेन हेस्टिंग्स ने शांतिपूर्ण उपायों से नहीं, बल्कि लॉर्ड कार्नवालिस और अन्य सैन्य अधिकारियों के माध्यम से अत्यधिक कठोर सैन्य कार्रवाई करके इस विद्रोह का दमन किया था। अधिक अभ्यास के लिए हमारी बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।