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Indian Polity
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भारतीय संविधान में 'न्यायिक पुनरावलोकन' (Judicial Review) का विचार किस देश से लिया गया है?

Detailed Explanation

न्यायिक पुनरावलोकन का विचार संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से लिया गया है।
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के भाग XIV के अंतर्गत अनुच्छेद 315 से 323 तक संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग की संरचना, सदस्यों की नियुक्ति, कार्यकाल, स्वतंत्रता तथा उनके कार्यों और शक्तियों से संबंधित प्रावधानों का विस्तार से वर्णन किया गया है। 2. संघ लोक सेवा आयोग या राज्य लोक सेवा आयोग के किसी भी सदस्य को उनके पद से केवल राष्ट्रपति द्वारा ही हटाया जा सकता है, भले ही राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है। 3. संविधान में आयोग के सदस्यों की संख्या और उनकी सेवा की शर्तों को निर्धारित करने के लिए कोई निश्चित मानदंड या अहर्ताएं तय नहीं की गई हैं, और यह पूरी तरह से राष्ट्रपति (संघ आयोग के लिए) या राज्यपाल (राज्य आयोग के लिए) के विवेक पर छोड़ा गया है कि वे आयोग के सदस्यों की संख्या और उनकी सेवा शर्तों का निर्धारण करें, बशर्ते इस शर्त के तहत कि आयोग के आधे सदस्य ऐसे व्यक्ति होने चाहिए जो भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन कम से कम दस वर्ष तक पद पर रहे हों। भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति की निर्वाचन पद्धति, प्रधानमंत्री की शक्तियों और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के उत्तरदायित्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार भारत के उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्यों (निर्वाचित एवं मनोनीत) से मिलकर बनने वाले निर्वाचकगण द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है, जिसमें राज्य विधानमंडलों के सदस्यों को कोई स्थान नहीं दिया जाता है। 2. अनुच्छेद 75 के उपबंधों के तहत मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, किंतु इसका यह अर्थ नहीं है कि किसी एक मंत्री के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना होगा, बल्कि यह सामूहिक उत्तरदायित्व नीतिगत निर्णयों और संपूर्ण सरकार के स्थायित्व पर लागू होता है। 3. अनुच्छेद 78 के अनुसार प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय और विधानविषयक प्रस्ताव राष्ट्रपति को संसूचित करे, तथा यदि राष्ट्रपति किसी ऐसे विषय पर मंत्रिपरिषद के विचार के बिना ही कोई निर्णय लेने का निर्देश दे जिस पर किसी मंत्री ने विनिश्चय कर लिया है किन्तु मंत्रिपरिषद ने विचार नहीं किया है, तो राष्ट्रपति के कहे जाने पर प्रधानमंत्री को वह मामला मंत्रिपरिषद के समक्ष विचार के लिए रखना अनिवार्य होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के परस्पर संबंधों तथा उनके प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान के अनुच्छेद 352 में संशोधन करके यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल संपूर्ण देश में या उसके किसी विशिष्ट भाग पर एक साथ उद्घोषित किया जा सकता है, तथा आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार केवल तभी स्वतः निलंबित होंगे जब आपातकाल का आधार 'युद्ध या बाह्य आक्रमण' (External Aggression) हो, न कि 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion)। 2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा आपातकाल के दुरुपयोग को रोकने के लिए अनुच्छेद 352 में 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द को हटाकर इसके स्थान पर 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द को जोड़ा गया, और यह अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा तभी की जा सकती है जब मंत्रिमंडल (Cabinet) द्वारा इसका निर्णय लिखित रूप में संसूचित किया गया हो। 3. 44वें संशोधन के माध्यम से ही यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल के प्रवर्तन के दौरान भी संविधान के अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के अधिकार को किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यपाल की समाधान शक्तियों (Pardoning Powers) और मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के बीच संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल को उस विषय पर, जिससे संबंधित राज्य की कार्यकारी शक्ति का विस्तार होता है, किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति के दंड को क्षमा करने, उसका प्रविलंबन, विराम या परिहार करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु राज्यपाल किसी भी स्थिति में न्यायालय द्वारा दिए गए मृत्युदंड (Death Sentence) को पूरी तरह से क्षमा (Pardon) नहीं कर सकता है, क्योंकि मृत्युदंड के मामले में क्षमादान की अनन्य शक्ति केवल भारत के राष्ट्रपति के पास होती है। 2. संविधान के अनुच्छेद 164(1) के अनुसार राज्य के मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की सलाह पर की जाती है, तथा छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा राज्यों में जनजातीय कल्याण के लिए एक पृथक मंत्री का होना अनिवार्य किया गया है, जिसके पास किसी अन्य विभाग का प्रभार नहीं होना चाहिए। 3. संविधान के अनुच्छेद 167 के अंतर्गत मुख्यमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह राज्य के प्रशासन से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राज्यपाल को संसूचित करे, और यदि राज्यपाल मंत्रिपरिषद के किसी ऐसे निर्णय पर, जिस पर किसी मंत्री ने विनिश्चय कर लिया है किंतु मंत्रिपरिषद ने विचार नहीं किया है, पुनर्विचार के लिए अपेक्षा करते हैं, तो मुख्यमंत्री के लिए उसे मंत्रिपरिषद के समक्ष रखना अनिवार्य होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति के निर्वाचन, उनकी पदावधि, हटाने की प्रक्रिया तथा प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उपराष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सभी सदस्य शामिल होते हैं, जिनमें निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्य होते हैं, तथा राष्ट्रपति के विपरीत इसमें राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य भाग नहीं लेते हैं। 2. राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्य करते समय उपराष्ट्रपति को राज्यसभा में किसी भी प्रश्न पर मत देने का अधिकार प्राप्त होता है, चाहे वह साधारण विधेयक हो या कोई अन्य प्रस्ताव, क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 100 के अनुसार उन्हें सदन के किसी भी चरण में प्रथम मत (First Vote) देने की शक्ति प्राप्त है। 3. संविधान के अनुच्छेद 75(1) के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाती है, तथा मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ यह है कि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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