BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
9 views

पादप आकारिकी (Plant Morphology) और पौधों में जनन (Plant Reproduction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पुष्प एक रूपांतरित प्ररोह (Modified Shoot) है, जिसमें संघनन के कारण अंतरपर्व (Internodes) छोटे हो जाते हैं और पर्वसंधियों (Nodes) पर विभिन्न पुष्पीय अंग चक्रीय रूप से व्यवस्थित होते हैं।
  2. 2. आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों में दोहरा निषेचन (Double Fertilization) पाया जाता है, जिसकी खोज एस.जी. नवास्चिन ने की थी; इसमें एक नर युग्मक अंडे की कोशिका से मिलकर युग्मकोद्भिद बनाता है, जबकि दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक से संलयन कर त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक का निर्माण करता है।
  3. 3. आलू, अदरक और अरबी जैसे रूपांतरित तने वानस्पतिक जनन के प्रमुख माध्यम हैं, जिनमें क्रमशः आँख (Eyes), प्रकंद (Rhizome) और घनकंद (Corm) पाए जाते हैं।
  4. 4. अयुग्मजनन (Apomixis) एक प्रकार का लैंगिक जनन है जो अलैंगिक जनन की नकल करता है, जिसमें बीज का निर्माण बिना निषेचन और बिना अर्धसूत्री विभाजन के होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। पुष्प वास्तव में एक रूपांतरित प्ररोह है जहाँ अंतरपर्व संघनित होते हैं। आवृतबीजी पौधों में दोहरा निषेचन एस.जी. नवास्चिन द्वारा खोजा गया था जिसमें त्रिगुणित भ्रूणपोष बनता है। आलू (आँख), अदरक (प्रकंद) और अरबी (घनकंद) रूपांतरित तनों के माध्यम से वानस्पतिक जनन प्रदर्शित करते हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि 'अयुग्मजनन' (Apomixis) अलैंगिक जनन की एक ऐसी प्रक्रिया है जो **लैंगिक जनन की नकल** करती है, न कि इसके विपरीत। इस प्रकार के विस्तृत और विश्लेषणात्मक प्रश्नों की तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
Share:

