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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास और व्यक्तिगत भिन्नता' (Child Development and Individual Differences) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, कार्ल जुंग (Carl Jung) द्वारा प्रतिपादित 'व्यक्तित्व के प्रकार: अंतर्मुखी (Introvert) और बहिर्मुखी (Extrovert)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एंटिओर इंसुला' (Anterior Insula), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), और 'स्ट्रिएटम' (Striatum) के बीच आंतरिक स्व-संदर्भित प्रसंस्करण (Internal Self-Referential Processing), पुरस्कार संवेदनशीलता (Reward Sensitivity), और सामाजिक उत्तेजनात्मक मॉड्यूलेशन की सक्रियण गतिकी, तथा हंस आइजेंक (Hans Eysenck) के 'व्यक्तित्व के त्रि-आयामी मॉडल' (PEN Model: साइकोटिसिज्म, एक्स्ट्रावर्शन, और न्यूरोटिसिज्म) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पर्सनालिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Personality Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत भिन्नताओं का सम्मान, अनुकूलित शिक्षण विधियों (Tailored Teaching Methods) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सही उत्तर विकल्प (b) है। कार्ल जुंग के अंतर्मुखी-बहिर्मुखी व्यक्तित्व सिद्धांत और आइजेंक के PEN मॉडल का न्यूरो-संज्ञानात्मक विश्लेषण यह स्पष्ट करता है कि व्यक्तिगत भिन्नताओं के पीछे मस्तिष्क के विशिष्ट न्यूरल नेटवर्क और न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे स्ट्रिएटम में डोपामाइन और इंसुला में स्व-संदर्भित प्रसंस्करण) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अंतर्मुखी बच्चों को आंतरिक चिंतन और कम उत्तेजना की आवश्यकता होती है, जबकि बहिर्मुखी बच्चे सामाजिक और उच्च-ऊर्जा वाली गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। 'न्यूरो-पर्सनालिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' इसी विविधता को पहचानकर समावेशी कक्षाओं में विभेदित शिक्षण (Differentiated Instruction) और वैयक्तिकृत रणनीतियों के उपयोग को बढ़ावा देती है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहुआयामी सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ऑक्सीपिटो-टेम्पोरल और पैरिएटल लोब्स' (विशेष रूप से स्थानिक और शारीरिक-गतिक बुद्धिमत्ता के लिए), 'टेम्पोरल लोब और ब्रोका-वर्निक क्षेत्र' (भाषाई और संगीतात्मक बुद्धिमत्ता के लिए), तथा 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (इंट्रापर्सनल और इंटरपर्सनल बुद्धिमत्ता के लिए) के बीच विशिष्ट डोमेन-विशिष्ट तंत्रिका नेटवर्क (Modular Neural Networks) की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence: विश्लेषणात्मक, रचनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Differentiated Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुविध क्षमताओं, व्यावहारिक अनुकूलन व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक कालीन शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वैदिक काल में उच्च शिक्षा पूरी करने वाले छात्रों को उनकी अध्ययन अवधि के आधार पर तीन श्रेणियों - 'विद्यार्थी', 'स्नातक' और 'वसु' में विभाजित किया जाता था, तथा इस काल में महिलाओं को उपनयन संस्कार का अधिकार था और उन्हें 'ब्रह्मवादिनी' या 'सद्योवधू' के रूप में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की स्वतंत्रता थी।
2. गुरुकुल में शिक्षा की समाप्ति पर छात्र के घर लौटने से पूर्व 'समावर्तन संस्कार' का आयोजन किया जाता था, जिसके संपन्न होने के बाद छात्र को 'स्नातक' कहा जाता था और वह समाज में प्रवेश करने के लिए योग्य माना जाता था।
3. वैदिक कालीन शिक्षा प्रणाली का मुख्य उद्देश्य केवल भौतिक संपदा और व्यावसायिक कौशल अर्जित करना था, और इसमें नैतिक तथा आध्यात्मिक विकास को कोई विशेष स्थान नहीं दिया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के शिक्षा, इतिहास और सांस्कृतिक संस्थानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में 'राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद' (SCERT, उत्तर प्रदेश) की स्थापना वर्ष 1981 में लखनऊ में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए सेवा-पूर्व और सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करना तथा पाठ्यक्रम का विकास करना है।
2. भारतीय शिक्षा के इतिहास में 'वुड का डिस्पैच' (Wood's Despatch, 1854) को 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, जिसकी संस्तुति के आधार पर ही वर्ष 1887 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (Allahabad University) की स्थापना की गई थी जो उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है।
3. उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने तथा गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से 'उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अधिनियम' वर्ष 1972 में पारित किया गया था, जिसके अंतर्गत 'बेसिक शिक्षा परिषद' का गठन किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और पर्यावरण संरक्षण पहलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का सबसे पहला और पुराना वन्यजीव विहार 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' है, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा और गाजियाबाद जिलों में फैला हुआ है।
2. 'बखिरा पक्षी विहार' उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध रामसर स्थल (Ramsar Site) है, जो एक प्राकृतिक झील (बखिरा ताल) के रूप में फैला हुआ है और सर्दियों में यहाँ साइबेरियाई प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में आते हैं।
3. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य का प्रथम हाथी रिजर्व (Elephant Reserve) 'सहारनपुर और बिजनौर' जिलों के शिवालिक वनों क्षेत्र में अधिसूचित किया गया है, जो हाथियों के गलियारे (Elephant Corridor) की सुरक्षा के लिए स्थापित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और बौद्ध कालीन शिक्षण संस्थाओं तथा प्रमुख बौद्ध विहारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली में छात्र के औपचारिक अध्ययन की शुरुआत 'प्रव्रज्या' संस्कार के माध्यम से होती थी, जो लगभग 8 वर्ष की आयु में संपन्न होता था, और इस संस्कार के बाद छात्र को 'सामणेर' (Novice) कहा जाता था, जो मठ के कठोर नियमों का पालन करता था।
2. 'उपसंपदा' संस्कार बौद्ध शिक्षा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण चरण था, जो लगभग 20 वर्ष की आयु पूरा करने के बाद होता था, जिसके पश्चात छात्र पूर्ण भिक्षु (Bhikkhu) या भिक्षुणी बन जाता था और उसे संघ की पूर्ण सदस्यता प्राप्त होती थी।
3. नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम द्वारा की गई थी, जो महायान बौद्ध धर्म की शिक्षा का प्रमुख केंद्र था, और यहाँ चीनी यात्री ह्वेनसांग ने न केवल अध्ययन किया था बल्कि कुछ समय तक अध्यापन कार्य भी किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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