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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, अपवाह तंत्र तथा प्रमुख झीलों और जलप्रपातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित 'टांडादरी जलप्रपात' (Tandadari Waterfall) और 'लखनिया दरी जलप्रपात' (Lakhaniya Dari Waterfall) विंध्य पर्वत श्रृंखला के पथरीले और जंगलों से घिरे क्षेत्रों में निर्मित हैं, जो यहाँ के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल हैं।
- 2. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित 'बखिरा झील' (Bakhira Lake) राज्य की सबसे बड़ी प्राकृतिक मीठे पानी की झील है, जिसे हाल ही में रामसर साइट (Ramsar Site) के रूप में भी मान्यता दी गई है, और यह मुख्य रूप से प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए जानी जाती है।
- 3. उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियाँ गंगा और यमुना के मध्य स्थित दोआब क्षेत्र में 'फुलहर झील' (Phulhar Lake) पीलीभीत जिले में स्थित है, जो 'गोमती नदी' का उद्गम स्थल है और यह तलहटी के मार्श क्षेत्र से जल प्राप्त करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र के विंध्य क्षेत्र में कई सुंदर जलप्रपात स्थित हैं, जिनमें टांडादरी और लखनिया दरी प्रमुख हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि 'बखिरा पक्षी विहार/झील' संतकबीर नगर जिले में स्थित है, न कि सोनभद्र में (सोनभद्र में गोविंद बल्लभ पंत सागर है)। उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील 'कीठम झील' (सूर सरोवर) आगरा में है, जबकि बखिरा झील संतकबीर नगर में स्थित है। कथन 3 बिल्कुल सही है क्योंकि फुलहर झील (जिसे मधा ताल भी कहते हैं) पीलीभीत जिले के माधोटांडा के पास स्थित है और यहीं से गोमती नदी का उद्गम होता है। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
Related Questions
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बच्चों के नैतिक विकास (Moral Development) के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलबर्ग के चरणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Level) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास में व्यक्ति यह मानता है कि नियम सामाजिक कल्याण के लिए लचीले समझौते हैं और यदि कोई कानून मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है, तो उसे बदला जाना चाहिए।
2. 'रूढ़िगत स्तर' (Conventional Level) के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation) में बच्चा दूसरों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और समाज द्वारा स्वीकृत 'अच्छा' कहलाने की इच्छा से प्रेरित होकर नैतिक निर्णय लेता है।
3. कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास का 'पूर्व-रूढ़िगत स्तर' (Pre-conventional Level) लगभग 10 से 13 वर्ष की उम्र के बाद शुरू होता है, जहाँ बालक सामाजिक व्यवस्था के प्रति पूर्ण निष्ठा रखते हुए देश के कानूनों और नियमों का पालन करना अपना सर्वोच्च नैतिक कर्तव्य मानता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भूगर्भिक संरचना और प्रमुख खनिज संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.33% है और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का चौथा (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद) सबसे बड़ा राज्य है।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और बघेलखंड का पठार) में भूगर्भिक दृष्टि से सबसे प्राचीन चट्टानें पाई जाती हैं, और इस क्षेत्र में राज्य के प्रमुख खनिज जैसे डायमंड (बांदा/मिर्जापुर), नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले, पोटाश लवण और चूना पत्थर (सोनभद्र के कजरी और गुरमा क्षेत्र) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
3. राज्य में भूगर्भिक संरचना की दृष्टि से उत्तरी भाग में स्थित 'भाबर और तराई' क्षेत्र में महीन जलोढ़ मृदा तथा दलदली भूमि पाई जाती है, जहाँ प्राचीन गोंडवाना लैंड की विंध्यन क्रम की चट्टानों से बड़े पैमाने पर संगमरमर और यूरेनियम का खनन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक काल के उपरांत 'उपनयन संस्कार' तथा उत्तर-वैदिककालीन शिक्षा व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उपनयन संस्कार के माध्यम से बालक को 'द्विज' की संज्ञा मिलती थी, जिसमें विभिन्न वर्णों के बालकों के लिए आयु निर्धारित थी—जैसे ब्राह्मण बालक के लिए 8 वर्ष, क्षत्रिय के लिए 11 वर्ष और वैश्य के लिए 12 वर्ष की आयु में यह संस्कार संपन्न होता था।
2. वैदिक काल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया था—पहला 'सद्योवधू' जो आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए वेदों का अध्ययन करती थीं, और दूसरा 'ब्रह्मवादिनी' जो विवाह कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश करती थीं।
3. गुरुकुल में शिक्षा पूरी होने के बाद छात्र का 'समावर्तन' (Samavartana) संस्कार संपन्न होता था, जिसके पश्चात वह 'स्नातक' की उपाधि प्राप्त कर गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने के लिए अपने घर वापस लौटता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा (Child-Centred and Progressive Education)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और 'प्रगतिशील शिक्षा' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex), और 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System) के बीच अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning), कार्यशील स्मृति एकीकरण, और संवेगात्मक संलग्नता की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'सक्रिय ज्ञान निर्माण' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्रोग्रेसिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Progressive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यावहारिक समस्या-समाधान, आलोचनात्मक चिंतन व समग्र लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षण' (Inclusive Education) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'अधिगम अक्षमता - डिसग्राफिया' (Dysgraphia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएँ हेमिस्फेयर के सुपीरियर पैरिएटल लोब' (Superior Parietal Lobe), 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus - Broca's area), और 'सेरिबैलम' (Cerebellum) के बीच visuomotor integration deficits, fine motor coordination disruption, और graphemic motor planning failures की सक्रियण गतिकी, तथा वर्जीनिया बर्बर (Virginia Berninger) के 'ऑर्थोग्राफिक-मोटर इंटीग्रेशन मॉडल' (Orthographic-Motor Integration Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसग्राफिया ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Dysgraphia Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी लेखन हस्तक्षेप (Multisensory Writing Intervention), कीनेस्थेटिक अनुकूली रणनीतियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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