रचनावाद एवं अन्य अधिगम सिद्धांत
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'अधिगम की शैलियों और संज्ञानात्मक रणनीतियों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: कंक्रीट अनुभव, रिफ्लेक्टिव ऑब्जरवेशन, एब्स्ट्रैक्ट कांसेप्चुलाइजेशन और एक्टिव एक्सपेरिमेंटेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'सेंसरी-मोटर कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex) के बीच सूचना प्रसंस्करण, चक्रीय स्मृति समेकन और क्रिया-आधारित अधिगम की सक्रियण गतिकी, तथा पीटर हनी (Peter Honey) और एलन ममफोर्ड (Alan Mumford) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम शैली मॉडल' (Activists, Reflectors, Theorists, and Pragmatists) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अनुभवात्मक रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Experiential Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, लचीली समस्या-समाधान क्षमता व समग्र अधिगम दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड कोल्ब (David Kolb) का प्रयोगात्मक अधिगम चक्र और हनी-ममफोर्ड का अधिगम शैली मॉडल विद्यार्थियों की विभिन्न सूचना-प्रसंस्करण प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हैं। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, कंक्रीट अनुभव से लेकर सक्रिय प्रयोग तक की यह चक्रीय प्रक्रिया प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (कार्यकारी नियंत्रण और अमूर्त विचार), हिप्पोकैम्पस (स्मृति समेकन) और संवेदी-मोटर कॉर्टेक्स के बीच समન્વਿਤ संजाल (Integrated Network) पर आधारित है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में यह अनुभवात्मक रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Experiential Constructivist Pedagogy) को बढ़ावा देता है, जिससे विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलापन और बहु-आयामी समस्या-समाधान दक्षता विकसित होती है। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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