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UPTET
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक काल के उपरांत 'उपनयन संस्कार' तथा उत्तर-वैदिककालीन शिक्षा व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उपनयन संस्कार के माध्यम से बालक को 'द्विज' की संज्ञा मिलती थी, जिसमें विभिन्न वर्णों के बालकों के लिए आयु निर्धारित थी—जैसे ब्राह्मण बालक के लिए 8 वर्ष, क्षत्रिय के लिए 11 वर्ष और वैश्य के लिए 12 वर्ष की आयु में यह संस्कार संपन्न होता था।
- 2. वैदिक काल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया था—पहला 'सद्योवधू' जो आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए वेदों का अध्ययन करती थीं, और दूसरा 'ब्रह्मवादिनी' जो विवाह कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश करती थीं।
- 3. गुरुकुल में शिक्षा पूरी होने के बाद छात्र का 'समावर्तन' (Samavartana) संस्कार संपन्न होता था, जिसके पश्चात वह 'स्नातक' की उपाधि प्राप्त कर गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने के लिए अपने घर वापस लौटता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि वैदिक काल में उपनयन संस्कार के समय वर्ण के अनुसार आयु निर्धारित थी (ब्राह्मण: 8, क्षत्रिय: 11, वैश्य: 12 वर्ष), जिसके बाद बालक 'द्विज' कहलाता था। कथन 2 गलत है क्योंकि प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था में 'ब्रह्मवादिनी' वे विदुषी महिलाएँ थीं जो आजीवन अविवाहित रहकर वेदों और दर्शन का अध्ययन करती थीं, जबकि 'सद्योवधू' वे महिलाएँ थीं जो शिक्षा समाप्त कर गृहस्थ जीवन (विवाह) अपनाती थीं (यहाँ दोनों की परिभाषाएँ उलट दी गई हैं)। कथन 3 सही है क्योंकि शिक्षा पूर्ण होने पर 'समावर्तन' संस्कार होता था और स्नान करने के कारण छात्र 'स्नातक' कहलाता था।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायुगत संदर्भ में, 'तराई एवं भाबर' क्षेत्रों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भाबर क्षेत्र' शिवालिक पहाड़ियों के ठीक गिद्धपादों (Foothills) में सिंधु से तीस्ता नदी तक फैला हुआ एक संकीर्ण क्षेत्र है, जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे अवक्षेपों का निक्षेपण करती हैं और अधिकांश छोटी नदियाँ इस पारगम्य (Permeable) क्षेत्र में विलुप्त हो जाती हैं।
2. 'तराई क्षेत्र' भाबर पेटी के ठीक दक्षिण में स्थित एक विस्तृत, नम और दलदली क्षेत्र है, जहाँ भाबर में विलुप्त हुई नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होती हैं और यहाँ अत्यधिक नमी के कारण घने जंगल तथा लंबी घासें पाई जाती हैं।
3. तराई क्षेत्र की मिट्टी अत्यधिक उपजाऊ जलोढ़ होती है, लेकिन यहाँ जलवायु अत्यधिक उष्ण, शुष्क और मानसूनी होती है, जिसके कारण यह क्षेत्र कृषि के लिए अनुपयुक्त माना जाता है और यहाँ धान तथा गन्ने की खेती बिल्कुल नहीं की जा सकती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि और उसका मापन (Intelligence and its Measurement)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिकी, अंतर्व्यक्तिगत, अंतravyaktigat और प्रकृतिवादी बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के विभिन्न корटिकल क्षेत्रों जैसे 'ब्रोका व वर्निक क्षेत्र', 'पैरिएटल लोब', 'ऑक्सीपिटल लोब', 'सेरिबैलम और मोटर कॉर्टेक्स', 'टेम्पोरल लोब', और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच विशिष्ट संज्ञानात्मक डोमेन मॉड्यूलरिटी, क्रॉस-कॉर्टिकल न्यूरल कनेक्टिविटी और स्वतंत्र प्रसंस्करण प्रणालियों की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रistarchic बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत भिन्नताओं के सम्मान, बहु-आयामी क्षमताओं के दोहन व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों के संदर्भ में, ब्रज क्षेत्र में 'चरकुला नृत्य' किस विशेष अवसर पर आयोजित किया जाता है और इस नृत्य की मुख्य विशेषता क्या होती है?
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उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं और 'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'टेराकोटा शिल्प' (Terracotta Craft) - गोरखपुर जिला (यह पकी हुई मिट्टी के पारंपरिक कलात्मक खिलौनों और मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है, जिसे जीआई (GI) टैग भी प्राप्त है।)
2. 'बर्तनों और पीतल के हस्तशिल्प' - मुरादाबाद जिला (इसे 'पीतल नगरी' के रूप में जाना जाता है और यहाँ धातु की नक्काशी का कार्य प्रमुखता से होता है।)
3. 'जरी-ज़रदोज़ी कला' - रामपुर जिला (यह पारंपरिक रूप से सोने और चांदी के तारों की कढ़ाई के लिए प्रसिद्ध है, जिसे ओडीओपी योजना के तहत शामिल किया गया है।)
4. 'काष्ठ कला (लकड़ी के खिलौने)' - सहारनपुर जिला (यह लकड़ी की नक्काशी और घरेलू सजावटी वस्तुओं के लिए पूरे देश में विशिष्ट स्थान रखता है।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के संरचनात्मक व पदानुक्रमित सिद्धांतों' के संदर्भ में, फिलिप वर्नोन (Philip Vernon) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का पदानुक्रमित मॉडल' (Hierarchical Model of Intelligence) के अंतर्गत 'सामान्य कारक (g)' और विशिष्ट समूहों जैसे 'मौखिक-शैक्षणिक' (Verbal-Educational) तथा 'व्यावहारिक-यांत्रिक' (Practical-Mechanical) कारकों के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा सिरिल बर्ट (Cyril Burt) के पदानुक्रमित दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मानकीकृत मूल्यांकन (Standardized Assessment) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी योग्यताओं के वैज्ञानिक वर्गीकरण में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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