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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और शिक्षण विधियाँ' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जोए गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: तरलता, लचीलापन, मौलिकता और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) के बीच कार्यकारी नियंत्रण, संज्ञानात्मक लचीलेपन, और स्वतःस्फूर्त विचार उत्पादन (Spontaneous Idea Generation) की सक्रियण गतिकी, तथा एलिस पॉल टोरेंस (E. Paul Torrance) के 'टोरेंस परीक्षण ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग' (TTCT) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में नवीन समस्या-समाधान रणनीतियों, मस्तिष्क उद्वेलन (Brainstorming) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

स्पष्टीकरण: सही उत्तर विकल्प (a) है। न्यूरो-संज्ञानात्मक शोध के अनुसार, सृजनात्मकता और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) में मस्तिष्क का 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN - जो दिवास्वप्न और स्वतःस्फूर्त विचार से जुड़ा है) और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC - जो कार्यकारी नियंत्रण और मूल्यांकन से जुड़ा है) के बीच सहयोगात्मक सक्रियण होता है। यह द्वंद्वात्मक संतुलन विचारों की मौलिकता, लचीलेपन और टोरेंस परीक्षण (TTCT) के मानदंडों को पूरा करने में मदद करता है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' इसी तंत्र का उपयोग करके बच्चों में समस्या-समाधान और बहुआयामी चिंतन का विकास करती है।
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