BPSC TRE 4.0
Asked 2 months ago · Viewed 20 times
बिहार के भूगर्भिक इतिहास और चट्टानी तंत्र (Rock Systems) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. धारवाड़ शैलतंत्र (Dharwar Rock System) बिहार के दक्षिण-पूर्वी भाग (विशेषकर मुंगेर, जमुई, नवादा और राजगीर की पहाड़ियों) में पाया जाता है, जो अत्यधिक प्राचीन और रूपांतरित चट्टानों से निर्मित है तथा इसमें क्वार्ट्जाइट, शिस्ट और स्लेट चट्टानें प्रमुख हैं।
- 2. विंध्यन शैलतंत्र (Vindhyan Rock System) कैमूर और रोहतास जिलों में सोन नदी के उत्तर में विस्तृत है, जो प्राचीन अवसादी (Sedimentary) चट्टानों का भाग है और यहाँ चूना पत्थर (Limestone), बलुआ पत्थर (Sandstone) तथा सीमेंट ग्रेड के डोलोमाइट के प्रचुर भंडार पाए जाते हैं।
- 3. टर्शरी शैलतंत्र (Tertiary Rock System) बिहार के उत्तर-पश्चिमी भाग में हिमालय के उत्थान के परिणामस्वरूप शिवालिक श्रेणी के तटीय क्षेत्रों (विशेषकर पश्चिम चंपारण के सोमेश्वर और दून घाटी क्षेत्र) में विकसित हुआ है।
- 4. क्वाटरनरी शैलतंत्र (Quaternary Rock System) अत्यंत प्राचीन आग्नेय चट्टानों से बना है जो दक्षिण बिहार के पठारी इलाकों में लावा के शीतलन से निर्मित हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार के जलोढ़ निक्षेप नहीं पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बिहार के भूगर्भिक संरचना के अनुसार, कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। धारवाड़ शैलतंत्र दक्षिण-पूर्वी बिहार में पाया जाता है जो अत्यधिक रूपांतरित चट्टानों से निर्मित है। विंध्यन शैलतंत्र कैमूर और रोहतास में सोन नदी के उत्तर (वास्तव में सोन घाटी के दक्षिण/सोन नदी के किनारे) स्थित है जहाँ चूना पत्थर और बलुआ पत्थर मिलते हैं। टर्शरी शैलतंत्र उत्तर-पश्चिम में पश्चिम चंपारण की सोमेश्वर पहाड़ियों में पाया जाता है। वहीं, कथन 4 असत्य है क्योंकि क्वाटरनरी (चतुष्कल्पीय) शैलतंत्र प्राचीन आग्неय चट्टानों से नहीं, बल्कि गंगा के मैदान के जलोढ़ (Alluvial) निक्षेपों से निर्मित है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की विस्तृत तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
अगला प्रश्न →
सत्रहवीं शताब्दी में भारत आने वाली विभिन्न यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों और उनके…
← पिछला प्रश्न
यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत जड़त्व आघूर्ण (Moment of…
Related Questions
→
भारतीय संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) तथा संघ एवं राज्य क्षेत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की उद्देशिका में अब तक कुल तीन बार संशोधन किया जा चुका है, जिसमें 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे।
2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 2 के अंतर्गत संसद को विधि द्वारा 'ऐसे नियमों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे', नए राज्यों का संघ में प्रवेश या उनकी स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, जो कि बाह्य राज्यों के प्रवेश से संबंधित है।
3. अनुच्छेद 3 के तहत संसद किसी राज्य के नाम, क्षेत्र या सीमा में परिवर्तन कर सकती है, और इस प्रकार के किसी भी विधेयक को राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है।
4. भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के लिए गठित फज़ल अली आयोग (राज्य पुनर्गठन आयोग, 1953) ने अपनी रिपोर्ट में मूल संविधान के चार-स्तरीय राज्यों के वर्गीकरण (Part A, B, C, D) को समाप्त करके 14 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों के गठन की संस्तुति की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रदत्त 'मूल अधिकार', 'राज्य के नीतिनिदेशक तत्व' (DPSP) तथा 'मूल कर्त्तव्य' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल अधिकार संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से प्रेरित हैं और ये मुख्य रूप से राजनीतिक लोकतंत्र की स्थापना करते हैं, जो वादयोग्य (Justiciable) होने के कारण न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय हैं।
