क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
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बुरुस फ्रेडरिक स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement) के चार मुख्य प्रकारों—(1) सतत पुनर्बलन (Continuous Reinforcement), (2) निश्चित अनुपात अनुसूची (Fixed-Ratio Schedule), (3) परिवर्ती अनुपात अनुसूची (Variable-Ratio Schedule), और (4) निश्चित अंतराल अनुसूची (Fixed-Interval Schedule)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहार के स्थायित्व, विलोप (Extinction) के प्रतिरोध, और आंतरिक स्व-नियमन (Self-Regulation) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
व्याख्या: स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन में 'सतत पुनर्बलन' (Continuous Reinforcement) किसी नए व्यवहार को स्थापित करने (Acquisition phase) में सबसे तीव्र होता है, परंतु जैसे ही पुनर्बलन बंद होता है, विलोप (Extinction) भी उतनी ही तेजी से होता है। इसके विपरीत, 'परिवर्ती अनुपात अनुसूची' (Variable-Ratio Schedule)—जैसे कि लॉटरी या स्लॉट मशीन—अनिश्चित संख्या में अनुक्रियाओं के बाद पुनर्बलन देती है, जिससे विद्यार्थी अत्यधिक उच्च और स्थिर दर पर अनुक्रिया करते हैं तथा यह विलोप के प्रति सबसे अधिक प्रतिरोधी (Resistant to extinction) होती है। अतः विकल्प (a) सबसे अधिक वैज्ञानिक और प्रामाणिक कथन है।
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