रचनावाद एवं अन्य अधिगम सिद्धांत
Asked 2 months ago · Viewed 13 times
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अग्रिम संगठन' (Advance Organizer)** की अवधारणा—जिसके तहत किसी नए और जटिल विषय को पढ़ाने से पहले विद्यार्थियों के सामने उच्च-स्तर के, सारांश रूप में और अधिक व्यापक समावेशी परिचयात्मक सामग्रियां प्रस्तुत की जाती हैं, ताकि शिक्षार्थी अपने संज्ञानात्मक ढांचे में पहले से मौजूद प्रासंगिक पूर्व-ज्ञान (Anchor Ideas) के साथ नए ज्ञान को तार्किक रूप से जोड़ सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा के सुदृढ़ीकरण, तार्किक अवबोध और दीर्घकालिक अर्थपूर्ण अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड औसुबेल का 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) इस बात पर बल देता है कि सीखना मुख्य रूप से तब होता है जब नया ज्ञान शिक्षार्थी के मौजूदा संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) से जुड़ता है। इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए औसुबेल ने 'अग्रिम संगठन' (Advance Organizers) की अवधारणा दी। ये परिचयात्मक सामग्रियां मुख्य पाठ से पहले उच्च स्तर पर प्रस्तुत की जाती हैं ताकि वे शिक्षार्थी के मन में 'एंकरिंग आइडियाज' (Anchoring Ideas) या वैचारिक आधार का काम करें और नए ज्ञान को तार्किक रूप से समाकलित करके अर्थपूर्ण अधिगम सुनिश्चित कर सकें।
अगला प्रश्न →
डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning…
← पिछला प्रश्न
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम…
Related Questions
→
'समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (Inclusive Education and Children with Special Needs)' के संदर्भ में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय सिद्धांत (Ecological Systems Theory) का विशेष शिक्षा में अनुप्रयोग' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्カス' (Superior Temporal Sulcus - STS) के बीच सामाजिक संज्ञान, पर्यावरणीय अनुकूलन और न्यूरोडाइवर्सिटी (Neurodiversity) प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा उता फ्रिथ (Uta Frith) द्वारा प्रतिपादित 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार (ASD) का न्यूरो-कोग्निटिव माइंडब्लाइंडनेस मॉडल (Mindblindness Model - Theory of Mind)' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL: Universal Design for Learning) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, सामाजिक सहभागिता व सर्वांगीण समावेशन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का अर्थ क्या है?
→
कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का अर्थ है:
→
कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का मुख्य लाभ क्या है?
→
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advance Organizer)** की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नए ज्ञान को प्रस्तुत करने से पहले एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और अमूर्त शिक्षण सहायक सामग्री (Introductory Material) शिक्षार्थी को प्रदान की जाती है, जो उसके पूर्व-ज्ञान (Cognitive Structure) और नवीन जानकारी के बीच एक वैचारिक सेतु का कार्य करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा (Schema) के सुदृढ़ीकरण, तार्किक अवबोध और दीर्घकालिक अर्थपूर्ण अधिगम (Meaningful Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवधारणा—**'अग्रगामी संगठक' (Advance Organizer)**—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नए पाठ को प्रस्तुत करने से पहले एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और अमूर्त शिक्षण सामग्री या परिचय प्रस्तुत किया जाता है, जो शिक्षार्थी के पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) और नवीन सूचनाओं के बीच एक संज्ञानात्मक सेतु का कार्य करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा (Schema) के सुदृढ़ीकरण, तार्किक संप्रत्ययीकरण और सार्थक संज्ञानात्मक संरचना (Cognitive Structure) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'अनुभात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित 'मूर्त अनुभव' (Concrete Experience) और 'परावर्ती अवलोकन' (Reflective Observation) के पश्चात आने वाले चरण यानी 'मूर्त संकल्पनाकरण या अमूर्त वैश्वीकरण' (Abstract Conceptualization) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने संचित अनुभवों और उनके परावर्ती विश्लेषण से प्राप्त निष्कर्षों को तार्किक नियमों, सिद्धांतों और व्यापक वैचारिक मॉडलों में संकलित और व्यवस्थित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सैद्धांतिक ज्ञान निर्माण, अमूर्त चिंतन और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक संरचनाओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम आयोजक' (Advance Organizers) की अवधारणा तथा 'अवरोही अधिगम' (Deductive Learning / Subsumption) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान के साथ नवीन संकल्पनाओं के एकीकरण (Integration), संज्ञानात्मक संरचना (Cognitive Structure) के सुदृढ़ीकरण और सार्थक अनुदेशनात्मक डिजाइन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.