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UPTET
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उत्तर प्रदेश के भौतिक विभाजनों, भूगर्भिक संरचना और प्रमुख खनिज संपदा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश को मुख्य रूप से तीन प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजित किया जाता है - भावर एवं तराई क्षेत्र, मैदानी भाग (गंगा-यमुना का मैदान), और दक्षिण का पठारी या पर्वतीय क्षेत्र (बुंदेलखंड एवं बघेलखंड का पठार)।
- 2. राज्य के दक्षिण में स्थित पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड क्षेत्र) प्रायद्वीपीय पठार का ही उत्तरी विस्तार है, जहाँ प्राचीन रवेदार चट्टानों (ग्रेनीज और नाइस) से बॉक्साइट, डायमंड (हीरा), तांबा और चूना पत्थर जैसे प्रमुख खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
- 3. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में चूना पत्थर, कोयला (रोहतास एवं सिंगरौली क्षेत्र), और नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले के प्रमुख भंडार पाए जाते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश का खनिज विकास निगम लिमिटेड (UP State Mineral Development Corporation) 1974 में स्थापित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश का भौगोलिक विभाजन तीन प्रमुख प्राकृतिक प्रदेशों (भावर-तराई, गंगा-यमुना का मैदान और दक्षिण का पठारी भाग) में किया जाता है। कथन 2 गलत है क्योंकि बुंदेलखंड पठार में ग्रेनाइट और नीस चट्टानें पाई जाती हैं और चूना पत्थर, डायमंड (बांदा और मिर्जापुर में), तथा रॉक फॉस्फेट मिलते हैं, किंतु 'तांबा' (Copper) और 'बॉक्साइट' उत्तर प्रदेश में बहुत ही सीमित या नगण्य मात्रा में पाए जाते हैं, यह तांबे का प्रमुख उत्पादक राज्य नहीं है। कथन 3 बिल्कुल सही है क्योंकि सोनभद्र और मिर्जापुर जिले उत्तर प्रदेश के प्रमुख खनिज बहुल क्षेत्र हैं जहाँ चूना पत्थर, कोयला (सिंगरौली क्षेत्र) और फायर क्ले के प्रचुर भंडार हैं, तथा उत्तर प्रदेश राज्य खनिज विकास निगम की स्थापना 1974 में की गई थी।
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