बिहार के राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार विधान परिषद (Legislative Council) एक स्थायी सदन है, जिसका उल्लेख भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत किया गया है, और इसके सदस्यों का निर्वाचन विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों (जैसे स्थानीय निकाय, स्नातक, शिक्षक और विधानसभा सदस्यों) के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमण मत प्रणाली द्वारा होता है।
- 2. राज्य के प्रशासनिक ढांचे में मुख्य सचिव (Chief Secretary) राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो मंत्रिमंडल सचिवालय का प्रमुख होने के साथ-साथ सभी प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय स्थापित करता है, तथा इसकी नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की सलाह पर की जाती है।
- 3. बिहार लोकायुक्त अधिनियम के अंतर्गत राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच के लिए 'लोकायुक्त' की संस्था का गठन किया गया है, जिसके दायरे में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और राज्य सरकार के सभी लोक सेवक अनिवार्य रूप से पूर्णतः शामिल होते हैं, बिना किसी अपवाद के।
- 4. पंचायती राज व्यवस्था के त्रिस्तरीय स्वरूप में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद शामिल हैं, तथा बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के तहत राज्य की स्थानीय निकायों और पंचायतों में महिलाओं को 50% आरक्षण का प्रावधान करने वाला बिहार देश का पहला राज्य बना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के तहत संसद को किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन की शक्ति प्राप्त है और इसके सदस्यों का निर्वाचन एकल संक्रमण मत प्रणाली से होता है। कथन 2 सत्य है; मुख्य सचिव राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है जिसकी नियुक्ति मुख्यमंत्री के परामर्श से होती है। कथन 3 असत्य है क्योंकि बिहार लोकायुक्त अधिनियम के तहत कुछ विशेष पदों और परिस्थितियों (जैसे मुख्यमंत्री के विरुद्ध भ्रष्टाचार के कुछ विशिष्ट मामलों में विशेष प्रक्रिया) को लेकर अपवाद और सीमाएँ तय की गई हैं, और यह कहना गलत है कि बिना किसी अपवाद के सभी पद इसके दायरे में आते हैं। कथन 4 सत्य है, क्योंकि बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के तहत महिलाओं को स्थानीय निकायों में 50% आरक्षण देने वाला बिहार देश का अग्रणी राज्य बना था। अधिक अभ्यास और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।