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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालक' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'एकाग्रता न्यूनता अतिसक्रियता विकार' (Attention Deficit Hyperactivity Disorder - ADHD) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia), और 'सेरिबैलम' (Cerebellum) के बीच कार्यकारी कार्य नियंत्रण (Executive Function Control), अवरोधक नियंत्रण (Inhibitory Control), और डोपामिनर्जिक न्यूरोट्रांसमिशन की सक्रियण गतिकी, तथा रसेल बार्कले (Russell Barkley) के 'एक्जीक्यूटिव फंक्शनिंग थ्योरी ऑफ़ ADHD' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ADHD ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-ADHD Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-नियामक रणनीतियों, कार्य विभाजन (Task Chunking) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एडीएचडी (ADHD) एक न्यूरो-डेवलपमेंटल विकार है जो मुख्य रूप से मस्तिष्क के कार्यकारी कार्यों (Executive Functions) जैसे कि अवरोधक नियंत्रण (Inhibitory Control), कार्यशील स्मृति और आवेग नियंत्रण को प्रभावित करता है। रसेल बार्कले के कार्यकारी कार्य सिद्धांत के अनुसार, एडीएचडी मुख्य रूप से आत्म-नियंत्रण की कमी से जुड़ा है, जो प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स और बेसल गैन्ग्लिया के न्यूरो-सर्किट्री से नियंत्रित होता है। समावेशी कक्षाओं में 'टास्क चंकिंग' (कार्य विभाजन) और स्व-नियामक रणनीतियों जैसी न्यूरो-पेडागोजी इन विद्यार्थियों की संज्ञानात्मक और संवेगात्मक दक्षता को बढ़ाने में अत्यधिक प्रभावी होती है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम वक्रीकरण' (Learning Curves) के संदर्भ में, जब सीखने की प्रक्रिया के शुरुआती चरणों में अधिगम की गति अत्यंत तीव्र होती है और जैसे-जैसे अभ्यास बढ़ता है, अधिगम की दर मंद पड़ती जाती है, तो इस प्रकार के उत्तल वक्र (Convex Curve) या 'धनात्मक वृद्धि वक्र' (Positive Acceleration Curve) के विपरीत 'ऋणात्मक वृद्धि वक्र' (Negative Acceleration Curve) के वैज्ञानिक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्लेक्सिया (Dyslexia - पठन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, शेनाज डेंट (Shanaz D'Mello) और गैब्रिएल RE (Gabrieli) द्वारा विश्लेषित 'डिस्लेक्सिया' के अंतर्गत मस्तिष्क के 'वाच और स्पीच प्रोसेसिंग से जुड़े बाएं गोलार्ध के पेरियाक्वाडक्युटल ग्रे (PAG)' और 'टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन (TPJ)' तथा दृश्य शब्द रूप क्षेत्र (Visual Word Form Area - VWFA) के बीच 'फोनोलॉजिकल अवेयरनेस' (Phonological Awareness), ऑर्थोग्राफिक मैपिंग (Orthographic Mapping) और श्रवण-दृश्य एकीकरण की सक्रियण विसंगति, तथा स्टैनिस्लास डीहेन (Stanislas Dehaene) द्वारा प्रतिपादित 'न्यूरोनल रिसाइक्लिंग हाइपोथेसिस' (Neuronal Recycling Hypothesis) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुसंवेदी ऑर्टन-गिलिंगहम शिक्षाशास्त्र (Orton-Gillingham Multisensory Pedagogy) और विद्यार्थियों में ध्वन्यात्मक संवेदनशीलता, शब्द-पहचान व पठन प्रवाह (Reading Fluency) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों, रामसर आद्रभूमियों (Ramsar Wetlands) और टाइगर रिजर्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'दुधवा राष्ट्रीय उद्यान' उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा पर फैला हुआ राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे वर्ष 1987 में 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था, और इसके अंतर्गत किशनपुर वन्यजीव विहार तथा कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार भी शामिल हैं।
2. 'पीलीभीत टाइगर रिजर्व' को हाल ही में 'TX2' अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, क्योंकि यहाँ बाघों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है, और यह उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित है।
3. 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' उत्तर प्रदेश का सबसे पहला वन्यजीव विहार है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में चंदौली जिले में एशियाई शेरों (Asiatic Lions) के पुनरुत्पादन के उद्देश्य से की गई थी।
4. 'संडोना पक्षी विहार' (Sandi Bird Sanctuary) हरदोई जिले में स्थित एक कृत्रिम झील पर बना पक्षी विहार है, जिसे रामसर सूची में शामिल नहीं किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और अपसारी चिंतन' (Creativity and Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जिलफोर्ड और टॉरेंस (E.P. Torrance) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन के घटकों' (मौलिकता, प्रवाह, लचीलापन और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'कंट्रोल नेटवर्क' (Central Executive Network) और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network) के बीच लचीले विचार स्विचिंग, नवीन साहचर्य और अमूर्त कल्पना की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (तैयारी, उद्भवन, प्रकटीकरण और सत्यापन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मस्तिष्क-मंथन (Brainstorming) और खोजपूर्ण शिक्षाशास्त्र (Exploratory Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र सृजनात्मक अभिव्यक्ति के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और दर्शन के संदर्भ में, 'वैदिक शिक्षा की प्रमुख संस्थाओं और उपाधियों' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राचीन वैदिक काल में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को उनकी शिक्षा की अवधि और वेदों के अध्ययन के स्तर के आधार पर विभिन्न उपाधियाँ दी जाती थीं, जैसे- एक वेद का अध्ययन करने वाले को 'स्नातक', दो वेदों का अध्ययन करने वाले को 'वसु', तीन वेदों का अध्ययन करने वाले को 'रुद्र', तथा चारों वेदों का अध्ययन करने वाले को 'आदित्य' कहा जाता था।
2. प्राचीन काल में समावर्तन संस्कार (Education Completion Ceremony) के बाद गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने वाले युवा स्नातक को 'विद्यार्थी' या 'स्नातक' कहा जाता था, और इस अवसर पर गुरु द्वारा छात्र को 'सत्यं वद, धर्मं चर' (सत्य बोलो, धर्म का आचरण करो) का दीक्षांत उपदेश दिया जाता था, जो तैत्तिरीय उपनिषद में उल्लिखित है।
3. प्राचीन काल में महिलाओं की शिक्षा के संबंध में दो प्रकार की विदुषी महिलाएँ होती थीं- 'ब्रह्मवादिनी', जो आजीवन अविवाहित रहकर वेदों और दर्शन का उच्च अध्ययन करती थीं, तथा 'सद्योवधू', जो विवाह के बाद तक ही शिक्षा प्राप्त करती थीं और गृहस्थ जीवन में प्रवेश करती थीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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