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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और विशिष्ट अधिगम विकार (Learning Disabilities and Specific Learning Disorders)' के संदर्भ में, सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) और बाद में डोनाल्ड हम्मिल (Donald Hammill) द्वारा प्रतिपादित 'साइकोलिगुइस्टिक प्रोसेसिंग मॉडल' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्लेनियम टेम्पोरेल' (Planum Temporale), 'आर्क्यूएट फैसिकुलस' और 'अंसुलेट गाइरस' के बीच श्रवण-दृश्य एकीकरण (Auditory-Visual Integration), फोनोलॉजिकल डिकोडिंग (Phonological Decoding) और सिम्बॉलिक मैपिंग की सक्रियण गतिकी, तथा रेमंड बार्कले और स्टैनिस्लास डिहेन (Stanislas Dehaene) के 'न्यूरो-फंक्शनल मॉडल ऑफ़ डिस्लेक्सिया एंड डिस्कैलकुलिया' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुसंवेदी शिक्षण पद्धतियों (Multisensory Teaching Methods जैसे- Orton-Gillingham Approach) और विद्यार्थियों में पठन, अंकगणितीय प्रसंस्करण व संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है। अधिगम अक्षमताओं (जैसे डिस्लेक्सिया और डिस्कैलकुलिया) के न्यूरो-संज्ञानात्मक मॉडल यह स्पष्ट करते हैं कि मस्तिष्क के विशिष्ट क्षेत्रों (जैसे प्लेनियम टेम्पोरेल और आर्क्यूएट फैसिकुलस) में सूक्ष्म विसंगतियां ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological Processing) और प्रतीkaत्मक मानचित्रण को प्रभावित करती हैं। इसके समाधान के लिए 'ऑर्टन-जिलिंघम' जैसी बहुसंवेदी शिक्षण पद्धतियाँ अत्यंत प्रभावी होती हैं जो वैकल्पिक न्यूरल मार्गों को सक्रिय करती हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमताओं और तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक विकारों' के संदर्भ में, सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा पहली बार गढ़े गए पद 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) के फोमोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल (Phonological Deficit Model) और 'डिस्कैल्कुलिया' (Dyscalculia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप, तथा रैनडॉल ग्राह्म (Randall Graham) एवं साथियों द्वारा विश्लेषित 'दृश्य-स्थानिक और कार्यकारी स्मृति अक्षमताओं' (Visual-Spatial and Working Memory Deficits) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुसंवेदी अनुदेशन (Multi-sensory Instruction जैसे वार्टन-फर्नांडिस तकनीक) और विद्यार्थियों में उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) के प्रभावी क्रियान्वयन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वैदिक संस्कृति के संदर्भ में, 'वेदांग' (Vedangas) के अंतर्गत आने वाले छह अंगों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वेदांगों की कुल संख्या छह है, जिनका मुख्य उद्देश्य वेदों के सही उच्चारण, उनके अर्थ को समझने और वैदिक अनुष्ठानों को विधिपूर्वक संपन्न कराने में सहायता करना है, जिन्हें 'वेदों के अंग' कहा जाता है। 2. इन छह वेदांगों में 'शिक्षा' (ध्वनि शास्त्र), 'कल्प' (अनुष्ठान विधि), 'व्याकरण' (शब्द-उत्पत्ति शास्त्र), 'निरुक्त' (शब्दार्थ विज्ञान), 'छंद' (काव्य माप), और 'ज्योतिष' (खगोल विज्ञान) शामिल हैं। 3. 'निरुक्त' के सबसे प्रसिद्ध रचयिता महर्षि पाणिनि हैं, जिन्हें संस्कृत व्याकरण का जनक माना जाता है, जबकि 'व्याकरण' के क्षेत्र में यास्क का 'निरुक्त' ग्रंथ सर्वोच्च माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता एवं समस्या समाधान' (Creativity and Problem Solving) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: प्रवाहशीलता, लचीलापन, मौलिकता और विस्तारण) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एक्सेक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN), और 'सेलियन्स नेटवर्क' (Salience Network) के बीच वैचारिक लचीलेपन, संज्ञानात्मक नियंत्रण के बीच स्विचिंग, और अनसुलझी समस्याओं के सहज अंतर्दृष्टि (Insight) की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, अभिनव दृष्टिकोण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत 'शिक्षा के अधिकार' (Right to Education) को एक मौलिक अधिकार के रूप में किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया था, और इस अधिकार को प्रभावी बनाने हेतु अधिनियमित 'निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम' (RTE Act) देश भर में कब से लागू हुआ था? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के संदर्भ में, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) के अंतर्गत 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा डेविड एल्किंड (David Elkind) द्वारा प्रतिपादित 'किशोर अहंकेन्द्रिता' (Adolescent Egocentrism) की संकल्पना के दो प्रमुख घटकों—'काल्पनिक दर्शक' (Imaginary Audience) और 'व्यक्तिगत कथा' (Personal Fable)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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