संज्ञानात्मक विकास
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रॉबर्ट जे. स्टर्नबर्ग (Robert J. Sternberg) के 'त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित 'घटकिय या विश्लेषणात्मक बुद्धिमत्ता' (Componentual / Analytical Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अमूर्त चिंतन करने, समस्याओं का विश्लेषण करने, सूचनाओं को संसाधित करने और शैक्षणिक रूप से तार्किक निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, तार्किक विश्लेषण, और अकादमिक उत्कृष्टता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
रॉबर्ट स्टर्नबर्ग के त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, घटकिय या विश्लेषणात्मक बुद्धिमत्ता (Componentual / Analytical Intelligence) का संबंध व्यक्ति की सूचना प्रक्रमण (Information Processing) दक्षता से है। इसके अंतर्गत मेटा-घटक (योजना बनाना और मूल्यांकन करना), निष्पादन घटक (योजनाओं को क्रियान्वित करना), और ज्ञान-अधिगम घटक (नई जानकारी प्राप्त करना) शामिल होते हैं। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में यह विद्यार्थियों को आलोचनात्मक चिंतन, तार्किक विश्लेषण, और शैक्षणिक समस्याओं को सटीकता से हल करने में सक्षम बनाती है। अतः विकल्प (b) इस संदर्भ में सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक कथन है।
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