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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की संरचनात्मक प्रणाली—(1) इड (Id), (2) ईगो (Ego), और (3) सुपरईगो (Superego)—तथा उनके द्वारा संचालित रक्षा तंत्रों (Defense Mechanisms) यथा 'युक्तिकरण' (Rationalization), 'दमन' (Repression), और 'उदात्तीकरण' (Sublimation) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तनाव प्रबंधन, नैतिक विकास, और भावनात्मक समायोजन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिगमंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, व्यक्तित्व के तीन मुख्य घटक हैं—इड (Id), ईगो (Ego), और सुपरईगो (Superego)। इड सुख के सिद्धांत पर कार्य करता है और तात्कालिक संतुष्टि चाहता है। ईगो वास्तविकता के सिद्धांत (Reality Principle) पर काम करते हुए इड और सुपरईगो के बीच संतुलन बनाता है। सुपरईगो नैतिकता, आदर्शों और सामाजिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है, जो इड की अनैतिक प्रवृत्तियों को नियंत्रित करता है। विकल्प 'b' इस सिद्धांत के वैज्ञानिक स्वरूप का सबसे सटीक वर्णन करता है। विकल्प 'a' और 'c' गलत हैं क्योंकि इड वास्तविकता के सिद्धांत पर नहीं बल्कि सुख के सिद्धांत पर कार्य करता है और ईगो वास्तविकता का प्रबंधन करता है। विकल्प 'd' गलत है क्योंकि उदात्तीकरण (Sublimation) एक सकारात्मक और परिपक्व रक्षा तंत्र है जिसमें असामाजिक ऊर्जा को समाज-स्वीकार्य रचनात्मक कार्यों में बदला जाता है, न कि उसे केवल दबाया जाता है।
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