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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के संदर्भ में, यूनेस्को (UNESCO) के Salamanca Statement (1994) और भारतीय संदर्भ में 'निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act, 2009) के प्रावधानों के तहत, 'मुख्यधारा' (Mainstreaming) और 'समावेशन' (Inclusion) के दार्शनिक और व्यावहारिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

समावेशन (Inclusion) और मुख्यधारा (Mainstreaming) में मुख्य अंतर यह है कि मुख्यधारा में छात्र को मौजूदा सामान्य शिक्षा प्रणाली में फिट होने के लिए खुद को ढालना पड़ता है (यानी 'सिस्टम के अनुकूल छात्र'), जबकि 'समावेशन' एक व्यापक और आधुनिक अवधारणा है जिसमें विद्यालय, पाठ्यक्रम, शिक्षण विधियाँ और संपूर्ण व्यवस्था बच्चे की व्यक्तिगत आवश्यकताओं और योग्यताओं के अनुरूप खुद को बदलती है (यानी 'छात्र के अनुकूल सिस्टम')। सालामांका स्टेटमेंट (1994) ने इसी समावेशी दृष्टिकोण पर बल दिया है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन, कृषि-जलवायु प्रदेशों और मृदा संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कृषि और जलवायु की विभिन्नताओं के आधार पर कुल नौ (9) कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जिसमें सबसे बड़ा क्षेत्र 'मैदानी भाग' और सबसे छोटा 'बुंदेलखंड क्षेत्र' माना जाता है। 2. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में पाई जाने वाली 'राड़' (Bhoor) या बलुई दोमट मृदा मूल रूप से पुरानी जलोढ़ (बांगर) मिट्टी का ही एक स्थानीय रूप है, जो अपेक्षाकृत अधिक उपजाऊ होती है और जिसमें नाइट्रोजन तथा फास्फोरस की प्रचुरता होती है। 3. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड) में मिलने वाली 'मार' (Maar) और 'कावर' (Kabar) मृदाएँ प्रकारान्तर से काली कपासी मिट्टी (Black Cotton Soil) से मिलती-जुलती हैं, जो नमी पाकर अत्यधिक चिपचिपी और सूखने पर बड़ी-बड़ी दरारें बनाने वाली होती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, पियाजे द्वारा बताए गए विकास के चार चरणों में से उस विशिष्ट चरण को पहचानिए जिसमें बालक 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), और 'क्रमबद्धता' (Seriation) जैसी तार्किक योग्यताओं को तो भली-भांति सीख लेता है, परंतु उसकी चिंतन प्रक्रिया अभी भी मूर्त या प्रत्यक्ष वस्तुओं और घटनाओं तक ही सीमित रहती है तथा वह अमूर्त या काल्पनिक (Hypothetical-deductive) प्रस्तावनाओं पर तार्किक विचार करने में असमर्थ होता है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्स्कड या मचान निर्माण' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Wernicke's Area) और 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Broca's Area) के बीच अंतर्संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, भाषा-मध्यस्थता और सामाजिक मध्यस्थता की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-संवादात्मक और निर्देशात्मक मचान' (Instructional Scaffolding) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम और सामाजिक-सांस्कृतिक शिक्षाशास्त्र (Sociocultural Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-नियमन, उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक कौशल व समग्र अंतःक्रियात्मक विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता (Creativity)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जोसफ गिल्फोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन (Divergent Thinking)' के घटकों — प्रवाहशीलता (Fluency), लचीलापन (Flexibility), मौलिकता (Originality), और विस्तारण (Elaboration) — के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), और 'सेरिएटर सैलियंस नेटवर्क' (Salience Network) के बीच वैचारिक लचीलेपन (Ideational Flexibility), डिफ़ॉल्ट और कार्यकारी प्रणालियों के बीच गतिशील युग्मन (Dynamic Coupling), और नवीनता उत्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा एलिस पॉल टॉरेन्स (E. Paul Torrance) के 'टॉरेन्स टेस्ट्स ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग' (TTCT) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, क्रिएटिविटी-ड्रिवेन कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Creativity-Driven Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में अपरंपरागत समस्या-समाधान, अभिनव विचार निर्माण व समग्र बौद्धिक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? बच्चों के सामाजिक विकास (Social Development) और समाजीकरण की प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समाजीकरण की प्रक्रिया में 'प्राथमिक समाजीकरण' (Primary Socialization) का मुख्य अभिकर्ता (Agent) परिवार को माना जाता है, जहाँ बच्चा शैशवावस्था और प्रारंभिक बाल्यावस्था के दौरान भाषा, संस्कृति और बुनियादी मूल्यों को सीखता है। 2. 'द्वितीयक समाजीकरण' (Secondary Socialization) के अंतर्गत विद्यालय, सहकर्मी समूह (Peer Group), मीडिया और पड़ोस आते हैं, जो बच्चे के बड़े होने पर उसके दृष्टिकोण, सामाजिक भूमिकाओं और औपचारिक नियमों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 3. लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Level) पर समाजीकरण और नैतिकता का आधार पूरी तरह से सामाजिक मानदंडों और कानूनों का बिना किसी आलोचना के आँख बंद कर पालन करना होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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