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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन' (NMCG) और 'नमामि गंगे कार्यक्रम' के प्रावधानों और संस्थागत तंत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) की स्थापना 'पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986' के अंतर्गत वर्ष 2011 में एक पंजीकृत सोसायटी के रूप में की गई थी, जिसे बाद में 'राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण' (NGRBA) के स्थान पर गठित 'राष्ट्रीय गंगा परिषद' (National Ganga Council) के समग्र नियंत्रण और अधीक्षण के अधीन रखा गया है।
  2. 2. 'नमामि गंगे कार्यक्रम' एक समेकित केंद्रीय क्षेत्र की पहल (Central Sector Initiative - 100% funding by Central Government) है, जिसका उद्देश्य गंगा नदी के प्रदूषण को प्रभावी ढंग से समाप्त करना तथा उसके संरक्षण और पुनर्जीवन को सुनिश्चित करना है, और इसके तहत नदी बेसिन में किसी भी राज्य सरकार या स्थानीय निकाय को वित्तीय सहायता प्रदान करने का कोई प्रावधान नहीं है।
  3. 3. राष्ट्रीय गंगा परिषद (NGC), जिसकी अध्यक्षता देश के प्रधानमंत्री करते हैं, गंगा नदी बेसिन के प्रदूषण निवारण और पुनर्जीवन से संबंधित मामलों की समीक्षा के लिए सर्वोच्च नीति निर्माण निकाय है, और इसके सदस्यों में संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्रालयों के मंत्री शामिल होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) को मूल रूप से 12 अगस्त 2011 को सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत एक सोसायटी के रूप में पंजीकृत किया गया था। इसे पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (NGRBA) के कार्यान्वयन विंग के रूप में स्थापित किया गया था। बाद में NGRBA को भंग करके 'राष्ट्रीय गंगा परिषद' का गठन किया गया, और NMCG को जल शक्ति मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय गंगा नदी (कायाकल्प, संरक्षण और प्रबंधन) प्राधिकरण आदेश, 2016 के माध्यम से वैधानिक दर्जा और प्रशासनिक नियंत्रण प्रदान किया गया। कथन 2 गलत है: 'नमामि गंगे कार्यक्रम' एक 'एकीकृत केंद्रीय क्षेत्रक कार्यक्रम' (Integrated Central Sector Programme) है, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्त पोषण (Funding) प्रदान किया जाता है ताकि सीवेज उपचार बुनियादी ढांचे, औद्योगिक प्रदूषण निवारण, नदी तट विकास और घाटों के निर्माण जैसी परियोजनाओं को बिना किसी वित्तीय बाधा के राज्यों में लागू किया जा सके। चूंकि इसमें केंद्र सरकार शत-प्रतिशत राशि व्यय करती है, इसलिए यह पूर्णतः केंद्र प्रायोजित या केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, लेकिन इसमें राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के माध्यम से ही परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है। कथन 3 सही है: अक्टूबर 2016 में गठित 'राष्ट्रीय गंगा परिषद' (National Ganga Council) गंगा नदी के पुनर्जीवन, संरक्षण, सुरक्षा और प्रदूषण निवारण के लिए सर्वोच्च नीति-निर्धारण, निगरानी और समन्वय निकाय है। इसकी अध्यक्षता भारत के प्रधानमंत्री करते हैं, और इसके पदेन सदस्यों में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री तथा संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के मंत्री शामिल होते हैं।
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'रंगनाथ मिश्रा बनाम भारत संघ' (2003) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया था कि मूल कर्तव्यों को केवल कानूनी रूप से लागू करने या दण्डित करने का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि देश में नागरिकों के बीच इनके प्रति जन-जागरूकता पैदा की जानी चाहिए और इन्हें कानून के अन्य प्रावधानों के साथ समेकित करके लागू किया जाना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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