जीन पियाजे
Asked 2 months ago · Viewed 17 times
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: प्रतीकात्मक कार्य, अहंकेन्द्रितता और संरक्षण की अनुपस्थिति) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इंसुला और एमिग्डाला' (Insula & Amygdala - संवेगात्मक अहंकेन्द्रितता और सामाजिक अनुभूति), 'ब्रोका और वर्निक क्षेत्र' (Broca's & Wernicke's Areas - प्रतीकात्मक भाषा और आत्मकेंद्रित वाक्), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus - बिना तार्किक संगठन के अनगढ़ स्मृतियों का भंडारण) के बीच सिनेप्टिक अति-उत्तेजना (Synaptic Hyper-connectivity), अपरिपक्व प्रीफ्रंटल इनहिबिशन, और कॉर्टिकल नेटवर्क्स के बीच अपर्याप्त एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वायगोत्स्की के 'निजी वाक्' (Private Speech) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्रीऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Preoperational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में विकेंद्रीकरण (Decentration), प्रतीकात्मक खेल आधारित अधिगम व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास की पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Preoperational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) में बच्चों का मस्तिष्क तेजी से विकास कर रहा होता है, विशेषकर भाषा और प्रतीकात्मक चिंतन के क्षेत्र में। हालांकि, प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (Prefrontal Cortex) और कार्यकारी नियंत्रण (Executive Control) नेटवर्क अभी भी पूरी तरह परिपक्व नहीं होते हैं। इसके परिणामस्वरूप, बच्चों में अहंकेन्द्रितता (Egocentrism - दूसरों के दृष्टिकोण को न समझ पाना), संरक्षण की कमी (Lack of Conservation), और विकेंद्रीकरण (Decentration) का अभाव पाया जाता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, अपर्याप्त इनहिबिटरी नियंत्रण और कॉर्टिकल नेटवर्क के बीच अधूरी कनेक्टिविटी इन विशेषताओं के लिए उत्तरदायी है। आधुनिक समावेशी शिक्षा में, शिक्षकों को 'न्यूरो-प्रीऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' का उपयोग करते हुए प्रतीकात्मक खेल (Symbolic Play), मूर्त हाथों-हाथ (Hands-on) अनुभव और बहु-संवेदी रणनीतियों के माध्यम से बच्चों के संज्ञानात्मक और सामाजिक विकेंद्रीकरण को सुगम बनाना चाहिए।
अगला प्रश्न →
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ…
← पिछला प्रश्न
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के…
Related Questions
→
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण और स्थानिक-तार्किक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा बार्कले और साथियों द्वारा प्रतिपादित 'डीेंट्रेशन और कार्यकारी स्मृति मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, कंक्रीट-ऑपरेशनल और खोज-आधारित शिक्षाशास्त्र (Inquiry-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक विचार, उत्क्रमणीयता (Reversibility) व समग्र संज्ञानात्मक संतुलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'अधिगम की प्रक्रिया और संज्ञानात्मक विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के चरण' (संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त संक्रियात्मक और औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'डॉसोलेटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच स्कीमा निर्माण (Schema Formation), एसिमिलेशन-अकोमोडेशन (Assimilation and Accommodation), और कार्यकारी स्मृति (Working Memory) के बीच की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के प्रतिनिधित्व के तरीके' (Enactive, Iconic, and Symbolic Modes) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, डिस्कवरी-बेस्ड कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Discovery-Based Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, अमूर्त समस्या-समाधान कौशल व समग्र संज्ञानात्मक संतुलन (Equilibration) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'संवेदी-गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage: वस्तु स्थायित्व (Object Permanence) और मोटर-संवेदी समन्वय का विकास) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स का अपरिपक्व भाग' (Prefrontal Cortex - कार्यशील स्मृति और वस्तु स्थायित्व का शुरुआती नियंत्रण), 'सेरिबैलम और बेसल गैंग्लिया' (Cerebellum & Basal Ganglia - संवेदी-पेशीय एकीकरण, चक्रीय प्रतिक्रियाएँ और अनैच्छिक मोटर हरकतें), तथा 'हिप्पोकैम्पस एवं एमिग्डाला' (Hippocampus & Amygdala - संवेदी अनुभवों और आदिम संवेगात्मक स्मृतियों का प्रारंभिक समेकन) के बीच सिनेप्टोजेनेसिस (Synaptogenesis), माइलिनेशन