सृजनशीलता (Creativity)
Asked 2 months ago · Viewed 16 times
पॉल टॉरेंस (E. Paul Torrance) के 'सृजनात्मकता के सिद्धांत' (Theory of Creativity) एवं 'टॉरेंस परीक्षण ऑफ क्रिएटिव थिंकिंग' (TTCT) के अंतर्गत प्रतिपादित चार प्रमुख घटकों—(1) प्रवाह (Fluency), (2) लचीलापन (Flexibility), (3) मौलिकता (Originality), और (4) विस्तारण (Elaboration)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अपसारी चिंतन (Divergent Thinking), कल्पनाशीलता के संवर्धन, और नवीन समस्या-समाधान रणनीतियों के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पॉल टॉरेंस (E. Paul Torrance) ने सृजनात्मकता के मापन और विकास के लिए 'Torrance Tests of Creative Thinking' (TTCT) का प्रतिपादन किया, जिसमें चार प्रमुख संज्ञानात्मक घटक शामिल हैं: (1) प्रवाह (Fluency) - कम समय में अधिक से अधिक विचार उत्पन्न करना, (2) लचीलापन (Flexibility) - विभिन्न श्रेणियों या दृष्टिकोनों से सोचना, (3) मौलिकता (Originality) - ऐसे अनूठे और असाधारण विचार प्रस्तुत करना जो सामान्यतः दूसरों के पास न हों, और (4) विस्तारण (Elaboration) - किसी मूल विचार में गहराई लाना और उसका विस्तार करना। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इन घटकों का प्रबंधन विद्यार्थियों में अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) को प्रोत्साहित करता है, जो MPTET और बाल विकास के पाठ्यक्रम में सृजनात्मक बालकों की पहचान और उनके शिक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अगला प्रश्न →
गेरहार्ड और मैरी वालिस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के…
← पिछला प्रश्न
डेविड कोलब (David Kolb) के 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र'…
Related Questions
→
किस मूल्यांकन में पाठ्यचर्या के अंतिम प्रभावों का मूल्यांकन उसके घोषित उद्देश्यों के आधार पर किया जाता है?
→
बुद्धि परीक्षण के लिए 'स्टैनफोर्ड-बिने स्केल' (Stanford-Binet Scale) किस आयु वर्ग के लिए मुख्य रूप से बनाया गया था?
→
शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) की प्रणालियों का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के तात्विक, दायरे (Scope) और उपयोगिता के मध्य के अंतर को सर्वाधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है?
→
बुद्धि परीक्षण के लिए 'WISC' का पूर्ण रूप क्या है?
→
डेविड कोलब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित चार प्रमुख चरणों—(1) मूर्त अनुभव (Concrete Experience), (2) विचारपूर्ण प्रेक्षण (Reflective Observation), (3) अमूर्त अवधारणा (Abstract Conceptualization), और (4) सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation)—तथा उनके द्वारा सुझाए गए चार अधिगम शैलियों (Convergent, Divergent, Assimilant, Accommodant) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की व्यक्तिगत अधिगम प्राथमिकताओं और अनुभवात्मक ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
नॉर्मन मंटगोमेरी मूक (Norman L. Munn) एवं जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम शैलियों' (Learning Styles) तथा डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित चार प्रमुख अधिगम शैलियों—अभिसारी (Converging), अपसारी (Diverging), आत्मसात्कारी (Assimilating), और समायोजक (Accommodating)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की संज्ञानात्मक विविधताओं, अनुभव-आधारित संकल्पनाओं, और समस्या-समाधान रणनीतियों के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
पॉल टोरेन्स (E. Paul Torrance) के 'सृजनात्मक चिंतन के सिद्धांत' (Torrance Tests of Creative Thinking - TTCT) के अंतर्गत प्रतिपादित चार प्रमुख घटकों—(1) प्रवाह (Fluency), (2) लचीलापन (Flexibility), (3) मौलिकता (Originality), और (4) विस्तारण (Elaboration)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अपसारी चिंतन (Divergent Thinking), समस्या-समाधान क्षमताओं, और मौलिक विचारोत्पादक कौशलों के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित चार चरणों—(1) मूर्त अनुभव (Concrete Experience), (2) विचारशील अवलोकन (Reflective Observation), (3) अमूर्त अवधारणा (Abstract Conceptualization), और (4) सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation)—तथा उनके द्वारा वर्णित चार अधिगम शैलियों—'अभिसारी' (Convergent), 'अपसारी' (Divergent), 'आत्मसातकर्ता' (Assimilating), और 'समायोजक' (Accommodating)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में व्यक्तिगत भिन्नताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की संज्ञानात्मक शैली के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.