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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के संरचनात्मक व पदानुक्रमित सिद्धांतों' के संदर्भ में, फिलिप वर्नोन (Philip Vernon) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का पदानुक्रमित मॉडल' (Hierarchical Model of Intelligence) के अंतर्गत 'सामान्य कारक (g)' और विशिष्ट समूहों जैसे 'मौखिक-शैक्षणिक' (Verbal-Educational) तथा 'व्यावहारिक-यांत्रिक' (Practical-Mechanical) कारकों के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा सिरिल बर्ट (Cyril Burt) के पदानुक्रमित दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मानकीकृत मूल्यांकन (Standardized Assessment) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी योग्यताओं के वैज्ञानिक वर्गीकरण में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
फिलिप वर्नोन (Philip Vernon) ने बुद्धि के पदानुक्रमित मॉडल (Hierarchical Model of Intelligence) का प्रतिपादन किया, जिसमें उन्होंने स्पीयरमैन के सामान्य कारक ('g') और थर्स्टन व अन्य विचारकों के विशिष्ट कारकों के बीच समन्वय स्थापित किया। इस पदानुक्रम के शीर्ष पर सर्वोच्च सामान्य कारक ('g') होता है, उसके नीचे प्रमुख समूह कारक (Major Group Factors) जैसे 'मौखिक-शैक्षणिक' (v:ed) और 'व्यावहारिक-यांत्रिक' (k:m) आते हैं, और उसके भी नीचे छोटे विशिष्ट कारक होते हैं। आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में यह मॉडल शिक्षकों को विद्यार्थियों की बौद्धिक योग्यताओं की बहु-आयामी संरचना को समझने, उनकी ताकतों की पहचान करने और तदनुसार विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) की योजना बनाने में सहायता प्रदान करता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नकीक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'सेंसरी-मोटर कॉर्टेक्स' और 'हिप्पोकैम्पस' के बीच तंत्रिका मार्ग साझाकरण (Neural Pathway Sharing), न्यूरोनल प्लास्टिसिटी और कौशल सामान्यीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जुड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान आधारित संदर्भगत शिक्षाशास्त्र (Contextual Problem-Solving Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, ज्ञान के अनुप्रयोग व समग्र अधिगम दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक इतिहास के परिप्रेक्ष्य में, निम्नलिखित में से किस वर्ष में उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रान्त) की विधान परिषद (Legislative Council) का गठन पहली बार किया गया था और इसका प्रथम सत्र कहाँ आयोजित हुआ था?
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य-रचना' और 'अर्थ के आधार पर वाक्य रूपांतरण' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म 'सरल वाक्य से मिश्र वाक्य' (Simple to Complex Sentence) में परिवर्तन का सबसे सटीक और व्याकरणिक रूप से शुद्ध उदाहरण प्रस्तुत करता है?
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प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कौशाम्बी (वर्तमान कोसांबी जिला) प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी, जहाँ भगवान बुद्ध ने कई बार प्रवास किया था और सम्राट अशोक द्वारा यहाँ एक प्रसिद्ध स्तंभ (घोषाराम विहार के समीप) स्थापित किया गया था।
2. 'अहिच्छत्र' (Ahichchhatra) वर्तमान बरेली जिले की आँवला तहसील में स्थित प्राचीन पाञ्चाल महाजनपद की उत्तरी राजधानी थी, जिसके पुरातात्विक उत्खनन से कुषाण और गुप्त कालीन मृदभांड तथा मंदिर वास्तुकला के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
3. 'बुढ़िया का ताल' (Budhiya ka Taal) एटा जिले में स्थित एक प्रागैतिहासिक स्थल है, जहाँ से मौर्य काल के दौरान निर्मित विशाल पक्की ईंटों के मंदिर और बड़े पैमाने पर सोने के सिक्कों का खजाना प्राप्त हुआ है, जिसे गुप्त साम्राज्य की केंद्रीय टकसाल माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, कला और सांस्कृतिक उत्सवों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पाई डण्डा' (Pai Danda) नृत्य उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जो गुजरात के 'डांडिया' नृत्य से काफी मिलता-जुलता है और इसे मुख्य रूप से अहीर समुदाय के लोगों द्वारा श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर लाठियों और डंडों के साथ प्रदर्शित किया जाता है।
2. 'चरकुला' (Charkula) नृत्य ब्रज क्षेत्र का एक कठिन और पारंपरिक नृत्य है, जिसमें महिलाएं अपने सिर पर लगभग 108 जलते हुए दीपों से बना हुआ एक भारी पहिया रखकर नृत्य करती हैं, और यह भगवान राधा-कृष्ण की आराधना में किया जाता है।
3. 'ढोला' (Dhola) गायन और 'ख्याल' (Khyal) गायन शैली उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र (विशेषकर आगरा और मेरठ मंडल) में अत्यंत लोकप्रिय लोक-गायन विधाएं हैं, जिनमें ऐतिहासिक योद्धाओं, पौराणिक कथाओं और लोक-नायकों के वीरतापूर्ण प्रसंगों का काव्यात्मक वर्णन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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