त्वरित लिंक्स
UPTET
4 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र' के अंतर्गत 'कोहलबर्ग के नैतिक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, कोहलबर्ग द्वारा प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-Conventional Morality: सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत और अंतरात्मा की स्वायत्तता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC - नैतिक निर्णय लेने और सहानुभूति का प्रसंस्करण), 'इंसुला कॉर्टेक्स' (Insula Cortex - सामाजिक न्याय और निष्पक्षता से जुड़ी संवेदी-संवेगात्मक अनुक्रिया), तथा 'पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC - नैतिक दुविधाओं के समाधान और संज्ञानात्मक संघर्ष के नियंत्रण) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन, कॉर्टिकल नेटवर्क्स के एकीकरण, तथा 'मोरल रीजनिंग प्लास्टिसिटी' के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-Conventional Level) नैतिक विकास की सर्वोच्च अवस्था है, जहाँ व्यक्ति सामाजिक नियमों या कानूनों से परे हटकर सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों, न्याय और अंतरात्मा की आवाज के आधार पर निर्णय लेता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, इस जटिल नैतिक तर्क और सहानुभूति के नियमन में 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'इंसुला कॉर्टेक्स' (जो न्याय और निष्पक्षता की भावनाओं को संसाधित करता है), और 'पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC - जो नैतिक दुविधाओं में मानसिक संघर्ष को सुलझाता है) की सक्रिय भागीदारी होती है। इसलिए विकल्प (b) इस अवधारणा का सबसे सटीक और वैज्ञानिक विवरण प्रस्तुत करता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि परिदृश्य के संदर्भ में, राज्य में मृदा अपरदन (Soil Erosion) की समस्या के प्रमुख कारणों और उससे सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जॉन डीवी (John Dewey) के अनुभवात्मक अधिगम और प्रगतिशील शिक्षा' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, जॉन डीवी द्वारा प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) के मॉडल के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), 'पॉस्टरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (PCC) और 'मोटोसेंसरी कॉर्टेक्स' के बीच अनुभवात्मक समेकन, व्यावहारिक समस्या-समाधान और लक्ष्य-निर्देशित मोटर योजना की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, प्रोजेक्ट-आधारित अन्वेषण शिक्षाशास्त्र (Project-Based Inquiry Pedagogy) और विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, व्यावहारिक ज्ञान के अनुप्रयोग व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'जैव विविधता संरक्षण' और इसके संरक्षण के विभिन्न तरीकों (इन-सिटू और एक्स-सिटू) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'इन-सिटू' (In-situ) संरक्षण विधि के अंतर्गत जीवों और वनस्पतियों का संरक्षण उनके प्राकृतिक आवास (Natural Habitat) में ही किया जाता है, जिसके प्रमुख उदाहरण राष्ट्रीय उद्यान (National Parks), वन्यजीव अभ्यारण्य (Wildlife Sanctuaries), जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves) और पवित्र उपवन (Sacred Groves) हैं।
2. 'एक्स-सिटू' (Ex-situ) संरक्षण विधि के अंतर्गत संकटग्रस्त प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर किसी कृत्रिम या नियंत्रित वातावरण में संरक्षित किया जाता है, जिसके अंतर्गत वानस्पतिक उद्यान (Botanical Gardens), चिड़ियाघर (Zoos), बीज बैंक (Seed Banks) और क्रायोप्रिजर्वेशन (Cryopreservation) शामिल हैं।
3. भारत में प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत वर्ष 1973 में कॉर्бет राष्ट्रीय उद्यान (उत्तराखंड) से की गई थी, और यह वन्यजीव संरक्षण इन-सिटू संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जबकि जिम कॉर्бет राष्ट्रीय उद्यान का पुराना नाम 'हैली नेशनल पार्क' था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) की कक्षा में 'राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा' (NCF 2005) के मार्गदर्शन और उपागम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को एक स्वतंत्र विषय के रूप में कक्षा 1 और 2 से ही पढ़ाया जाना चाहिए, जिसमें विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की अवधारणाओं को एकीकृत किया गया हो।
2. NCF 2005 के अनुसार EVS का पाठ्यक्रम छह प्रमुख थीमों (Themes) पर आधारित है: परिवार और मित्र, भोजन, पानी, आश्रय, यात्रा, और 'हम चीजें कैसे बनाते हैं'।
3. यह विषय बच्चों के स्थानीय परिवेश और वास्तविक जीवन के अनुभवों को विद्यालय के ज्ञान से जोड़ने पर बल देता है, जिससे रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति मिल सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और बाल-केन्द्रित शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) को सामान्य विद्यालयों में प्रवेश देना है, और इसके लिए सामान्य पाठ्यचर्या या शिक्षण विधियों में किसी भी प्रकार के लचीलेपन या अनुकूलन की आवश्यकता नहीं होती है।
2. 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) का सिद्धांत समावेशी कक्षाओं में अधिगम की बाधाओं को दूर करने के लिए बहुविध प्रस्तुतिकरण (Multiple Means of Representation), बहुविध अभिव्यक्ति (Multiple Means of Expression) और बहुविध सहभागिता (Multiple Means of Engagement) के प्रावधान पर बल देता है।
3. शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act 2009) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) दोनों ही दिव्यांग और सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से वंचित बच्चों की मुख्यधारा की शिक्षा के लिए 'समान अवसर' और 'विशेष सहायता' दोनों की वकालत करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.