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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और अपसारी चिंतन' (Creativity and Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जिलफोर्ड और टॉरेंस (E.P. Torrance) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन के घटकों' (मौलिकता, प्रवाह, लचीलापन और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'कंट्रोल नेटवर्क' (Central Executive Network) और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network) के बीच लचीले विचार स्विचिंग, नवीन साहचर्य और अमूर्त कल्पना की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (तैयारी, उद्भवन, प्रकटीकरण और सत्यापन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मस्तिष्क-मंथन (Brainstorming) और खोजपूर्ण शिक्षाशास्त्र (Exploratory Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र सृजनात्मक अभिव्यक्ति के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न सृजनात्मकता और अपसारी चिंतन के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों और ग्राहम वालेस के चरणों के बीच के अंतर्संबंधों का गहराई से विश्लेषण करता है। विकल्प (b) पूर्णतः सत्य है क्योंकि आधुनिक न्यूरो-इमेजिंग अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि सृजनात्मक चिंतन (Divergent Thinking) के समय मस्तिष्क का डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क (कल्पना और मौलिक विचारों के लिए) और केंद्रीय कार्यकारी नेटवर्क (विचारों के मूल्यांकन और सत्यापन के लिए) सहयोगात्मक रूप से कार्य करते हैं, जो वालेस के 'उद्द्भवन' और 'सत्यापन' चरणों के अनुकूल है।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बालकों को, चाहे उनकी शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक स्थिति कैसी भी हो, बिना किसी भेदभाव के समान शिक्षण अधिगम अवसर प्रदान करना है।
2. यह प्रणाली विशेष बालकों (दिव्यांगों) के लिए केवल पृथक् (Segregated) विशेष विद्यालयों की स्थापना पर जोर देती है ताकि उनका विशेष शिक्षकों द्वारा अलग से विकास किया जा सके।
3. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act - 2009) दोनों ही देश में समावेशी शिक्षा प्रणाली के सशक्त क्रियान्वयन की वकालत करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भू-गर्भिक संरचना और खनिज संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का सबसे दक्षिणी पठारी भाग (बुंदेलखंड क्षेत्र) प्राचीन गोंडवाना लैंड का हिस्सा है, और यहाँ की चट्टानों में ग्रेनाइट, नीस, और विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
2. उत्तर प्रदेश में 'यूरेनियम' का एकमात्र भंडार 'ललितपुर' जिले में पाया जाता है, जबकि 'डोलमाइटर' के प्रमुख भंडार मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में केंद्रित हैं।
3. उत्तर प्रदेश के बिजनौर, सहारनपुर और पीलीभीत जिलों में मिलने वाली 'भाभर और तराई' पट्टी में नदियाँ अत्यधिक वेग से बहती हैं जिसके कारण वहाँ बड़े-बड़े कंकड़-पत्थर और बोल्डर जमा हो जाते हैं, और वहाँ कृषि भूमि अत्यधिक उपजाऊ होने के कारण धान की खेती के लिए सूखे क्षेत्रों के रूप में जानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities - विशेष रूप से डिस्लेक्सिया / Dyslexia) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'ऑक्सीपिटो-टेम्पोरल विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA), 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Wernicke's Area से संबंधित), और 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Broca's Area) के बीच फोनोलॉजिकल डिकोडिंग (Phonological Decoding), दृश्य-श्रव्य एकीकरण (Audiovisual Integration), और ऑर्थोग्राफिक मैपिंग (Orthographic Mapping) की सक्रियण विफलता तथा दोषपूर्ण तंत्रिका नेटवर्क (Neural Disconnectivity) की गतिकी, तथा सैम्युअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा गढ़ा गए 'लर्निंग डिसेबिलिटी' प्रत्यय और आधुनिक बहुसंवेदी शिक्षण विधियों (مثل Orton-Gillingham Method) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसेबिलिटी ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' (Neuro-Disability Optimized Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness), पाठ्य-बोध (Reading Comprehension) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं और उनके प्रमुख उत्पादन केंद्रों (ODOP - एक जिला एक उत्पाद योजना) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश सरकार की 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत 'मुरादाबाद' को 'पीतल और धातु शिल्प' (Brass and Metal Craft) के लिए तथा 'भदोही' को 'कालीन उद्योग' (Carpet Industry) के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है।
2. 'लखनऊ' का 'चिकनकारी' (Chikankari) कार्य और 'महोली' या 'कन्नौज' का 'इत्र' (Perfume) उत्पादन वैश्विक स्तर पर भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्राप्त कर चुके हैं।
3. वाराणसी जिला 'लकड़ी के खिलौने और नक्काशी' के लिए प्रसिद्ध है, जबकि सहारनपुर को 'काष्ठ कला' (Wood Carving) के लिए विशेष पहचान प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य रचना' और 'अर्थ के आधार पर वाक्य भेद' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अर्थ के आधार पर वाक्य के कुल आठ भेद होते हैं, जिनमें 'विधानवाचक', 'निषेधवाचक', 'प्रश्नवाचक', 'आज्ञावाचक', 'इच्छावाचक', 'संदिग्धवाचक' (या संदेहवाचक), 'संकेतवाचक' और 'विस्मयबोधक' वाक्य शामिल हैं।
2. 'शायद आज शाम को भारी वर्षा हो' यह वाक्य 'संदेहवाचक वाक्य' का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, क्योंकि इसमें क्रिया के होने में संदेह या अनिश्चितता का बोध होता है।
3. 'यदि तुम परिश्रम करते, तो अवश्य सफल होते' यह वाक्य 'इच्छावाचक वाक्य' के अंतर्गत आता है, क्योंकि इसमें वक्ता अपनी किसी तीव्र इच्छा या शुभकामना को व्यक्त कर रहा होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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