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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'रामसर अभीसमय' (Ramsar Convention) और भारत में 'आर्द्रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017' [Wetlands (Conservation and Management) Rules, 2017] के विधिक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. रामसर अभीसमय, जिस पर वर्ष 1971 में हस्ताक्षर किए गए थे, अंतरराष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग (Wise Use) के लिए एक अंतर-सरकारी संधि है, और यह कानूनी रूप से सभी अनुसमर्थन करने वाले देशों पर इसके दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को बाध्य करती है।
- 2. 'आर्द्रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017' के अंतर्गत आर्द्रभूमियों के संरक्षण के विकेंद्रीकरण के लिए प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में 'राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण' (State Wetland Authority) का गठन अनिवार्य किया गया है, जिसकी अध्यक्षता संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है।
- 3. इन नियमों के तहत भारत में अधिसूचित आर्द्रभूमियों के भीतर कुछ गतिविधियों जैसे कि मानव सीवेज और औद्योगिक अपशिष्टों का गिरना, ठोस कचरे का डंपिंग, और वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए भूमि का रूपांतरण को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है: रामसर अभीसमय (Ramsar Convention) एक अंतर-सरकारी संधि है, लेकिन इसके प्रावधान पक्षकार देशों पर राष्ट्रीय संप्रभुता के दायरे में लागू होते हैं और यह कोई कठोर दंडनीय या कानूनी रूप से अति-बाध्यकारी संधि नहीं है, बल्कि यह देशों के स्वैच्छिक सहयोग और विवेकपूर्ण उपयोग (Wise Use) के सिद्धांतों पर आधारित है। कथन 2 गलत है: 'आर्द्रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017' के तहत गठित 'राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण' (State Wetland Authority) की अध्यक्षता संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के पर्यावरण मंत्री द्वारा की जाती है, न कि मुख्यमंत्री द्वारा। कथन 3 सही है: 2017 के नियमों के अनुसार, आर्द्रभूमियों के पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए उनके भीतर अतिक्रमण, ठोस कचरे का डंपिंग, मानव सीवेज और औद्योगिक अपशिष्टों का निर्वहन, और स्थायी वाणिज्यिक निर्माण जैसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अत: केवल कथन 3 सही है।
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण' (National Biodiversity Authority - NBA) और इसके विधिक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण की स्थापना जैव विविधता अधिनियम, 2002 के अंतर्गत एक वैधानिक, स्वायत्त निकाय के रूप में की गई है, जिसका मुख्यालय चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है।
2. यह प्राधिकरण भारत के नागरिकों या संस्थाओं के लिए देश के जैविक संसाधनों के उपयोग हेतु पूर्व अनुमति देना अनिवार्य बनाता है, किंतु यह विदेशी नागरिकों या विदेशी निगमों (Foreign Corporations) को जैविक संसाधनों के व्यावसायिक उपयोग से पूरी तरह प्रतिबंधित करता है।
3. जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत स्थापित 'राज्य जैव विविधता बोर्ड' (SBB) और 'जैव विविधता प्रबंधन समितियां' (BMC) स्थानीय स्तर पर पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और जैविक संसाधनों के न्यायसंगत लाभ-बंटवारे को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 324' के अंतर्गत स्थापित 'भारत के निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) तथा इसके सदस्यों की स्वतंत्रता और सेवा शर्तों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के खंड (2) के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा संसद द्वारा बनाए गए किसी विधि के अधीन (और ऐसे विधि के अभाव में मंत्रिपरिषद की सलाह पर) की जाती है, तथा मुख्य चुनाव आयुक्त को उसके पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
2. अन्य चुनाव आयुक्तों या प्रादेशिक आयुक्तों को मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा किसी भी परिस्थिति में उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है, क्योंकि यह प्रावधान चुनाव आयोग के भीतर सामूहिक स्वायत्तता और निर्णय लेने की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य रूप से किया गया है।
3. निर्वाचन आयोग के सदस्यों की नियुक्ति के बाद उनकी सेवा शर्तों में उनकी नियुक्ति के प्रतिकूल कोई लाभकारी परिवर्तन नहीं किया जा सकता है, तथा यह संवैधानिक निकाय केवल लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों के लिए ही अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति रखता है, स्थानीय निकायों (पंचायतों और नगर पालिकाओं) के चुनाव इसके क्षेत्राधिकार के अंतर्गत नहीं आते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास के संदर्भ में, 'सतत विकास लक्ष्य' (Sustainable Development Goals - SDGs) और भारत में उनकी प्रगति से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 'ए एजेंडा 2030' (Agenda 2030) के एक भाग के रूप में अपनाया गया था, जिसमें कुल 17 वैश्विक लक्ष्य और 169 लक्ष्य (Targets) शामिल हैं, जिन्हें वर्ष 2030 तक पूरी तरह से प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
2. भारत में नीति आयोग (NITI Aayog) देश और उसके राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में SDGs के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए नोडल संस्था के रूप में कार्य करता है, तथा आयोग द्वारा नियमित रूप से 'भारत एसडीजी सूचकांक और डैशबोर्ड' (SDG India Index and Dashboard) जारी किया जाता है।
3. नीति आयोग द्वारा जारी नवीनतम एसडीजी इंडिया इंडेक्स के अनुसार, देश के समग्र स्कोर में निरंतर सुधार हुआ है, और केरल तथा हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों ने 'अचीवर' (Achiever) श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जबकि देश के सभी राज्यों ने 'आकांक्षी' (Aspirational) श्रेणी से पूरी तरह बाहर आकर 'मोर्चे पर आगे' (Front Runner) श्रेणी में प्रवेश कर लिया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' (निर्वाचन - अनुच्छेद 324 से 329A) के अंतर्गत 'भारत के निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार संसद, राज्य legislatures (विधानमंडलों), राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति निर्वाचन आयोग में निहित है, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य ऐसे आयुक्त शामिल होते हैं, जिनकी संख्या समय-समय पर राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित की जाती है।
2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की लिखित सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है।
3. संविधान के अनुच्छेद 329 के तहत संसद या राज्य विधानमंडल के सदनों के लिए चुनावों से संबंधित किसी भी कानून की वैधता पर किसी भी न्यायालय में प्रश्न उठाया जा सकता है, और चुनावी मामलों में अदालतों के हस्तक्षेप पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने वाला कोई भी संवैधानिक प्रावधान नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान किस राज्य में है?
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