भाषा कौशल (LSRW)
Asked 2 months ago · Viewed 20 times
बिहार सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया और ई-शासन की पहलों के अंतर्गत शिक्षा विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा शुरू किए गए प्रमुख सरकारी पोर्टलों, मोबाइल ऐप्स और उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'ई-शिक्षाकोश' (e-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप की शुरुआत बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों, छात्रों और प्रशासनिक गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, उपस्थिति दर्ज करने तथा शैक्षणिक प्रबंधन के लिए की गई है।
- 2. 'बिहार भूकंप अलर्ट' (Bihar Earthquake Alert) मोबाइल ऐप को आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित किया गया है, जो राज्य में भूकंप के झटके महसूस होने से कुछ सेकंड पहले उपयोगकर्ताओं को चेतावनी जारी करने में सक्षम है ताकि लोग सुरक्षित स्थानों पर जा सकें।
- 3. 'निपुण बिहार' (NIPUN Bihar) मिशन के तहत बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN) को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण और छात्रों के मूल्यांकन हेतु एक विशेष डिजिटल पोर्टल और ट्रैकिंग प्रणाली लागू की गई है।
- 4. 'गरुड़ ऐप' (Garuda App), जिसे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लॉन्च किया गया था, का उपयोग विशेष रूप से बिहार में चुनावी प्रक्रिया के दौरान मतदान केंद्रों के डिजिटल मैपिंग, बूथों की स्थिति की जानकारी और पारदर्शी निर्वाचन प्रबंधन के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में से कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। बिहार सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए 'ई-शिक्षाकोश' पोर्टल, 'बिहार भूकंप अलर्ट' ऐप और 'निपुण बिहार' मिशन के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म बेहद महत्वपूर्ण हैं। वहीं कथन 4 असत्य है क्योंकि 'गरुड़ ऐप' का उपयोग निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान केंद्रों के डिजिटलीकरण और पारदर्शी प्रबंधन के लिए वैध रूप से किया जाता है, न कि इसे प्रतिबंधित किया गया है। ऐसी ही अन्य महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
अगला प्रश्न →
भारतीय संविधान की अनुसूचियों और उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक एवं राजनीतिक संदर्भ…
← पिछला प्रश्न
बिहार के राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में…
Related Questions
→
किस मूल्यांकन में पाठ्यचर्या के अंतिम प्रभावों का मूल्यांकन उसके घोषित उद्देश्यों के आधार पर किया जाता है?
→
बुद्धि परीक्षण के लिए 'स्टैनफोर्ड-बिने स्केल' (Stanford-Binet Scale) किस आयु वर्ग के लिए मुख्य रूप से बनाया गया था?
→
शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) की प्रणालियों का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के तात्विक, दायरे (Scope) और उपयोगिता के मध्य के अंतर को सर्वाधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है?
→
बुद्धि परीक्षण के लिए 'WISC' का पूर्ण रूप क्या है?
→
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक और विधायी इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में द्विसदनीय विधानमंडल (विधानसभा और विधान परिषद) की व्यवस्था है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1937 में 'भारत सरकार अधिनियम 1935' के प्रावधानों के तहत प्रांतीय विधानसभा के गठन के साथ हुई थी।
2. उत्तर प्रदेश विधान परिषद (Legislative Council) में कुल सदस्यों की संख्या 100 है, जो देश के किसी भी राज्य की विधान परिषद में सबसे अधिक है, तथा इसके सदस्यों का निर्वाचन विशेष निर्वाचन क्षेत्रों, स्थानीय निकायों, स्नातकों और शिक्षकों द्वारा होता है।
3. राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी थीं, जिन्होंने वर्ष 1963 से 1967 तक पद संभाला था, और वे न केवल उत्तर प्रदेश की बल्कि भारत के किसी भी राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।
4. उत्तर प्रदेश के प्रथम राज्यपाल श्री एच.पी. मोदी थे, और राज्य का आधिकारिक नाम 'उत्तर प्रदेश' 24 जनवरी 1950 को संयुक्त प्रांत (United Provinces) का नाम बदलकर रखा गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत सृजित एक स्थायी सदन है, जिसके सदस्यों का निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा सार्वभौमिक मताधिकार के आधार पर किया जाता है।
2. राज्य मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से बिहार विधानसभा (Legislative Assembly) के प्रति उत्तरदायी होती है, और विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना अनिवार्य होता है।
3. बिहार के राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 155 के प्रावधानों के तहत की जाती है, और राज्यपाल राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति (Chancellor) के रूप में भी अपनी पदीय भूमिका निभाते हैं।
4. पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करने का संवैधानिक अधिकार भारत के निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के पास होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार के राजनीतिक, विधायी और प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) भारत के उन छह राज्यों की विधान परिषदों में से एक है जो द्विसदनीय व्यवस्था का हिस्सा हैं, और इसके सदस्यों का निर्वाचन विभिन्न निर्वाचक मंडलों जैसे स्थानीय निकायों, स्नातकों, शिक्षकों और विधानसभा के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है।
2. बिहार के प्रशासनिक ढांचे में 'बिहार लोक सेवा आयोग' (BPSC) एक संवैधानिक निकाय है जिसका उल्लेख भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 से 323 के अंतर्गत किया गया है, जिसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु उन्हें हटाने की शक्ति केवल राष्ट्रपति के पास होती है।
3. राज्य में पंचायती राज व्यवस्था को त्रिस्तरीय रूप में लागू किया गया है, जिसके तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद आते हैं, तथा बिहार देश का ऐसा पहला राज्य बना जिसने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की थी।
4. बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन (BRAMS) के अंतर्गत राज्य में 'बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011' (Right to Public Services Act) लागू किया गया, जिसके तहत नागरिकों को तय समय-सीमा के भीतर लोक सेवाएं प्राप्त करने का कानूनी अधिकार दिया गया है और इसमें विफल रहने पर लोक पदाधिकारियों पर अर्थदंड लगाने का प्रावधान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.