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UPTET
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम में 'क्षेत्र भ्रमण' (Field Trip) को pedagogy के रूप में उपयोग करने का निम्नलिखित में से सबसे प्रमुख और वैज्ञानिक शैक्षिक उद्देश्य कौन सा है?

Detailed Explanation

पर्यावरण अध्ययन (EVS) में क्षेत्र भ्रमण (Field Trip) का प्राथमिक उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अवलोकन द्वारा मूर्त अनुभव प्रदान करना है। कंस्ट्रक्टिविस्ट (रचनावादी) दृष्टिकोण के अनुसार, जब बच्चे वास्तविक पर्यावरण और समाज से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ते हैं, तो उनका ज्ञान अधिक स्थायी और सार्थक होता है।
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उत्तर प्रदेश की कृषि, मृदा प्रकार और जलवायु व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में पाए जाने वाले पठारी और पहाड़ी क्षेत्रों की मृदा को 'बंडुआ' या 'मार' मृदा कहा जाता है, जो मुख्य रूप से कम उपजाऊ होती है और इसमें नाइट्रोजन एवं ह्यूमस की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। 2. राज्य में 'तराई क्षेत्र' (Tarai Region) उत्तर प्रदेश के उत्तर में शिवालिक पहाड़ियों के ठीक नीचे एक संकीर्ण पट्टी के रूप में फैला हुआ है, जहाँ भारी वर्षा और घने जंगलों के कारण मृदा में नमी अधिक होती है तथा यहाँ धान और गन्ने की खेती प्रमुखता से की जाती है। 3. उत्तर प्रदेश में 'लाल मृदा' (Red Soil) मुख्य रूप से मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों के पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाती है, जिसका निर्माण लाल बलुआ पत्थर और ग्रेनाइट चट्टानों के अपक्षय से हुआ है और इसमें लौह तत्वों की अधिकता होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (विशेष रूप से उत्तर-रूढ़िगत स्तर / Post-conventional Level के सामाजिक अनुबंध और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'एंटिरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) के बीच संवेगात्मक समानुभूति (Empirical Empathy), सामाजिक न्याय मूल्यांकन, और संज्ञानात्मक दुविधा समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) के दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मॉरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Moral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक तार्किकता (Moral Reasoning), न्यायपरायणता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गैरी और अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार के न्यूरो-बायोलॉजिकल कारणों' (थकान, प्रेरणा की कमी, गलत शिक्षण विधियाँ और जटिलता स्तर में अचानक वृद्धि) तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स के कार्यकारी अतिभार' (Prefrontal Cortex Executive Overload - कार्यशील स्मृति की सीमा और संज्ञानात्मक थकान), 'लॉसस ऑफ़ डोपामिनर्जिक मोटिवेशनल ड्राइव' (Loss of Dopaminergic Motivational Drive - न्यूरोट्रांसमीटर थकावट और घटता सुदृढ़ीकरण), और 'हिप्पोकैम्पस में सिनेप्टिक समेकन की अड़चन' (Hippocampal Consolidation Bottleneck - सूचनाओं के दीर्घकालिक भंडारण में न्यूरोनल संतृप्ति) के बीच तंत्रिका नेटवर्क की शिथिलता, सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी की कमी, तथा न्यूरोनल समन्वय के अवरोध की सक्रियण गतिकी, तथा ब्रूनर के 'अधिगम के अन्वेषण मॉडल' (Discovery Learning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्लेटॉ ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' (Neuro-Plateau Optimized Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, संज्ञानात्मक विश्राम रणनीतियाँ व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम पठार (Plateaus of Learning) और मानसिक थकान' के संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत आने वाले सीमांत अवरोधों, तथा ब्रायन और हार्ter (Bryan & Harter) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार के निर्माण के प्रमुख कारणों'—जैसे रुचि की कमी, प्रेरणा का अभाव, जटिल विषय-वस्तु, शारीरिक या मानसिक थकान, और अनुचित शिक्षण विधि—के वैज्ञानिक स्वरूप के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) कक्षा-कक्ष प्रबंधन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता (Creativity) और divergent thinking के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जिलफोर्ड (J. P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) और 'एक्सेक्यूटीव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network) के सहयोगात्मक सक्रियण की गतिकी, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण'—'तैयारी' (Preparation), 'उद्भावन/प्रद्भवन' (Incubation), 'प्रदीप्ति/रोशनी' (Illumination), और 'सत्यापन' (Verification)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के अभिनव उपागमों और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय मौलिकता एवं लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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