Related Questions

भारतीय संविधान के अंतर्गत केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों, करों के अधिरोपण तथा वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 269 के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा कुछ विशिष्ट अंतःराज्यीय व्यापार या वाणिज्य के दौरान वस्तुओं के क्रय-विक्रय पर कर (Central Sales Tax) लगाए और संगृहीत किए जाते हैं, किंतु उन करों से प्राप्त होने वाला संपूर्ण शुद्ध आगम अनुच्छेद 269(2) के प्रावधानों के तहत केंद्र द्वारा अपने पास न रखकर संबंधित राज्यों को ही उनके बीच वितरण के नियमों के अनुसार सौंप दिया जाता है। 2. वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद का गठन संविधान के अनुच्छेद 279A के तहत राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं और केंद्रीय राज्य मंत्री (वित्त) इसके सदस्य होते हैं, तथा इसके साथ ही प्रत्येक राज्य सरकार द्वारा नामित मंत्री भी इसके सदस्य होते हैं, जहाँ प्रत्येक निर्णय के लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। 3. संविधान के अनुच्छेद 275 के अंतर्गत संसद को यह अधिकार प्राप्त है कि वह भारत की संचित निधि से उन राज्यों को सहायता अनुदान (Grants-in-aid) दे जिन्हें इसकी वित्तीय सहायता की आवश्यकता है, और इस प्रावधान के तहत असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के विकास के लिए अनिवार्य रूप से विशेष अनुदान दिए जाते हैं। 4. वित्त आयोग (अनुच्छेद 280) की अनुशंसाओं के आधार पर केंद्र द्वारा राज्यों को करों का शुद्ध आगम हस्तांतरित किया जाता है, किंतु आयोग की ये सभी सिफारिशें केंद्र और राज्य सरकारों दोनों के लिए प्रकृति से पूर्णतः 'बाध्यकारी' (Binding) होती हैं, अर्थात् सरकार अपनी वित्तीय स्थिति का हवाला देकर इन्हें अस्वीकार नहीं कर सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? जीव जगत के वर्गीकरण (Biological Classification) और मोनेरा जगत (Kingdom Monera) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आर.एच. व्हिटेकर द्वारा प्रतिपादित पाँच जगत वर्गीकरण (Five Kingdom Classification) में प्रोकैरियोटिक जीवों को केवल 'मोनेरा' जगत में रखा गया है, जिनकी कोशिका भित्ति मुख्य रूप से पॉलीसैकेराइड और अमीनो अम्ल से बनी पेप्टिडोग्लाइकान की होती है। 2. मोनेरा जगत के अंतर्गत आने वाले सभी जीव अनिवार्य रूप से परपोषी (Heterotrophic) होते हैं, और इनमें किसी भी प्रकार के स्वपोषी जीव जैसे प्रकाशसंश्लेषी या रासायनसंश्लेषी बैक्टीरिया शामिल नहीं होते हैं। 3. सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल), जिन्हें मोनेरा जगत में वर्गीकृत किया गया है, में क्लोरोफिल-ए पाया जाता है और ये नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करने में सक्षम होते हैं। 4. माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma), जिन्हें पी.पी.एल.ओ. (PPLO) भी कहा जाता है, मोनेरा जगत के ऐसे जीव हैं जिनमें कोशिका भित्ति (Cell Wall) पूरी तरह अनुपस्थित होती है और वे बिना ऑक्सीजन के भी जीवित रह सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? हाल ही में जारी वैश्विक नवाचार सूचकांक (Global Innovation Index 2024) और मानव विकास सूचकांक (Human Development Index) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) द्वारा प्रकाशित वैश्विक नवाचार सूचकांक 2024 में स्विट्जरलैंड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि भारत इस सूचकांक में अपनी स्थिति मजबूत करते हुए शीर्ष 30 देशों में शामिल हो गया है। 2. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा जारी मानव विकास रिपोर्ट में भारत की रैंक 'मानव विकास सूचकांक' के अंतर्गत मध्यम मानव विकास श्रेणी में आती है, जिसमें जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और प्रति व्यक्ति आय प्रमुख संकेतक हैं। 3. वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक (Global Gender Gap Index), जो विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा जारी किया जाता है, के नवीनतम संस्करण में आइसलैंड को दुनिया का सबसे अधिक लैंगिक रूप से समान देश घोषित किया गया है। 4. जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक (CCPI) में भारत को उसके उत्कृष्ट नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन नियंत्रण के प्रयासों के कारण इस वर्ष विश्व में शीर्ष प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? पृथ्वी के आंतरिक भागों में उत्पन्न होने वाली विवर्तनिक और अंतर्जात बलों के परिणामस्वरूप 'ज्वालामुखी एवं भूकम्प' की घटनाओं का अध्ययन किया जाता है। इस संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ज्वालामुखी उद्गार के समय निकलने वाले गैसीय पदार्थों में सर्वाधिक मात्रा जलवाष्प (Water Vapour) की होती है, जिसके पश्चात कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन और सल्फर डाइऑक्साइड गैसें प्रमुखता से उत्सर्जित होती हैं। 2. रिक्टर स्केल (Richter Scale) एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है, जिसका अर्थ है कि स्केल पर प्रत्येक अगली पूर्ण संख्या पिछली संख्या की तुलना में 32 गुना अधिक ऊर्जा मुक्त होने को प्रदर्शित करती है। 3. प्रशांत महासागर की परिधि पर स्थित 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) विश्व का सबसे बड़ा भूकंपीय और ज्वालामुखी क्षेत्र है, जहाँ पृथ्वी के कुल सक्रिय ज्वालामुखियों का लगभग 75% हिस्सा पाया जाता है और यह क्षेत्र मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) प्लेट सीमाओं से संबंधित है। 4. भूकंपीय तरंगों में 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं, जो केवल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होने के कारण ठोस, द्रव और गैस तीनों माध्यमों में संचरण कर सकती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भौतिकी के विविध अनुभागों तथा दैनिक जीवन में घटित होने वाली परिघटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जा रही हो और उसका आपतन कोण (Angle of Incidence) उस माध्यम युग्म के क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक होना चाहिए, जिसका उपयोग ऑप्टिकल फाइबर और हीरे की चमक में होता है। 2. 'रमन प्रभाव' (Raman Effect) के अनुसार जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) से गुजरता है, तो उसका अधिकांश भाग अपरिवर्तित रहता है, परंतु बहुत थोड़ी मात्रा में प्रकीर्णित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन होता है, जिसकी खोज के लिए सी.वी. रमन को वर्ष 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था। 3. पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का कारण इसके कोर (Core) में पिघली हुई अवस्था में उपस्थित लोहे और निकल जैसी भारी धातुओं के संवहन धाराओं (Convection Currents) द्वारा उत्पन्न डायनेमो प्रभाव है, जिसके कारण चुंबकीय ध्रुव भौगोलिक ध्रुवों से संपाती (Coincident) होते हैं। 4. जब कोई वस्तु ध्वनि की चाल से भी अधिक तीव्र गति (Supersonic Speed) से गति करती है, तो वह हवा में 'प्रघाती तरंगें' (Shock Waves) उत्पन्न करती है, जिससे एक अत्यधिक तेज और विस्फोटक ध्वनि उत्पन्न होती है जिसे 'सैनिक बूम' (Sonic Boom) कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.