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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भूगर्भिक संरचना और प्रमुख खनिज संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. उत्तर प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.33% है और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का चौथा (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद) सबसे बड़ा राज्य है।
  2. 2. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और बघेलखंड का पठार) में भूगर्भिक दृष्टि से सबसे प्राचीन चट्टानें पाई जाती हैं, और इस क्षेत्र में राज्य के प्रमुख खनिज जैसे डायमंड (बांदा/मिर्जापुर), नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले, पोटाश लवण और चूना पत्थर (सोनभद्र के कजरी और गुरमा क्षेत्र) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
  3. 3. राज्य में भूगर्भिक संरचना की दृष्टि से उत्तरी भाग में स्थित 'भाबर और तराई' क्षेत्र में महीन जलोढ़ मृदा तथा दलदली भूमि पाई जाती है, जहाँ प्राचीन गोंडवाना लैंड की विंध्यन क्रम की चट्टानों से बड़े पैमाने पर संगमरमर और यूरेनियम का खनन किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश का कुल क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किमी है, जो देश का 7.33% है और क्षेत्रफल में यह राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद चौथे स्थान पर है। कथन 2 सही है क्योंकि दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड) प्राचीन गोंडवाना लैंड का हिस्सा है जहाँ चूना पत्थर, डायमंड, फायर क्ले और नॉन-प्लास्टिक क्ले जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि 'भाबर और तराई' क्षेत्र में विंध्यन क्रम की चट्टानें या संगमरमर/यूरेनियम का खनन नहीं होता है, बल्कि यह क्षेत्र नद द्वारा लाई गई कंकड़-पत्थर और महीन जलोढ़ मृदा से निर्मित दलदली व कृषि प्रधान क्षेत्र है।
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