BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
4 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्लेक्सिया (Dyslexia - पठन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, सally Shaywitz और साथियों द्वारा प्रतिपादित 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल' (Phonological Deficit Model) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'बाएं हेमिस्फेयर के पश्च-टेम्पोरल और ऑसिपिटो-टेम्पोरल क्षेत्रों' (Left Posterior Temporal and Occipitotemporal Areas - जैसे वर्निक क्षेत्र और विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया VWFA) के बीच दृश्य-श्रव्य एकीकरण, फोनोलॉजिकल जागरूकता और ऑर्थोग्राफिक-फोनेटिक रूपांतरण की सक्रियण विसंगति, तथा उता फ्रिथ (Uta Frith) द्वारा प्रतिपादित 'पठन विकास के त्रि-चरण मॉडल' (Logographic, Alphabetic, and Orthographic Stages) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी फोनिक्स आधारित शिक्षाशास्त्र (Multisensory Phonics Pedagogy) और विद्यार्थियों में पठन प्रवाह, वर्तनी सटीकता व समग्र साक्षरता दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

सॉली शेविट्ज़ (Sally Shaywitz) के न्यूरो-इमेजिंग अध्ययनों और फोनोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल के अनुसार, डिस्लेक्सिया (पठन वैकल्य) से ग्रसित व्यक्तियों के मस्तिष्क के बाएं हेमिस्फेयर के पश्च-टेम्पोरल और ऑसिपिटो-टेम्पोरल क्षेत्रों (विशेषकर विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया - VWFA) में कार्यात्मक अव्यवस्था होती है, जिससे वे लिखित प्रतीकों (अक्षरों) को उनकी संबंधित ध्वनियों (फोनम्स) में रूपांतरित करने में कठिनाई महसूस करते हैं। उता फ्रिथ का मॉडल पठन के चरणों को समझाता है। इसके उपचारात्मक उपायों के रूप में आधुनिक समावेशी कक्षाओं में 'मल्टीसेंसरी फोनिक्स' (जैसे ऑर्टन-गिलिंगम पद्धति) का उपयोग किया जाता है जो श्रव्य, दृश्य और काइनेस्थेटिक (स्पर्श/गति) माध्यमों को एकीकृत करके मस्तिष्क के तंत्रिका मार्गों को सुदृढ़ करता है। अतः विकल्प (b) पूर्णतः सत्य और प्रासंगिक है।
Share:

Related Questions

सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement) और 'गो गोलमेज सम्मेलन' (Round Table Conferences) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत महात्मा गांधी द्वारा 12 मार्च 1930 को प्रसिद्ध 'दांडी मार्च' (Dandi March) के साथ की गई थी, जिसमें गांधीजी ने अपने 78 चुने हुए अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से दांडी तक की लगभग 240 मील की यात्रा पैदल तय करके 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा था। 2. प्रथम गोलमेज सम्मेलन (नवंबर 1930 - जनवरी 1931) में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से भाग लिया था, क्योंकि इस सम्मेलन के आयोजन से पूर्व ही वायसराय इरविन और महात्मा गांधी के बीच 'गांधी-इरविन समझौता' हो चुका था जिसके तहत कांग्रेस ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित कर दिया था। 3. लंडन में आयोजित तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लेने वाले एकमात्र भारतीय नेता डॉ. बी. आर. अम्बेडकर थे, जबकि कांग्रेस ने केवल दूसरे गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी को अपने एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में शामिल किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के परिवहन, राजमार्ग और राष्ट्रीय जलमार्ग (National Waterways) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 (NH-19) जो पहले NH-2 का भाग था, 'ग्रांड ट्रंक रोड' (Grand Trunk Road) का हिस्सा है और यह राज्य के कई प्रमुख जिलों से होकर गुजरता है। 2. देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 1 (NW-1) गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली पर स्थित है, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से शुरू होकर हल्दिया (पश्चिम बंगाल) तक जाता है और राज्य के वाराणसी व गाजीपुर जैसे जिलों को स्पर्श करता है। 3. उत्तर प्रदेश राज्य में एक्सप्रेसवे की बढ़ती लंबाई के कारण इसे 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' के रूप में भी जाना जाता है, और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 341 किलोमीटर है जो लखनऊ से शुरू होकर गाजीपुर जिले तक जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धिलब्धि (IQ) और व्यक्तिगत भिन्नताओं' के संदर्भ में, अल्फ्रेड बिने (Alfred Binet) और थियोडोर साइमन द्वारा विकसित प्रथम बुद्धि परीक्षण के अंतर्गत 'मानसिक आयु' (Mental Age) की संकल्पना और विलियम स्टर्न (William Stern) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धिलब्धि' (IQ = MA/CA × 100) के गणितीय और मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा लुई टर्मन (Lewis Terman) द्वारा संशोधित स्टैनफोर्ड-बिने बुद्धि मापनी (Stanford-Binet Intelligence Scale) के अंतर्गत 'मानक विचलन' (Standard Deviation) और 'बुद्धि के वर्गीकरण' (Classification of Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विशिष्ट बालकों की पहचान और विद्यार्थियों में विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह से विकसित हो जाता है, जिससे वे किसी वस्तु के रूप या आकार में परिवर्तन होने पर भी उसके आयतन, द्रव्यमान और संख्या को अपरिवर्तित समझ सकते हैं। 2. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत करने (Classification) तथा 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता प्राप्त कर लेता है, जिससे वह किसी समस्या को एक से अधिक दृष्टियों से देख सकता है। 3. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से आगे) में किशोरों के भीतर 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) की क्षमता का पूर्ण विकास हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में व्यक्ति 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) के दृष्टिकोण से नैतिकता को समझता है, जहाँ कानून को सामाजिक कल्याण के लिए बदला जा सकने वाला एक लचीला समझौता माना जाता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.