सत्रहवीं शताब्दी के दौरान भारत में यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों के आगमन, उनकी फैक्ट्रियों की स्थापना और व्यापारिक गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत में सर्वप्रथम पुर्तगाली आए और उन्होंने वर्ष 1503 में कोच्चि में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की, जबकि अंग्रेजों ने अपनी पहली अस्थायी फैक्ट्री मसूलीपट्टनम में 1611 में और पहली स्थायी फैक्ट्री सूरत में 1613 में स्थापित की थी।
- 2. डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) ने वर्ष 1605 में मसूलीपट्टनम में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी, और उन्होंने भारतीय वस्त्रों के निर्यात को बढ़ावा देते हुए मुख्य रूप से मसालों के व्यापार के स्थान पर भारतीय सूती वस्त्रों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रमुख वस्तु बनाया।
- 3. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना ला कॉलट की प्रेरणा से 1664 में लुई चौदहवें के शासनकाल में हुई थी, और फ्रांसिस कैरो ने 1668 में सूरत में फ्रांसिसी कंपनी की पहली फैक्ट्री स्थापित की, जबकि उनकी दूसरी फैक्ट्री मसूलीपट्टनम में स्थापित हुई थी।
- 4. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में ब्रिटेन की रानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए शाही चार्टर (Royal Charter) के माध्यम से पूर्व के साथ व्यापार करने का एकाधिकार (Monopoly) अनिश्चित काल के लिए बिना किसी समय सीमा के प्राप्त हुआ था, जिसे बाद में कभी भी समाप्त नहीं किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। भारत में पुर्तगालियों ने 1503 में कोच्चि में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी। अंग्रेजों ने 1611 में मसूलीपट्टनम में अस्थायी और 1613 में सूरत में अपनी पहली स्थायी फैक्ट्री स्थापित की। डचों ने 1605 में मसूलीपट्टनम में अपनी पहली फैक्ट्री लगाई और भारत के वस्त्र व्यापार को वैश्विक स्तर पर प्रसारित किया। फ्रांसीसी कंपनी की स्थापना 1664 में हुई और फ्रांसिस कैरो ने 1668 में सूरत में पहली फैक्ट्री स्थापित की। किंतु कथन 4 असत्य है क्योंकि एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिया गया व्यापारिक एकाधिकार प्रारंभ में केवल 15 वर्षों के लिए था, हालांकि बाद में इसे अनिश्चितकालीन बढ़ाया गया, लेकिन 1813 के चार्टर अधिनियम द्वारा इसे समाप्त कर दिया गया था। अधिक अध्ययन के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।