संज्ञानात्मक विकास
Asked 2 months ago · Viewed 14 times
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से आगे) की सर्वोच्च विशेषता के रूप में वर्णित 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) की अवधारणा—जिसके तहत किशोर शिक्षार्थी केवल प्रत्यक्ष या मूर्त वस्तुओं तक सीमित न रहकर किसी समस्या के सभी संभावित समाधानों की मानसिक रूप से परिकल्पना कर सकता है, वैज्ञानिक रूप से चरों को अलग कर सकता है, और तार्किक रूप से निष्कर्षों का परीक्षण कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आलोचनात्मक चिंतन, और सुव्यवस्थित समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत की अंतिम अवस्था 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) लगभग 11 वर्ष की आयु से शुरू होती है। इस अवस्था की सबसे प्रमुख विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) है। इसके अंतर्गत बालक न केवल मूर्त या प्रत्यक्ष रूप से मौजूद वस्तुओं पर विचार करता है, बल्कि वह किसी समस्या के समाधान के लिए मानसिक रूप से विभिन्न परिकल्पनाएं (Hypotheses) तैयार करता है, वैज्ञानिक विधियों से उनका तार्किक परीक्षण करता है और अमूर्त विचारों (जैसे न्याय, स्वतंत्रता, बीजगणितीय सूत्र आदि) को समझने में सक्षम होता है। विकल्प (c) इस मनोवैज्ञानिक अवधारणा और उसके कक्षा-कक्षीय निहितार्थों का सबसे सटीक और वैज्ञानिक वर्णन करता है।
अगला प्रश्न →
रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम' (Conditions of Learning /…
← पिछला प्रश्न
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास…
Related Questions
→
पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
→
पियाजे के अनुसार 'आत्मसात्करण' (Assimilation) क्या है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अधिगम की तीन अवस्थाओं' में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवस्था—अर्थात् 'प्रतीकात्मक अवस्था' (Symbolic Stage)—की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी मूर्त वस्तुओं या प्रत्यक्ष अनुभवों से आगे बढ़कर भाषा, अंकों, तार्किक प्रतीकों और अमूर्त संकेतों के माध्यम से ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है, मानसिक संक्रियाएं करता है और जटिल प्रत्ययों को समझता है, के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय अमूर्त चिंतन, तार्किक भाषा-कौशल और वैचारिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम—अर्थात् 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों का उपयोग करके किसी नवीन, जटिल और अनपेक्षित समस्या का तार्किक विश्लेषण करता है, परिकल्पनाएं (Hypotheses) गढ़ता है और बौद्धिक सूझ-बूझ के माध्यम से एक नया समाधान खोज निकालता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास, तार्किक स्वायत्तता और स्वतंत्र बौद्धिक क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
रॉबर्ट जे. स्टर्नबर्ग (Robert J. Sternberg) के 'त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित 'घटकिय या विश्लेषणात्मक बुद्धिमत्ता' (Componentual / Analytical Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अमूर्त चिंतन करने, समस्याओं का विश्लेषण करने, सूचनाओं को संसाधित करने और शैक्षणिक रूप से तार्किक निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, तार्किक विश्लेषण, और अकादमिक उत्कृष्टता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के अनुक्रमिक सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम यानी 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों (नियम अधिगम तथा प्रत्यय अधिगम) का उपयोग करके किसी नवीन, जटिल और अनसुलझी स्थिति या समस्या का तार्किक और सृजनात्मक समाधान खोजता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशल, विश्लेषणात्मक चिंतन, और बौद्धिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.