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केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान किस राज्य में है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान के भरतपुर में स्थित है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत 'राष्ट्रपति शासन' (President's Rule) की उद्घोषणा और इसके न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति को यह संतुष्टि होने पर कि किसी राज्य की सरकार संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चल सकती है, यह शक्ति प्राप्त है कि वह उस राज्य के शासन को अपने हाथ में ले सके, और इस उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है।
2. 'एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994)' मामले में उच्चतम न्यायालय की नौ-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने यह स्पष्ट किया था कि अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति की संतुष्टि और उद्घोषणा न्यायोचित (Justiciable) है, तथा यदि यह संतुष्टि दुर्भावनापूर्ण, अप्रासंगिक आधारों पर या संविधान के साथ धोखाधड़ी (fraud on power) करके की गई पाई जाती है, तो न्यायालय इस उद्घोषणा को असंवैधानिक घोषित कर सकता है।
3. यदि संसद के दोनों सदन अनुच्छेद 356 के तहत जारी उद्घोषणा का अनुमोदन कर देते हैं, तो राष्ट्रपति शासन की अधिकतम संभावित अवधि बिना किसी बाहरी अनुमोदन के लगातार तीन वर्षों तक स्वतः विस्तारित हो सकती है, बशर्ते प्रत्येक छह महीने पर इसे संसद में विशेष बहुमत से पारित किया जाता रहे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' (राष्ट्रपति शासन) और 'राष्ट्रपति शासन' से संबंधित न्यायिक घोषणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुसार, यदि किसी राज्य के राज्यपाल की रिपोर्ट पर या अन्यथा राष्ट्रपति का यह समाधान हो जाता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें राज्य का शासन संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है, तो राष्ट्रपति घोषणा द्वारा उस राज्य के शासन का अपने हाथों में ले सकता है, और यह उद्घोषणा संसद के दोनों सदनों द्वारा अनुमोदन के बिना अनिश्चित काल तक प्रभावी रह सकती है।
2. ऐतिहासिक 'एस.आर. बोम्बाई बनाम भारत संघ (1994)' वाद में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा न्यायिक समीक्षा के अधीन है, और यदि उद्घोषणा असंवैधानिक पाई जाती है, तो न्यायालय भंग की गई विधानसभा को पुनर्जीवित कर सकता है तथा राज्य सरकार को बहाल कर सकता है।
3. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को एक वर्ष से आगे तभी बढ़ाया जा सकता है जब संपूर्ण देश में या संबंधित राज्य या उसके किसी भाग में राष्ट्रीय आपातकाल लागू हो तथा निर्वाचन आयोग यह प्रमाणित करे कि उस राज्य में विधानसभा के आम चुनाव कराना कठिन है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' (निर्वाचन - अनुच्छेद 324 से 329क) तथा 'भारत निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार संसद, राज्य के विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की समस्त शक्ति एक निर्वाचन आयोग में निहित होगी, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उतने ही अन्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं जितने राष्ट्रपति समय-समय पर निर्धारित करें।
2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा नहीं हटाया जा सकता है।
3. संविधान में निर्वाचन आयोग के सदस्यों की अर्हताओं (Qualifications) का विस्तार से उल्लेख किया गया है, जिसके तहत यह अनिवार्य किया गया है कि निर्वाचन आयोग का कोई भी सदस्य बनने के लिए व्यक्ति के पास विधायी या न्यायिक क्षेत्र का न्यूनतम 10 वर्षों का व्यावहारिक अनुभव होना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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न्यायिक पुनरावलोकन के संबंध में कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान में स्पष्ट उल्लेख नहीं है, 2. सर्वोच्च और उच्च न्यायालयों को प्राप्त है। सही विकल्प चुनें?
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त्रिपिटक (Tripitaka) किस धर्म से संबंधित पवित्र ग्रंथ हैं?
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