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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति के निर्वाचन, उनकी पदावधि, हटाने की प्रक्रिया तथा प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उपराष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सभी सदस्य शामिल होते हैं, जिनमें निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्य होते हैं, तथा राष्ट्रपति के विपरीत इसमें राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य भाग नहीं लेते हैं।
- 2. राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्य करते समय उपराष्ट्रपति को राज्यसभा में किसी भी प्रश्न पर मत देने का अधिकार प्राप्त होता है, चाहे वह साधारण विधेयक हो या कोई अन्य प्रस्ताव, क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 100 के अनुसार उन्हें सदन के किसी भी चरण में प्रथम मत (First Vote) देने की शक्ति प्राप्त है।
- 3. संविधान के अनुच्छेद 75(1) के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाती है, तथा मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ यह है कि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचक मंडल द्वारा होता है (अनुच्छेद 66)। इसमें संसद के निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्य भाग लेते हैं, जबकि राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य इसमें शामिल नहीं होते। कथन 2 गलत है: उपराष्ट्रपति (राज्यसभा के सभापति) को सामान्य स्थिति में मत देने का अधिकार नहीं होता है। अनुच्छेद 100 के अनुसार, उन्हें केवल 'निर्णायक मत' (Casting Vote) देने का अधिकार होता है, जिसका प्रयोग वे तब करते हैं जब किसी विषय पर पक्ष और विपक्ष में मत बराबर (Tie) हो जाएं। कथन 3 सही है: अनुच्छेद 75 के अंतर्गत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और मंत्रियों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर होती है। मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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राज्य में 'संवैधानिक तंत्र की विफलता' पर राष्ट्रपति शासन किस अनुच्छेद में है?
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत प्रत्येक राज्य के लिए एक लोक सेवा आयोग का प्रावधान किया गया है, तथा दो या अधिक राज्यों के लिए संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (JSPSC) का गठन संबंधित राज्यों के अनुरोध पर संसद द्वारा कानून बनाकर किया जाता है, न कि राष्ट्रपति के अध्यादेश द्वारा।
2. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को उसके पद से केवल राष्ट्रपति द्वारा उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और आधारों पर उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को हटाने की शक्ति राज्यपाल के पास होती है, भले ही जाँच उच्चतम न्यायालय द्वारा की जाती हो।
3. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या अन्य सदस्य अपने पद की अवधि समाप्त होने पर भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य रोजगार के पात्र नहीं होते हैं, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष अपने कार्यकाल की समाप्ति के पश्चात संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अथवा किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति का पात्र होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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वित्त मंत्री किसके द्वारा नियुक्त?
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भारतीय संसद की विधाई प्रक्रिया और लोकसभा व राज्यसभा की शक्तियों तथा उनके गठन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 108 के अंतर्गत दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) का प्रावधान केवल साधारण विध विधेयकों (Ordinary Bills) और वित्तीय विधियों (Financial Bills) के मामलों के लिए लागू होता है, और धन विधेयक (Money Bills) तथा संविधान संशोधन विधेयकों (Constitutional Amendment Bills) के संबंध में संयुक्त बैठक बुलाने का कोई प्रावधान नहीं है।
2. यदि लोकसभा द्वारा विघटित होने से पूर्व कोई विधेयक पारित कर दिया गया है और वह राज्यसभा के पास लंबित है, तो वह विधेयक लोकसभा के विघटन के साथ ही व्यपगत (Lapse) हो जाता है, भले ही वह राज्यसभा द्वारा अभी पारित न किया गया हो।
3. राज्यसभा के सदस्यों का निर्वाचन राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के माध्यम से होता है, तथा इस सदन के एक-तिहाई सदस्य प्रति दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग III के अंतर्गत वर्णित मूल अधिकारों (Fundamental Rights) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुच्छेद 15(5) के तहत राज्य को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े हुए नागरिकों के वर्गों की उन्नति के लिए या अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए शिक्षण संस्थानों (निजी शिक्षण संस्थानों सहित, चाहे वे सहायता प्राप्त हों या अशासकीय) में प्रवेश के लिए विशेष उपबंध करने की शक्ति प्रदान की गई है, सिवाय अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के।
2. अनुच्छेद 20(2) के अंतर्गत प्रदान किया गया 'दोहरे खतरे' (Double Jeopardy) का संरक्षण केवल किसी न्यायालय या न्यायिक अधिकरण (Judicial Tribunal) के समक्ष अभियोजन और दंड पर लागू होता है, और यह विभागीय या प्रशासनिक प्राधिकारियों द्वारा दी गई कार्यवाहियों और दंडों पर विस्तारित नहीं होता है।
3. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार में 'त्वरित विचारण' (Speedy Trial) का अधिकार भी शामिल है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने 'हुस्नारा खातून बनाम बिहार राज्य' वाद में एक मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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