BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
5 views

उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, मेलों और सांस्कृतिक उत्सवों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'ख्याल नृत्य' (Khayal Dance) उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रमुख लोक नृत्य है, जिसे मुख्य रूप से पुत्र जन्मोत्सव के अवसर पर रंग-बिरंगे कागजों और बांसों से बने मंदिरनुमा प्रतीकों को सिर पर रखकर नर्तकों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।
  2. 2. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्रों में प्रसिद्ध 'ढमढिया' या 'ढरका' नृत्य के साथ-साथ कर्मा (Karma) और शैरा नृत्य विशेष रूप से खरवार तथा गोड़ जनजातियों द्वारा फसल कटाई के समय आयोजित किए जाते हैं।
  3. 3. प्रतिवर्ष बाराबंकी जिले में आयोजित होने वाला प्रसिद्ध 'देवा मेला' सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है, और यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पशु मेला है जो कार्तिक पूर्णिमा को लगता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: 'ख्याल नृत्य' उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक अत्यंत प्रसिद्ध लोक नृत्य है जिसे मुख्य रूप से पुत्र के जन्म पर उल्लास प्रकट करने के लिए किया जाता है। इस नृत्य में नर्तक सिर पर रंग-बिरंगे कागज और बांस से बने मंदिर या सिंहासननुमा प्रतीक को रखकर संतुलन बनाते हुए नृत्य करते हैं। कथन 2 सही है: मिर्जापुर और सोनभद्र (बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र) में खरवार, बैगा और गोड़ जनजातियों द्वारा कर्मा, शैरा, ढरका और थारू आदि लोक नृत्य मुख्य रूप से फसल कटाई और सांस्कृतिक उत्सवों के दौरान आयोजित किए जाते हैं। कथन 3 गलत है: देवा मेला (बाराबंकी) सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की मजार पर हिंदू-मसलिया/सांप्रदायिक सौहार्द और एकता के प्रतीक के रूप में लगता है, लेकिन यह 'पशु मेला' नहीं है। उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पशु मेला 'बटेश्वर मेला' (आगरा) है जो यमुना नदी के तट पर ऊंट और अन्य पशुओं के क्रय-विक्रय के लिए प्रसिद्ध है। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
Share:

Related Questions

प्राचीन भारतीय इतिहास के महाजनपद काल और बौद्ध धर्म के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंग महाजनपद की राजधानी 'चंपा' थी, जो कि आधुनिक बिहार के भागलपुर और मुंगेर जिलों के क्षेत्र में स्थित थी, और यह अपने व्यापारिक और आर्थिक समृद्धि के लिए प्रसिद्ध थी। 2. वज्जि महाजनपद आठ कुलों का एक शक्तिशाली संघ (Confederacy) था, जिसमें लिच्छवि, विदेह और ज्ञात्रिक कुल प्रमुख थे, और इसकी राजधानी 'वैशाली' थी जो प्राचीन विश्व के शुरुआती गणराज्यों (Republics) में गिनी जाती है। 3. भगवान बुद्ध ने अपने जीवन के अधिकांश वर्षावास (Rainy seasons) और सर्वाधिक उपदेश कौशल महाजनपद की राजधानी 'श्रावस्ती' में दिए थे, जो कि आधुनिक उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में स्थित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की रणनीतियाँ और शिक्षण तकनीक (Learning Strategies and Teaching Techniques)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन हाटी (John Hattie) द्वारा प्रतिपादित 'दृश्यमान अधिगम' (Visible Learning) और 'पारस्परिक शिक्षण' (Reciprocal Teaching: अनुमान लगाना, प्रश्न पूछना, स्पष्ट करना और सारांश देना) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एन्टेरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC), और 'डॉसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच मेटाकॉग्निटिव निगरानी, त्रुटि अन्वेषण, और सामाजिक-संज्ञानात्मक परिप्रेक्ष्य ग्रहण (Social-Cognitive Perspective Taking) की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD - Zone of Proximal Development) और 'स्काफोल्डिंग' (Scaffolding) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-विजिबल लर्निंग ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Visible Learning Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning), सहयोगात्मक समस्या-समाधान व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और 'विशिष्ट बालकों की पहचान' के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा 1963 में पहली बार किस शब्द का प्रतिपादन किया गया था, जिसका उपयोग आज ऐसे बच्चों के लिए किया जाता है जो सामान्य बालकों की तुलना में बौद्धिक, शारीरिक, संवेगात्मक या सामाजिक रूप से इतने भिन्न होते हैं कि उन्हें अपनी विशिष्ट योग्यताओं और क्षमताओं का पूर्ण विकास करने के लिए विशेष शैक्षणिक प्रावधानों और सहायता सेवाओं की आवश्यकता होती है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'भारतीय वन नीति' और 'पारिस्थितिकीय संतुलन' के संदर्भ में, भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) की द्विवार्षिक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र के कितने प्रतिशत हिस्से पर वनावरण और वृक्षावरण का विस्तार है, तथा यह स्थिति राष्ट्रीय वन नीति (1988) द्वारा निर्धारित वांछित कितने प्रतिशत लक्ष्य से भिन्न है, और इसके साथ ही विंध्य एवं बुंदेलखंड क्षेत्रों में 'संयुक्त वन प्रबंधन' (Joint Forest Management - JFM) प्रणाली के माध्यम से सामाजिक वानिकी और जैव-विविधता संरक्षण के पारिस्थितिकीय, सामाजिक एवं शैक्षणिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में 'लॉरेंस कोहलवर्ग' (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) और इसकी विभिन्न अवस्थाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोहलवर्ग के सिद्धांत के 'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional Level) के अंतर्गत बालक का नैतिक तर्क मुख्य रूप से बाह्य दंड, पुरस्कार और आज्ञापालन पर आधारित होता है, जिसमें 'सापेक्षवादी उन्मुखीकरण' के तहत बच्चा यह समझता है कि जैसे को तैसा या व्यक्तिगत आवश्यकताएँ ही नियम तय करती हैं। 2. 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Level) के भीतर 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की उन्मुखीकरण' (Good Boy-Good Girl Orientation) और 'कानून एवं व्यवस्था उन्मुखीकरण' (Law and Order Orientation) आते हैं, जहाँ व्यक्ति समाज की अपेक्षाओं, सामाजिक मानदंडों और नियमों को बनाए रखने को ही सर्वोच्च नैतिकता मानता है। 3. 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional Level) में नैतिकता पूरी तरह से बाहरी कानूनों और सामाजिक दबावों से नियंत्रित होती है, और इस स्तर पर पहुँचने वाला व्यक्ति कभी भी व्यक्तिगत विवेक या सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों को कानून से ऊपर नहीं रख सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.