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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अधिगम और अवलोकन संबंधी विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत 'अवलोकन, प्रतिधारण, पुनरुत्पादन और अभिप्रेरणा' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (MNS - विशेष रूप से इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस और इन्फीरियर पैरिएटल लोब), 'लिम्बिक सिस्टम' और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच दूसरों के व्यवहार की नकल, सहानुभूतिपूर्ण अनुकरण और vicarious reinforcement (प्रत्यक्ष रहित सुदृढ़ीकरण) की सक्रियण गतिकी, तथा जूलियन रोटर (Julian Rotter) द्वारा प्रतिपादित 'नियंत्रण का स्थान' (Locus of Control) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, रोल-मॉडल आधारित प्रेक्षणात्मक शिक्षाशास्त्र (Observational Role-Model Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामाजिक-संवेगात्मक दक्षता, स्व-प्रभावकारिता (Self-Efficacy) व समग्र नैतिक व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: इस प्रश्न में अल्बर्ट बंडूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धांत (Social Learning Theory) और न्यूरोसाइंस के अंतर्संबंधों का गहन परीक्षण किया गया है। विकल्प (b) पूर्णतः सत्य है क्योंकि मस्तिष्क का 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (MNS) दूसरों के कार्यों को देखने और उन्हें अपने भीतर मानसिक रूप से पुनरुत्पादित करने (Simulation) में केंद्रीय भूमिका निभाता है। यह तंत्र बंडूरा के प्रेक्षणात्मक अधिगम के चरणों (अवलोकन और पुनरुत्पादन) का जैविक आधार प्रदान करता है। इसके साथ ही, प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स कार्यकारी नियंत्रण और भविष्य के परिणामों के मूल्यांकन में मदद करता है, जिससे विद्यार्थी कक्षा में शिक्षकों या साथियों के सकारात्मक व्यवहार (रोल-मॉडलिंग) से सीखते हैं। जूलियन रोटर का 'नियंत्रण का स्थान' और बंडूरा की 'स्व-प्रभावकारिता' मिलकर विद्यार्थियों में आत्म-नियमन और आंतरिक प्रेरणा को बढ़ावा देते हैं, जो प्राथमिक समावेशी शिक्षाशास्त्र के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। अन्य विकल्प वैज्ञानिक और सैद्धांतिक दृष्टिकोण से त्रुटिपूर्ण हैं।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के भौतिक विभाजनों, भूगर्भिक संरचना और प्रमुख खनिज संपदा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को मुख्य रूप से तीन प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजित किया जाता है - भावर एवं तराई क्षेत्र, मैदानी भाग (गंगा-यमुना का मैदान), और दक्षिण का पठारी या पर्वतीय क्षेत्र (बुंदेलखंड एवं बघेलखंड का पठार)।
2. राज्य के दक्षिण में स्थित पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड क्षेत्र) प्रायद्वीपीय पठार का ही उत्तरी विस्तार है, जहाँ प्राचीन रवेदार चट्टानों (ग्रेनीज और नाइस) से बॉक्साइट, डायमंड (हीरा), तांबा और चूना पत्थर जैसे प्रमुख खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
3. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में चूना पत्थर, कोयला (रोहतास एवं सिंगरौली क्षेत्र), और नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले के प्रमुख भंडार पाए जाते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश का खनिज विकास निगम लिमिटेड (UP State Mineral Development Corporation) 1974 में स्थापित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रेक्षणात्मक अधिगम (Observational Learning) की प्रक्रिया में घटित होने वाले चार अंतर्संबंधित चरणों का सही तार्किक क्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अधिगम पठार के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'पूर्वकाल इंसुला' (Anterior Insula) के बीच कार्य स्वचालन (Task Automation), संज्ञानात्मक संतृप्ति (Cognitive Saturation), और प्रेरणा संबंधी सुस्ती (Motivational Apathy) की सक्रियण गतिकी, तथा एस.डब्ल्यू. कोल (S.W. Cole) एवं अन्य मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'पठार के निवारण के उपायों' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्लेटॉ ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Plateau Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में थकान प्रबंधन, नवीन शिक्षण रणनीतियों (Novelty in Teaching Strategies) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक परिदृश्य के संदर्भ में, राज्य के किस जिले में 'रामायण सर्किट' के अंतर्गत 'चौरी चौरा' कांड की ऐतिहासिक घटना घटी थी और वर्तमान में इस घटना से जुड़े स्मारक को किस वर्ष 'शहीद स्थल' के रूप में राष्ट्रीय पहचान दी गई थी?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'किशोरावस्था और संज्ञानात्मक विकास (Adolescence and Cognitive Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe) और 'कॉर्पस कैलोसम' (Corpus Callosum) के बीच अमूर्त तर्क (Abstract Reasoning), परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन (Hypothetico-Deductive Reasoning) और अंत गोलार्ध समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड एल्किंड (David Elkind) द्वारा प्रतिपादित 'किशोर अहंकेन्द्रवाद' (Adolescent Egocentrism: काल्पनिक दर्शक और व्यक्तिगत कल्पकथा) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, किशोरावस्था मनोविज्ञान (Adolescent Psychology) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक नियंत्रण, आलोचनात्मक चिंतन व तार्किक अभिव्यक्ति के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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