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UPTET
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य-रचना' और 'अर्थ के आधार पर वाक्य रूपांतरण' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म 'सरल वाक्य से मिश्र वाक्य' (Simple to Complex Sentence) में परिवर्तन का सबसे सटीक और व्याकरणिक रूप से शुद्ध उदाहरण प्रस्तुत करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याकरण नियमों के अनुसार, सरल वाक्य वह होता है जिसमें एक ही मुख्य उद्देश्य और विधेय (या एक समापिका क्रिया) हो। जब इसे 'मिश्र वाक्य' में बदला जाता है, तो एक प्रधान उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य (जो 'जो-वह', 'जैसा-वैसा', 'यदि-तो' आदि व्यधिकरण समुच्चयबोधक से जुड़े होते हैं) बनाए जाते हैं। विकल्प (A) में 'परिश्रमी छात्र अवश्य सफल होता है' (सरल वाक्य) को 'जो छात्र परिश्रमी होता है, वह अवश्य सफल होता है' (मिश्र वाक्य) में बिल्कुल सटीक रूप से बदला गया है, जहाँ 'जो... वह' संबंधवाचक सर्वनामों का सही प्रयोग हुआ है। विकल्प B कालसूचक वाक्य रूपांतरण है, C संयुक्त से मिश्र का रूप है, और D मिश्र से सरल का रूप है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और सुदृढ़ीकरण (Motivation and Reinforcement) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और सुदृढ़ीकरण अनुसूचियों (Schedules of Reinforcement) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मीसोलिम्बिक डोपामिनर्जिक मार्ग' (Mesolimbic Dopaminergic Pathway), 'न्यूक्लियस एक्यूम्बेंस' (Nucleus Accumbens) और 'वेंट्रल टेगमेंटल एरिया' (Ventral Tegmental Area - VTA) की पुरस्कार प्रत्याशा (Reward Anticipation) और आदत निर्माण (Habit Formation) की सक्रियण गतिकी, तथा अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, आंतरिक व बाह्य अभिप्रेरणा प्रबंधन और विद्यार्थियों में सतत अधिगम व संलग्नता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौतिक विभाजनों और उनके भौगोलिक लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का भाबर क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक गिरिपद (Foothills) में पश्चिम में सहारनपुर से लेकर पूर्व में कुशीनगर तक एक संकीर्ण पट्टी के रूप में फैला है, जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे अवसादों का निक्षेपण करती हैं और अधिकांश नदियाँ इस अदृश्य क्षेत्र में विलुप्त हो जाती हैं।
2. बांगड़ क्षेत्र पुरानी जलोढ़ मिट्टी से निर्मित मैदान है जो नदियों की बाढ़ की पहुँच से ऊँचाई पर स्थित होता है, और इस क्षेत्र में अक्सर भूमि के अत्यधिक उपजाऊपन में कमी आने से 'रेह' या 'कल्लर' (नमकीन एवं क्षारीय उर भूमि) की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
3. विंध्यन पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के दक्षिण में सोनभद्र, मिर्ज़ापुर, चंदौली और प्रयागराज के मेजा व करछना तहसीलों का भूभाग शामिल है, जहाँ बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और गेरू जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य शुद्धि' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा वाक्य व्याकरणिक दृष्टि से पूर्णतः शुद्ध और मानक रूप में है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम में भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence in Learning)' के संदर्भ में, डेनियल गोलमैन (Daniel Goleman) द्वारा प्रतिपादित 'भावनात्मक बुद्धिमत्ता के पाँच घटकों'—'आत्म-जागरूकता' (Self-Awareness), 'आत्म-नियमन' (Self-Regulation), 'प्रेरणा' (Motivation), 'सहानुभूति' (Empathy), और 'सामाजिक कौशल' (Social Skills)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिग्डाला' (Amygdala), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'इंसुला' (Insula) के बीच भावनात्मक प्रतिक्रियाओं, आवेग नियंत्रण और सामाजिक-संज्ञानात्मक प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन मेयर (John Mayer) और पीटर सालोवे (Peter Salovey) के 'क्षमता मॉडल' (Ability Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सामाजिक-भावनिक अधिगम (SEL) रणनीतियों और विद्यार्थियों में तनाव प्रबंधन व सकारात्मक सहयोगात्मक वातावरण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में, राज्य में ग्रीष्मकाल में चलने वाली गर्म एवं शुष्क हवाओं जिन्हें 'लू' कहा जाता है, तथा यहाँ की वर्षा ऋतु के वितरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु में चलने वाली उष्ण तथा शुष्क पछुआ हवाओं को 'लू' कहा जाता है, जिनका प्रभाव विशेष रूप से राज्य के पश्चिमी और मध्यवर्ती मैदानी जिलों में सबसे अधिक तीव्रता से महसूस किया जाता है।
2. राज्य में होने वाली कुल वर्षा का लगभग 75% से 80% भाग दक्षिण-पश्चिम मानसून से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से जून के अंतिम सप्ताह से सितंबर माह तक सक्रिय रहता है।
3. उत्तर प्रदेश में मानसून की वर्षा का वितरण एकसमान है, जिसके कारण राज्य के पूर्वी तराई क्षेत्रों से लेकर पश्चिमी मैदानी तथा दक्षिणी बुंदेलखंड के पठारी क्षेत्रों तक वर्षा की मात्रा में कोई विशेष भिन्नता या गिरावट दर्ज नहीं की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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