त्वरित लिंक्स
UPTET
5 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गैरी और अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार के न्यूरो-बायोलॉजिकल कारणों' (थकान, प्रेरणा की कमी, गलत शिक्षण विधियाँ और जटिलता स्तर में अचानक वृद्धि) तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स के कार्यकारी अतिभार' (Prefrontal Cortex Executive Overload - कार्यशील स्मृति की सीमा और संज्ञानात्मक थकान), 'लॉसस ऑफ़ डोपामिनर्जिक मोटिवेशनल ड्राइव' (Loss of Dopaminergic Motivational Drive - न्यूरोट्रांसमीटर थकावट और घटता सुदृढ़ीकरण), और 'हिप्पोकैम्पस में सिनेप्टिक समेकन की अड़चन' (Hippocampal Consolidation Bottleneck - सूचनाओं के दीर्घकालिक भंडारण में न्यूरोनल संतृप्ति) के बीच तंत्रिका नेटवर्क की शिथिलता, सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी की कमी, तथा न्यूरोनल समन्वय के अवरोध की सक्रियण गतिकी, तथा ब्रूनर के 'अधिगम के अन्वेषण मॉडल' (Discovery Learning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्लेटॉ ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' (Neuro-Plateau Optimized Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, संज्ञानात्मक विश्राम रणनीतियाँ व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अधिगम के पठार (Plateaus of Learning) सीखने की प्रक्रिया में आने वाले वे रुकावट के बिंदु हैं जहाँ प्रदर्शन में कोई प्रगति नहीं दिखाई देती। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, यह स्थिति प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स के कार्यकारी अतिभार (Executive Overload), कार्यशील स्मृति की सीमाओं, हिप्पोकैम्पस में सूचना समेकन की अड़चन और डोपामिनर्जिक रिवार्ड पाथवे में प्रेरणा की कमी के कारण उत्पन्न होती है। इसे पार करने के लिए 'न्यूरो-प्लेटॉ ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' के तहत संज्ञानात्मक विश्राम, शिक्षण विधियों में बदलाव, और सकारात्मक सुदृढ़ीकरण का उपयोग किया जाता है। अतः विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों (Wildlife Sanctuaries), पक्षी विहारों और संरक्षित क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का सबसे पहला (प्रथम) वन्यजीव विहार 'चन्द्रप्रभा वन्यजीव विहार' है, जिसकी स्थापना 1957 में चंदौली जिले में की गई थी, जबकि राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' है जो कई जिलों में फैला हुआ है।
2. 'नवाबगंज पक्षी विहार' (जिसे अब आधिकारिक रूप से 'चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार' कहा जाता है) उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना पक्षी विहार है, जो उन्नाव जिले में स्थित है।
3. दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (Dudhwa National Park) को वर्ष 1987 में 'प्रोजेक्ट टाइगर' के अंतर्गत शामिल किया गया था, और यह उत्तर प्रदेश का एकमात्र ऐसा राष्ट्रीय उद्यान है जहाँ एशियाई शेरों (Asiatic Lions) का प्राकृतिक संरक्षण किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
हिंदी व्याकरण के अंतर्गत 'स्रेतः और इतिहास' की दृष्टि से शब्दों के वर्गीकरण में 'तद्भव' शब्दों की पहचान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म पूर्णतः असंगत (गलत) है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु परिप्रेक्ष्य में, राज्य में शीतकालीन वर्षा का मुख्य कारण क्या है और इससे राज्य के किस कृषि क्षेत्र को सबसे अधिक लाभ प्राप्त होता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालकों के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) का गुण विकसित हो जाता है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के रूप, आकार या रंग में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, आयतन या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है।
2. बच्चे वस्तुओं को उनके किसी एक गुण (जैसे केवल रंग या केवल आकार) के आधार पर वर्गीकृत करने की बजाय कई मानदंडों के आधार पर एक साथ छाँट सकते हैं, जिसे 'वर्गीकरण' (Classification) की क्षमता कहा जाता है।
3. इस अवस्था के दौरान बालक पूरी तरह से 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क' में पारंगत हो जाते हैं, और उन्हें अपने तर्कों की पुष्टि के लिए प्रत्यक्ष या भौतिक रूप से सामने मौजूद वस्तुओं की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
बुद्धिमत्ता (Intelligence) के त्रि-आयामी सिद्धांत (Tri-dimensional Theory of Intelligence) का प्रतिपादन किसने किया था, जिसके अनुसार बुद्धि को संक्रियाओं (Operations), अंतर्वस्तुओं (Contents) और उत्पादों (Products) के तीन आयामों में वर्गीकृत किया गया है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.