2. आयरलैंड के संविधान से लिए गए राज्य के नीतिनिदेशक तत्व सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र को बढ़ावा देते हैं, तथा अनुच्छेद 37 के अनुसार ये देश के शासन में मौलिक होने के साथ-साथ किसी भी न्यायालय द्वारा अनिवार्य रूप से प्रवर्तनीय (Justiciable) हैं।
3. मूल कर्त्तव्य (अनुच्छेद 51A) को स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, और वर्तमान में संविधान में कुल 11 मूल कर्त्तव्य हैं जिन्हें रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) के संविधान से लिया गया है।
4. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत 'शिक्षा का अधिकार' मूल अधिकार है, जिसे 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा जोड़ा गया था; इसी संशोधन के तहत अनुच्छेद 45 की विषय-वस्तु को बदला गया तथा भाग-IVक में एक नया 11वां मूल कर्त्तव्य जोड़ा गया जो 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के माता-पिता या संरक्षण की जिम्मेदारी तय करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न स्रोतों, हड़प्पा सभ्यता के नगरीय नियोजन और वैदिक काल की सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हड़प्पा सभ्यता के स्थलों में 'धोलावीरा' एकमात्र ऐसा स्थल है जो तीन भागों (किला, मध्य नगर और निचला नगर) में विभाजित था, तथा यहाँ से विशाल जलकुण्ड (Reservoir) और 'साइनेज बोर्ड' के रूप में लकड़ी के फ्रेम पर जड़े दस बड़े आकार के अक्षरों वाला एक अनोखा शिलालेख मिला है।
2. ऋग्वैदिक काल में 'दुहितृ' (Duhitri) शब्द गाय का दूध दुहने वाली स्त्री के अर्थ में प्रयुक्त होता था, तथा इस काल में संपत्ति का मुख्य आधार भूमि न होकर मवेशी (गाय और घोड़े) थे, जिसके कारण गाय को 'अधन्या' (न मारे जाने योग्य) माना गया था।
3. उत्तर वैदिक काल में लोहे की खोज (लगभग 1000 ईसा पूर्व) के बाद कृषि अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन आया, जिसके कारण इस काल के ग्रंथों (जैसे शतपथ ब्राह्मण) में कृषि से जुड़ी चारों क्रियाओं — जुताई, बुवाई, कटाई और मड़ाई का विस्तृत उल्लेख मिलता है।
4. जैन धर्म के त्रिरत्न (सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र) और बौद्ध धर्म के अष्टमार्क मार्ग (अष्टांगिक मार्ग) दोनों ही वेदों की सर्वोच्चता और यज्ञीय कर्मकांडों को अनिवार्य मानते हैं, तथा पुनर्जन्म के सिद्धांत को पूरी तरह से नकारते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
रसायन विज्ञान के विविध एवं प्रायोगिक अनुप्रयोगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कृत्रिम वर्षा (Cloud Seeding) कराने के लिए आमतौर पर सिल्वर आयोडाइड (AgI) या ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (शुष्क बर्फ) का उपयोग किया जाता है, जो बादलों में जलवाष्प के संघनन के लिए 'संघनन नाभिक' (Condensation Nuclei) का कार्य करते हैं।
2. भोपाल गैस त्रासदी (1984) के लिए उत्तरदायी गैस मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) थी, जो जल के साथ तीव्र exothermic (ऊष्माक्षेपी) अभिक्रिया करके अत्यधिक विषैली और वाष्पशील गैसों का निर्माण करती है।
3. 'भविष्य की धातु' (Metal of Future) के रूप में टाइटेनियम को जाना जाता है क्योंकि यह अत्यंत हल्की, मजबूत और संक्षारण (Corrosion) प्रतिरोधी होती है, तथा इसका घनत्व लोहे की तुलना में लगभग आधा होने के बावजूद इसकी शक्ति उच्च होती है।
4. भारी जल (Deuterium Oxide - $D_2O$) का उपयोग नाभिकीय रिएक्टरों में 'मंदक' (Moderator) के रूप में किया जाता है, जिसका मुख्य कार्य न्यूट्रॉनों की गति को तीव्र करना होता है ताकि श्रृंखला अभिक्रिया (Chain Reaction) को त्वरित किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार में भीम बांध वन्यजीव अभ्यारण्य किस जिले में है?
→
सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश पहुँचने में कितना समय लगता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.