जीन पियाजे
Asked 2 months ago · Viewed 16 times
बाल विकास के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित में से कौन सी सबसे मुख्य विशेषता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक चलती है। इस अवस्था की सबसे प्रमुख विशेषता 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking), परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetical-Deductive Reasoning) तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास है। इस स्तर पर बालक बिना किसी मूर्त या प्रत्यक्ष सामग्री के केवल तर्कों और विचारों के आधार पर समस्याओं का समाधान करने में सक्षम हो जाता है। 'वस्तु स्थायित्व' संवेदी-गामक अवस्था (Sensory-Motor Stage) की विशेषता है, जबकि 'संरक्षण' मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) के दौरान विकसित होता है।
अगला प्रश्न →
बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के…
← पिछला प्रश्न
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of…
Related Questions
→
पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा नई सूचनाओं को अपने पूर्व-मौजूद स्कीमा (Schema) में फिट करने का प्रयास करता है बिना उसमें कोई बदलाव किए, तो इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?
→
बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के अंतर्संबंधों के संदर्भ में, रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'निजी वाक' (Private Speech) की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वाइगोत्स्की के अनुसार, प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चे जो अपने कार्यों को निर्देशित करने के लिए उच्च स्वर में स्वयं से बातें करते हैं, वह उनके सामाजिक रूप से अनुकूली न होने का प्रमाण है और यह पियाजे के 'अहम केंद्रित भाषा' (Egocentric Speech) का ही दूसरा नाम है।
2. यह 'निजी वाक' आगे चलकर आंतरिक भाषण (Inner Speech) में परिवर्तित हो जाता है, जो बच्चों में उच्च मानसिक कार्यों (Higher Mental Functions), आत्म-नियमन (Self-Regulation) और समस्या-समाधान की क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
3. जीन पियाजे का यह मानना था कि यह भाषण पूरी तरह से अर्थहीन और अपरिपक्व है, जो बच्चे के संज्ञानात्मक विकास में कोई सकारात्मक योगदान नहीं देता है, जबकि वाइगोत्स्की इसके विपरीत यह मानते हैं कि भाषा और विचार की शुरुआत स्वतंत्र रूप से होती है और बाद में वे आपस में मिल जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
बच्चों के संज्ञानात्मक विकास और भाषा अर्जन के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सिद्धांतों के तुलनात्मक अध्ययन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे का मानना था कि बच्चों में विचार (Thought) का विकास भाषा से पहले होता है और भाषा उनके संज्ञानात्मक विकास का ही एक उत्पाद है, जबकि लेव वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार शुरुआत में स्वतंत्र होते हैं, लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु के बाद वे आपस में मिल जाते हैं।
2. पियाजे ने बच्चों को 'सक्रिय अन्वेषक' (Active Explorers) माना है जो अपने भौतिक पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया करके स्वयं ज्ञान का निर्माण करते हैं, जबकि वाइगोत्स्की ने बच्चे के संज्ञानात्मक विकास में सामाजिक-सांस्कृतिक अंतःक्रिया, भाषा और 'मोर नॉलेजेबल अदर' (MKO) की भूमिका को सर्वोपरि माना है।
3. पियाजे के अनुसार 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) बच्चों की अपरिपक्वता को दर्शाता है जो किसी अन्य के दृष्टिकोण को समझने में असमर्थ होते हैं, जबकि वाइगोत्स्की इसे 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) कहते हैं जो बच्चों को अपने व्यवहार को विनियमित (Self-regulation) करने में सहायता प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख विशेषताएँ हैं?
1. इस अवस्था का समय सामान्यतः 11 वर्ष से वयस्कता (15 वर्ष और उससे आगे) तक होता है, जिसमें बालक अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) करने में सक्षम हो जाता है।
2. बालक इस स्तर पर वैज्ञानिक पद्धति की तरह सोच सकता है और किसी समस्या के समाधान के लिए सभी संभावित तार्किक विकल्पों या परिकल्पनाओं (Hypotheses) का व्यवस्थित रूप से परीक्षण कर सकता है।
3. इस अवस्था में पहुँचकर बालक 'संरक्षण' (Conservation) और 'श्रेणीबद्धता' (Classification) के बुनियादी सिद्धांतों को पहली बार सीखता है, जो कि इससे पूर्व की पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में पूरी तरह से अनुपस्थित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालकों का चिंतन केवल मूर्त या प्रत्यक्ष रूप से सामने मौजूद वस्तुओं तक सीमित न रहकर अमूर्त (Abstract) हो जाता है।
2. किशोरों के भीतर 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-deductive reasoning) की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वे किसी समस्या के समाधान के लिए विभिन्न संभावित विकल्पों या परिकल्पनाओं का तार्किक रूप से परीक्षण कर सकते हैं।
3. यह अवस्था जन्म से लेकर लगभग 2 वर्ष की आयु तक चलती है, जिसमें बालक इंद्रियों और गत्यात्मक क्रियाओं के माध्यम से संसार को समझता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.