BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
6 views

भारत के संदर्भ में 'पालघाट दर्रा' (Palakkad Gap) निम्नलिखित में से किन दो पहाड़ियों के बीच स्थित है और यह किन दो राज्यों को आपस में जोड़ता है?

Detailed Explanation

पालघाट दर्रा (Palakkad Gap) पश्चिमी घाट की एक प्रमुख भौगोलिक विशेषता है, जो उत्तर में 'नीलगिरी पहाड़ियों' और दक्षिण में 'अन्नामलाई पहाड़ियों' के बीच स्थित है। यह प्राकृतिक दर्रा केरल के पलक्कड़ जिले को तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले से जोड़ता है। इस दर्रे का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह पश्चिमी घाट के अन्य संकीर्ण दर्रों की तुलना में काफी चौड़ा है और यहाँ से महत्वपूर्ण रेल व सड़क मार्ग गुजरते हैं जो केरल और तमिलनाडु के बीच व्यापार व आवागमन को सुगम बनाते हैं।
Share:

Related Questions

निम्नलिखित में से कौन सी 'मृदा' (Soil) स्वतः जुताई वाली (self-ploughing) मृदा के रूप में जानी जाती है? पृथ्वी के प्रमुख भू-आकारों, पर्वतों, पठारों और मरुस्थलों की उत्पत्ति तथा उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण अमेरिका में स्थित 'एंडीज पर्वतमाला' (Andes Mountains) विश्व की सबसे लंबी वलित पर्वत श्रृंखला है, जिसका निर्माण नाज़का प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट के अभिसरण (Convergence) के फलस्वरूप हुआ है। 2. 'तिब्बत का पठार' (Tibetan Plateau) एक अंतःपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो हिमालय और कुतुन शैन पर्वतश्रेणियों के बीच स्थित है और इसे 'विश्व की छत' कहा जाता है। 3. अटाकामा मरुस्थल दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित एक अति शुष्क मरुस्थल है, जिसके अत्यधिक शुष्क होने का प्रमुख कारण वहाँ बहने वाली ठंडी 'हम्बोल्ट धारा' (पेरू धारा) और अपतटीय हवाओं का चलना है। 4. 'कोलोरैडो का पठार' एक अंतःपर्वतीय पठार का उदाहरण है, जिससे होकर प्रसिद्ध कोलोरैडो नदी प्रवाहित होती है और उसने अपनी अपरदन क्रिया द्वारा इस पठार को काटकर 'ग्रैंड कैनियन' (Grand Canyon) का निर्माण किया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत में सिंचाई तकनीकों, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों की भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'सूक्ष्म सिंचाई' (Micro-irrigation) के अंतर्गत ड्रिप और फव्वारा (Sprinkler) सिंचाई पद्धतियाँ आती हैं, जो सतही सिंचाई की तुलना में जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अत्यधिक बढ़ाती हैं और भूजल के अति-दोहन को रोकने में मदद करती हैं। 2. 'धान' (Rice) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है जिसके लिए उच्च तापमान, उच्च आर्द्रता और जल-भराव की आवश्यकता होती है, और भारत में रोपण विधि (Transplanting) से इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। 3. 'सकल बोया गया क्षेत्र' (Gross Cropped Area) और 'शुद्ध बोए गए क्षेत्र' (Net Sown Area) के बीच का अंतर 'फसल गहनता' (Cropping Intensity) को दर्शाता है, जो यह बताता है कि एक कृषि वर्ष में किसी निश्चित भूमि पर कितनी बार फसलें उगाई जाती हैं। 4. 'जायद' की फसलें मुख्य रूप से खरीफ और रabi के बीच ग्रीष्मकालीन अल्प अवधि में उगाई जाती हैं, जिनमें तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसी फसलें शामिल हैं, जिन्हें पकने के लिए कम तापमान और उच्च आर्द्रता की आवश्यकता होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंबद्धताओं (Discontinuities) और चट्टानों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'कॉनराड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट (Sial) और निचली क्रस्ट (Sima) के बीच स्थित होती है, जबकि 'मोहरोविचिक असंबद्धता' (Mohorovičić Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के मध्य पाई जाती है। 2. 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) पृथ्वी के मेंटल और बाह्य कोर के बीच की सीमा है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगें (P-waves) अचानक मंद हो जाती हैं और द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं। 3. कायांतरित चट्टानों के निर्माण के दौरान, चूना पत्थर (Limestone) का कायांतरण होकर 'संगमरमर' (Marble) में और बलुआ पत्थर (Sandstone) का कायांतरण होकर 'क्वार्ट्जाइट' (Quartzite) में परिवर्तन होता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी का आंतरिक क्रोड (Inner Core) अत्यधिक उच्च दाब के कारण ठोस अवस्था में पाया जाता है, जबकि बाह्य क्रोड (Outer Core) पिघली हुई तरल अवस्था में स्थित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की क्रियाविधि और उसकी उत्पत्ति से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति में 'मेडागास्कर के पास मस्कलिन उच्च दाब' (Mascarene High) की स्थिति और ग्रीष्मकाल में उत्तर-पश्चिम भारत पर कम वायुदाब के क्षेत्र (मानसूनी गर्त) का विकास प्रमुख गतिक कारक हैं। 2. 'तिब्बत के पठार' का ग्रीष्मकाल में अत्यधिक गर्म होना एक तापीय इंजन के रूप में कार्य करता है, जिससे ऊपरी क्षोभमंडल में 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) उत्पन्न होती है, जो मानसून के आगमन और उसके स्थायित्व में सहायक होती है। 3. 'अल-निनो' (El Nino) की परिघटना के दौरान दक्षिणी प्रशांत महासागर में पेरू के तट के पास समुद्री सतह का तापमान सामान्य से कम हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप में वायुदाब की स्थिति मजबूत होती है और मानसून वर्षा में अत्यधिक वृद्धि होती है। 4. 'भारतीय हिंद महासागर द्विध्रुव' (Indian Ocean Dipole - IOD) का धनात्मक (+ve IOD) चरण पश्चिमी हिंद महासागर को गर्म और पूर्वी हिंद महासागर को ठंडा करता है, जो सामान्यतः भारतीय मानसून को मजबूत करने में सकारात्मक भूमिका निभाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.