की प्रारंभिक प्रक्रिया, और संवेदी-मोटर सर्किटों के बीच तंत्रिका सिंक्रनाइजेशन की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन बॉल्बी के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सेंसरीमोटर ऑप्टिमाइज्ड अर्ली चाइल्डहुड पेडागोजी' (Neuro-Sensorimotor Optimized Early Childhood Pedagogy) और विद्यार्थियों में वस्तु स्थायित्व बोध, मोटर-संवेदी समन्वय व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'संवेदी-गामी अवस्था' (Sensory-Motor Stage: जन्म से 2 वर्ष तक, वस्तु स्थायित्व (Object Permanence), प्रतिवर्त क्रियाएं और लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्राथमिक मोटर और संवेदी कॉर्टेक्स' (Primary Motor and Sensory Cortices - शारीरिक गतियों और संवेदी इनपुट का समन्वय), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus - स्थानिक स्मृति और प्रारंभिक वस्तु स्थायित्व का निर्माण), तथा 'अपरिपक्व प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Immature Prefrontal Cortex - कार्यशील स्मृति और प्रारंभिक प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व का अभाव) के बीच अल्प-विकसित व्हाइट मैटर कनेक्टिविटी, सिनैप्टिक जेनेसिस की तीव्र गतिकी, और डिस्ट्रीब्यूटेड कॉर्टिकल सिंक्रोनाइजेशन के प्रारंभिक चरण, तथा जॉन बोल्बी के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक शैशवावस्था समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सेंसरीमोटर ऑप्टिमाइज्ड अर्ली चाइल्डहुड पेडागोजी' (Neuro-Sensorymotor Optimized Early Childhood Pedagogy) और विद्यार्थियों में वस्तु स्थायित्व की समझ, संवेदी अन्वेषण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: प्रतीकात्मक कार्य, अहंकेंद्रिता और जीववाद (Animism)) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम और एमिग्डाला' (Limbic System & Amygdala - संवेगात्मक प्रक्रमण और अहंकेंद्रित कल्पना), 'इंसुला तथा पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Insula & Anterior Cingulate Cortex - आत्म-अन्य भेद की प्रारंभिक अवस्था और संवेदी आत्मसात), तथा 'अपरिपक्व फ्रंटो-पैरिएटल नेटवर्क्स' (Immature Fronto-Parietal Networks - मानसिक संचालन, संरक्षण की कमी और अपरिवर्तनीयता (Irreversibility)) के बीच अल्प-विकसित व्हाइट मैटर कनेक्टिविटी, डिस्ट्रीब्यूटेड कॉर्टिकल सिंक्रोनाइजेशन के अभाव, और सिनैप्टिक प्रूनिंग की प्रारंभिक गतिकी, तथा मारिया मोंटेसरी के 'संवेदी-आधारित व्यावहारिक अधिगम' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्रीऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड सिम्बॉलिक पेडागोजी' (Neuro-Preoperational Optimized Symbolic Pedagogy) और विद्यार्थियों में प्रतीकात्मक खेल, भाषा विकास व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage: अमूर्त तर्क और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - अमूर्त तर्क, कार्यशील स्मृति और कार्यकारी योजना), 'पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Parietal Cortex - जटिल स्थानिक और तार्किक एकीकरण), और 'पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - संज्ञानात्मक नियंत्रण और त्रुटि संसूचन) के बीच माइलिनेशन प्रक्रिया, सिनेप्टिक प्रूनिंग, और मेटाकॉग्निटिव नेटवर्क (Metacognitive Network) की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वायगोत्स्की के 'संज्ञानात्मक विकास के सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पियाजेन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Piagetian Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में परिकल्पनात्मक समस्या-समाधान, तार्किक लचीलेपन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के चरण' (Sensorimotor, Preoperational, Concrete Operational, और Formal Operational Stages) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus - स्थानिक और प्रासंगिक स्मृति), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - कार्यकारी कार्य और अमूर्त तर्क), और 'पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Parietal Cortex - संवेदी-स्थानिक एकीकरण) के बीच स्कीमा निर्माण (Schema Formation), असमंजन (Disequilibrium) से संतुलन (Equilibration) की प्रक्रिया, और तंत्रिका प्लास्टिसिटी की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास के रूपों' (Enactive, Iconic, और Symbolic Representation) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पियाजेरियन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Piagetian Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, संरचनात्मक ज्ञान निर्माण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.