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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंबद्धताओं (Discontinuities) और चट्टानों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'कॉनराड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट (Sial) और निचली क्रस्ट (Sima) के बीच स्थित होती है, जबकि 'मोहरोविचिक असंबद्धता' (Mohorovičić Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के मध्य पाई जाती है।
- 2. 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) पृथ्वी के मेंटल और बाह्य कोर के बीच की सीमा है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगें (P-waves) अचानक मंद हो जाती हैं और द्वितीयक तरंगें (S-waves) पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
- 3. कायांतरित चट्टानों के निर्माण के दौरान, चूना पत्थर (Limestone) का कायांतरण होकर 'संगमरमर' (Marble) में और बलुआ पत्थर (Sandstone) का कायांतरण होकर 'क्वार्ट्जाइट' (Quartzite) में परिवर्तन होता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी का आंतरिक क्रोड (Inner Core) अत्यधिक उच्च दाब के कारण ठोस अवस्था में पाया जाता है, जबकि बाह्य क्रोड (Outer Core) पिघली हुई तरल अवस्था में स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। (1) कॉनराड असंबद्धता ऊपरी और निचली क्रस्ट को अलग करती है, और मोहरोविचिक असंबद्धता क्रस्ट को मेंटल से पृथक् करती है। (2) गुटेनबर्ग असंबद्धता मेंटल और बाह्य कोर की सीमा है जहाँ S-तरंगें तरल बाह्य कोर के कारण आगे नहीं बढ़ पातीं और विलुप्त हो जाती हैं। (3) चूना पत्थर का तापीय/क्षेत्रीय कायांतरण संगमरमर में तथा बलुआ पत्थर का क्वार्ट्जाइट में होता है। (4) अत्यधिक उच्च दाब के प्रभाव के कारण आंतरिक कोर ठोस निकल और लोहे (Nife) से बनी है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भू-गर्भ की यह परतें पृथ्वी की गतिशीलता और चुंबकीय क्षेत्र को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
Related Questions
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भारत में सिंचाई के प्रमुख साधनों, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic zones) और फसल प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के कुल शुद्ध सिंचित क्षेत्र में 'नलकूप और अन्य कुओं' (Tube wells and wells) का हिस्सा सर्वाधिक है, जिसमें उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्य अग्रणी हैं, जबकि नहर सिंचाई का दूसरा सबसे बड़ा भाग उत्तर भारत के जलोढ़ मैदानों में पाया जाता है।
2. 'धान' (Rice) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है, जिसके लिए उच्च तापमान (25°C से ऊपर), उच्च आर्द्रता और 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है, किंतु भारत के पूर्वी तटीय डेल्टा क्षेत्रों और पंजाब-हरियाणा जैसे कम वर्षा वाले राज्यों में इसे नहरों और नलकूपों की भारी सिंचाई के माध्यम से सफलतापूर्वक उगाया जाता है।
3. 'ड्रिप सिंचाई' (Drip Irrigation) और 'फव्वारा सिंचाई' (Sprinkler Irrigation) जैसी सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियाँ न केवल जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अधिकतम करती हैं, बल्कि मृदा के क्षारीय होने और भूजल स्तर के अत्यधिक दोहन को भी पूरी तरह से रोक देती हैं।
4. मिश्रित कृषि (Mixed Farming) के अंतर्गत फसलों के उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन और कुक्कुट पालन को भी एक साथ अपनाया जाता है, जो भारतीय किसानों के लिए जोखिम को कम करने और वर्ष भर आय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में सबसे ऊँचा जलप्रपात (Waterfall) कौन सा है?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय नितल के उच्चावच में 'महाद्वीपीय मग्नतट' (Continental Shelf) सबसे उथला भाग होता है, जिसकी औसत प्रवणता बहुत कम होती है और यह क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मत्सय क्षेत्रों (Fishing Grounds) के रूप में जाना जाता है।
2. जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक समकोण (Right Angle) की स्थिति में होते हैं, तो सूर्य और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल एक-दूसरे के प्रभाव को संतुलित करते हैं, जिससे न्यूनतम ज्वार या 'लघु ज्वार' (Neap Tide) की उत्पत्ति होती है, और यह स्थिति प्रत्येक माह की कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की अष्टमी को होती है।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है और यह सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) को मलय प्रायद्वीप से अलग करती है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अत्यधिक रणनीतिक महत्व रखती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'बेरिंग जलसंधि' (Bering Strait) अटलांटिक महासागर और आर्कटिक महासागर को जोड़ती है तथा एशिया के साइबेरिया क्षेत्र को उत्तरी अमेरिका के अलास्का से अलग करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में उत्तर-भारत के मैदानी भागों में अत्यधिक ताप के कारण 'मानसून गर्त' (Monsoon Trough) का निर्माण होता है, जो अंतःउष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) का ही ग्रीष्मकालीन विस्तारित रूप है।
2. मेडागास्कर के पूर्व में हिंद महासागर के ऊपर स्थित 'मस्कैmas उच्च वायुदाब' (Mascarene High) की तीव्रता दक्षिण-पश्चिम मानसून की पवनों को भारतीय उपमहाद्वीप की ओर धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
3. जेट स्ट्रीम का सिद्धांत यह बताता है कि ग्रीष्मकाल के दौरान उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Tropical Easterly Jet Stream) का तिब्बत के पठार के ऊपर उत्तर की ओर विस्थापन मानसून की सक्रियता को कमजोर करता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार एल नीनो (El Niño) घटना के दौरान दक्षिण अमेरिकी तट के पास पेरू की ठंडी जलधारा के स्थान पर गर्म जलधारा का विकास होता है, जिससे भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा में अक्सर कमी (सूखे की स्थिति) देखने को मिलती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में कोयले का सबसे बड़ा भंडार किस राज्य में पाया जाता है?
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