त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
6 views
भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए विभिन्न प्रमुख डिजिटल पोर्टल, मोबाइल ऐप और ई-शासन पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'उत्सव पोर्टल' (Utsav Portal) पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक ऐसा डिजिटल मंच है जो भारत के विभिन्न त्योहारों, उत्सवों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने तथा उनकी लाइव स्ट्रीमिंग और डिजिटल बुकिंग की सुविधा प्रदान करता है।
- 2. 'ई-संजीवनी' (eSanjeevani) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित देश की पहली राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा है, जिसके माध्यम से ओपीडी (OPD) सेवाओं का डिजिटल लाभ उठाकर मरीज घर बैठे डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
- 3. 'दिशांक ऐप' (Dishaank App), जिसे कर्नाटक सरकार के भूमि रिकॉर्ड विभाग द्वारा विकसित किया गया है, का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके भू-अभिलेखों की डिजिटल प्रति उपलब्ध कराना है, ताकि भूमि विवादों को आसानी से सुलझाया जा सके।
- 4. 'मेरी पहचान' (MeriPhahchan) राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीज़न (NeGD) द्वारा विकसित एक राष्ट्रीय सिंगल साइन-ऑन (Single Sign-On) मंच है, जो नागरिकों को विभिन्न सरकारी ऑनलाइन सेवाओं तक पहुँचने के लिए एक ही डिजिटल पहचान (Credentials) का उपयोग करने की सुविधा देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। 'उत्सव पोर्टल' पर्यटन मंत्रालय द्वारा भारत के त्योहारों और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च किया गया है। 'ई-संजीवनी' भारत सरकार की राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा है जो घर बैठे स्वास्थ्य परामर्श देती है। 'मेरी पहचान' नागरिकों के लिए सिंगल साइन-ऑन राष्ट्रीय मंच है। किंतु कथन 3 असत्य है क्योंकि 'दिशांक ऐप' कर्नाटक सरकार द्वारा भू-अभिलेखों के लिए नहीं, बल्कि मुख्य रूप से जीपीएस (GPS) आधारित तकनीक का उपयोग करके भूमि के सर्वेक्षण और सर्वे नंबरों की सटीक अवस्थिति (Location) की जाँच करने के लिए विकसित किया गया है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
1757 से 1857 के मध्य ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों के विरुद्ध भारत में हुए विभिन्न जन आंदोलनों और जनजातीय विद्रोहों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संन्यासी विद्रोह (1770-1820) बंगाल में मुख्य रूप से धार्मिक नेतृत्व के अंतर्गत हुआ था, जिसमें किसानों, विस्थापित जमींदारों और सैनिकों ने मिलकर ब्रिटिश कंपनी की कोठियों और खजानों पर हमले किए थे, तथा बंकिम चंद्र चटर्जी के प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' का आधार यही विद्रोह बना था।
2. कोल विद्रोह (1831-1832) छोटा नागपुर क्षेत्र (राँची, सिंहभूम, हजारीबाग आदि) में भूमि कर की दरों में वृद्धि और बाहरी लोगों (दिकुओं) द्वारा आदिवासियों के पारंपरिक भूमि अधिकारों के हनन के विरुद्ध हुआ था, जिसका नेतृत्व बुद्धू भगत और जोआ भगत ने किया था।
3. संथाल विद्रोह या 'हूल' (1855-1856) राजमहल पहाड़ियों के दनु-कंटार क्षेत्र में साहूकारों, महाजनों और पुलिस के दमनकारी अत्याचारों के खिलाफ हुआ था, जिसके प्रमुख नेता सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव थे, और इस विद्रोह के बाद अंग्रेजों को 'संथाल परगना' का गठन करना पड़ा था।
4. पागलपंथी विद्रोह एक अर्द्ध-धार्मिक और राजनीतिक आंदोलन था जो असम के कामरूप और गोलपारा क्षेत्र में करम शाह और उनके पुत्र टीपु शाह के नेतृत्व में जमींदारों व ब्रिटिश टैक्स कलेक्टरों के भारी कर उत्पीड़न के खिलाफ संचालित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
केंद्रीय बजट और आर्थिक समीक्षा (Economic Survey) के समसामयिक और राजकोषीय प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वित्तीय वर्ष के केंद्रीय बजट में प्रस्तुत 'राजकोषीय घाटा' (Fiscal Deficit) सरकार की कुल प्राप्तियों (उधार को छोड़कर) और कुल व्यय के बीच का अंतर होता है, जिसका मुख्य उद्देश्य अर्थव्यवस्था में कुल ऋण सृजन की आवश्यकता को इंगित करना है।
2. 'प्रभावी राजस्व घाटा' (Effective Revenue Deficit), राजस्व घाटे में से पूंजीगत परिसंपत्तियों के सृजन के लिए दिए गए अनुदानों को घटाकर निकाला जाता है, जिसे पहली बार वर्ष 2011-12 के केंद्रीय बजट में पेश किया गया था।
3. आर्थिक समीक्षा के अनुसार, भारत सरकार द्वारा 'पूंजीगत व्यय' (Capital Expenditure - Capex) में लगातार की जा रही वृद्धि का मुख्य उद्देश्य दीर्घकालिक आर्थिक विकास को गति देना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना और भीड़भाड़ को कम करके रसद (Logistics) लागत को घटाना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
1858 में महारानी विक्टोरिया की उद्घोषणा कहाँ पढ़ी गई थी?
→
भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की न्यायपालिका व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा, किंतु संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा दो या दो से अधिक राज्यों तथा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक ही साझा उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है।
2. उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायमूर्ति और संबंधित राज्य के राज्यपाल के परामर्श के बाद की जाती है, किंतु किसी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए राज्यपाल से परामर्श करना अनिवार्य नहीं है।
3. अनुच्छेद 233 के अनुसार जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय के परामर्श से की जाती है, और न्यायिक सेवा के अन्य व्यक्तियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय और राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श से नियम बनाकर की जाती है।
4. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए एक अलग उच्च न्यायालय (दिल्ली उच्च न्यायालय) का गठन वर्ष 1966 में किया गया था, जबकि अन्य सभी संघ राज्य क्षेत्रों के मामले में उनके समीपवर्ती राज्यों के उच्च न्यायालयों की अधिकारिता विस्तारित होती है, और किसी भी संघ राज्य क्षेत्र का अपना स्वयं का उच्च न्यायालय नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
पादप आकारिकी (Plant Morphology) और पौधों में जनन (Plant Reproduction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पुष्प एक रूपांतरित प्ररोह (Modified Shoot) है, जिसमें संघनन के कारण अंतरपर्व (Internodes) छोटे हो जाते हैं और पर्वसंधियों (Nodes) पर विभिन्न पुष्पीय अंग चक्रीय रूप से व्यवस्थित होते हैं।
2. आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों में दोहरा निषेचन (Double Fertilization) पाया जाता है, जिसकी खोज एस.जी. नवास्चिन ने की थी; इसमें एक नर युग्मक अंडे की कोशिका से मिलकर युग्मकोद्भिद बनाता है, जबकि दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक से संलयन कर त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक का निर्माण करता है।
3. आलू, अदरक और अरबी जैसे रूपांतरित तने वानस्पतिक जनन के प्रमुख माध्यम हैं, जिनमें क्रमशः आँख (Eyes), प्रकंद (Rhizome) और घनकंद (Corm) पाए जाते हैं।
4. अयुग्मजनन (Apomixis) एक प्रकार का लैंगिक जनन है जो अलैंगिक जनन की नकल करता है, जिसमें बीज का निर्माण बिना निषेचन और बिना अर्धसूत्री विभाजन के होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.