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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानववादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'अनुभवजन्य या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning)**—जिसे केवल बाहरी तथ्यों को रटने या ज्ञान को निष्क्रिय रूप से ग्रहण करने के विपरीत, शिक्षार्थी की अपनी व्यक्तिगत जिज्ञासा, आंतरिक प्रेरणा और वास्तविक जीवन की अर्थपूर्ण परिस्थितियों से सीधे जुड़कर ज्ञान का सक्रिय निर्माण करने की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-निर्देशित अध्ययन (Self-directed Learning), संवेगात्मक स्वायत्तता और सार्थक व्यक्तिगत विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कार्ल रोजर्स के मानववादी दृष्टिकोण के अनुसार, 'अनुभवजन्य अधिगम' (Experiential Learning) उस अधिगम को संदर्भित करता है जो प्रकृति में व्यक्तिगत और अर्थपूर्ण होता है। इसमें शिक्षार्थी अपनी जिज्ञासा, सक्रिय सहभागिता और आंतरिक प्रेरणा के आधार पर सीखता है। यह दृष्टिकोण रटंत विद्या को खारिज करता है और इस बात पर बल देता है कि जब ज्ञान विद्यार्थी के अपने अनुभवों और आवश्यकताओं से जुड़ता है, तो उसका विकास अधिक स्थायी, स्व-निर्देशित और समग्र (Holistic) होता है। अतः विकल्प (c) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित तीन निरूपण पद्धतियों—(1) क्रियात्मक निरूपण (Enactive Representation), (2) दृश्य/प्रतिबिम्बात्मक निरूपण (Iconic Representation), और (3) सांकेतिक निरूपण (Symbolic Representation)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सर्पिल पाठ्यक्रम (Spiral Curriculum) के निर्माण, अमूर्त चिंतन के विकास, और खोजनात्मक अधिगम (Discovery Learning) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन मंटेल और जेरोम ब्रूनर द्वारा समर्थित तथा संज्ञानात्मक मनोविज्ञान में केंद्रीय महत्व रखने वाले 'स्क্যাफोल्डिंग या पाटन' (Scaffolding) की अवधारणा से थोड़ा आगे बढ़कर, जॉन फ्लेवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'अधिज्ञानात्मकता या मेटाकॉग्निशन' (Metacognition) के अंतर्गत आने वाले घटक 'अधिज्ञानात्मक ज्ञान' (Metacognitive Knowledge - जिसमें व्यक्ति की अपनी संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं के बारे में जागरूकता, कार्य संबंधी ज्ञान और रणनीतिक ज्ञान शामिल है) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning), संज्ञानात्मक निगरानी (Cognitive Monitoring) और आलोचनात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय अवस्था—**'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation)**—जिसे उत्तर-पारंपरिक नैतिकता (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले उस उन्नत नैतिक चरण के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति कानूनों और नियमों को कठोर और अपरिवर्तनीय मानने के बजाय सामाजिक कल्याण, आपसी सहमति और मानवाधिकारों के संदर्भ में देखता है, और यह मानता है कि यदि कोई कानून समाज के बुनियादी अधिकारों की रक्षा करने में विफल रहता है, तो उसे लोकतांत्रिक तरीकों से बदला जाना चाहिए—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक मूल्यों, तार्किक निर्णय लेने की क्षमता, नागरिक उत्तरदायित्व और आलोचनात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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