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जीन पियाजे
Asked 2 months ago · Viewed 16 times

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए:

  1. 1. इस अवस्था में बालकों का चिंतन केवल मूर्त या प्रत्यक्ष रूप से सामने मौजूद वस्तुओं तक सीमित न रहकर अमूर्त (Abstract) हो जाता है।
  2. 2. किशोरों के भीतर 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-deductive reasoning) की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वे किसी समस्या के समाधान के लिए विभिन्न संभावित विकल्पों या परिकल्पनाओं का तार्किक रूप से परीक्षण कर सकते हैं।
  3. 3. यह अवस्था जन्म से लेकर लगभग 2 वर्ष की आयु तक चलती है, जिसमें बालक इंद्रियों और गत्यात्मक क्रियाओं के माध्यम से संसार को समझता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' लगभग 11 वर्ष से लेकर वयस्कता तक चलती है। इस अवस्था की मुख्य विशेषताएँ अमूर्त चिंतन और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-deductive reasoning) का विकास हैं। अतः कथन 1 और 2 बिल्कुल सही हैं। वहीं, कथन 3 में दी गई विशेषता जन्म से 2 वर्ष तक की आयु से संबंधित है, जिसे 'संवेदी-गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage) कहा जाता है, न कि औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था। इसलिए कथन 3 गलत है।
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